दिल्ली में नई ईवी पॉलिसी हुई लागू, कार और स्कूटर खरीदने पर मिलेगी बंपर छूट

Delhi EV Policy
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दिल्ली में प्रदूषण की समस्या को कम करने और सड़कों पर पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बेहद बड़ा कदम उठाया है। राजधानी में प्रदूषण मुक्त सफर को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है। दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी और उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू की अंतिम मुहर के बाद इस ऐतिहासिक नीति को हरी झंडी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में तैयार की गई यह नीति दिल्ली को देश की सबसे एडवांस इलेक्ट्रिक मोबिलिटी राजधानी बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाली है।

इस नई नीति के लागू होने के बाद से दिल्ली में रहने वाले उन लोगों के लिए नया वाहन खरीदना बेहद फायदेमंद हो गया है जो काफी समय से एक अच्छा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का मन बना रहे थे। सरकार की इस पहल से न केवल हवा साफ होगी, बल्कि उन आम नागरिकों की जेब पर भी बोझ कम होगा जो पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान हो चुके हैं।

पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य और कब तक लागू रहेंगे ये नियम

दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 का सबसे प्रमुख लक्ष्य दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों की संख्या को कम करके शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों यानी प्योर इलेक्ट्रिक वाहनों को बहुसंख्यक बनाना है। सरकार ने इसके लिए एक लंबा और बहुत ही व्यवस्थित रोडमैप तैयार किया है। यह नई पॉलिसी 31 मार्च 2030 तक वैध रहेगी। इसका मतलब है कि आने वाले करीब चार सालों तक वाहन निर्माताओं, डीलर्स और आम ग्राहकों के पास इस नीति का फायदा उठाने का एक बेहतरीन और साफ मौका होगा।

इस नीति के तहत दिल्ली सरकार ने केवल गाड़ियों की बिक्री बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दिया है, बल्कि शहर के भीतर एक ऐसा मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने की कोशिश की है जिससे गाड़ी खरीदने के बाद ग्राहकों को चार्जिंग या सर्विसिंग को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता न रहे। सरकार का मानना है कि इस नीति की मदद से आने वाले समय में राजधानी के भीतर होने वाले कुल वाहन प्रदूषण में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

लाखों रुपये की बचत और स्क्रैपेज पॉलिसी का सबसे बड़ा फायदा

इस नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति की सबसे बड़ी यूएसपी या खासियत इसमें मिलने वाली भारी-भरकम टैक्स छूट और वित्तीय लाभ हैं। सरकार ने आम बजट और मध्यमवर्गीय परिवारों को ध्यान में रखते हुए बेहद आकर्षक घोषणाएं की हैं। अगर आप दिल्ली में ₹30 लाख से कम कीमत की कोई भी नई इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो आपको रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह से मुक्ति मिल जाएगी। यानी आपको इसके लिए एक भी रुपया नहीं चुकाना होगा, जिससे कार की ऑन-रोड कीमत में सीधे तौर पर लाखों रुपये की कमी आ जाएगी।

इसके अलावा पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को सड़कों से हटाने के लिए सरकार ने एक बहुत ही दमदार स्क्रैपेज इंसेंटिव की शुरुआत की है। अगर आप अपने किसी पुराने बीएस 4 टू-व्हीलर यानी पेट्रोल स्कूटर या मोटरसाइकिल को स्क्रैप करके एक नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते हैं, तो सरकार की तरफ से आपको ₹10,000 की सीधी नकद छूट मिलेगी। वहीं अगर आप अपनी पुरानी बीएस 4 कार को स्क्रैप करके एक नई इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो यह स्क्रैपेज सपोर्ट सीधे ₹1 लाख तक का हो जाता है। सरकार का अनुमान है कि इस पूरी पॉलिसी के दौरान ग्राहकों को मिलने वाली कुल टैक्स छूट करीब ₹15,000 करोड़ के विशाल आंकड़े को छू सकती है।

बैटरी चार्जिंग की टेंशन खत्म, दिल्ली में बनेगा फास्ट चार्जर्स का जाल

Delhi EV Policy 2026
Delhi EV Policy 2026

इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वाले हर ग्राहक के मन में सबसे बड़ा डर रेंज एंजाइटी यानी रास्ते में बैटरी खत्म होने का होता है। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए दिल्ली सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के तहत एक बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इस योजना के तहत पूरी दिल्ली में 32,000 नए डीसी फास्ट चार्जर्स लगाए जाएंगे। इन फास्ट चार्जर्स की मदद से गाड़ियां कुछ ही मिनटों में चार्ज हो सकेंगी, जिससे ग्राहकों का कीमती समय बचेगा।

इन चार्जर्स को लगाने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा। इन्हें दिल्ली के सभी प्रमुख रिहायशी इलाकों, बड़े कमर्शियल हब्स, शॉपिंग मॉल्स, प्रमुख हाईवे और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर रणनीतिक रूप से लगाया जाएगा। इतने बड़े पैमाने पर फास्ट चार्जिंग नेटवर्क तैयार होने से न केवल निजी वाहन मालिकों को फायदा होगा, बल्कि दिल्ली में चलने वाली कमर्शियल फ्लीट, ओला, उबर और लॉजिस्टिक्स डिलीवरी करने वाले वाहनों के लिए भी काम करना बेहद आसान हो जाएगा।

पॉलिसी के मुख्य नियमों और शर्तों को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका को देखें।

वाहन का प्रकारनियम, शर्तें और पात्रतामिलने वाली छूट और वित्तीय लाभ
इलेक्ट्रिक कारकीमत ₹30 लाख से कम होनी चाहिएरोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से 100% पूरी छूट
पुराना टू-व्हीलरबीएस 4 मॉडल का स्क्रैपेज करने परनए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर ₹10,000 का डिस्काउंट
पुरानी फोर-व्हीलरबीएस 4 मॉडल का स्क्रैपेज करने परनई इलेक्ट्रिक कार पर पूरे ₹1 लाख की बंपर छूट
चार्जिंग नेटवर्कपूरी दिल्ली में व्यापक रूप से स्थापना32,000 नए डीसी फास्ट चार्जर्स का विशाल नेटवर्क
पॉलिसी की समयसीमावैधता की अवधि31 मार्च 2030 तक पूरी तरह लागू

पॉलिसी की कुछ सीमाएं और इन वाहनों को नहीं मिलेगा कोई फायदा

जहां एक तरफ यह पॉलिसी कई बेहतरीन फायदे लेकर आई है, वहीं इसके कुछ कड़े नियम और सीमाएं भी हैं जिन्हें गाड़ी खरीदने से पहले जानना बेहद जरूरी है। सरकार ने साफ किया है कि ₹30 लाख से अधिक कीमत वाली प्रीमियम और लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों को इस टैक्स छूट के दायरे से बाहर रखा गया है। इसका मतलब है कि महंगी और लग्जरी गाड़ियां खरीदने वाले अमीरों को स्टैंडर्ड रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस का पूरा भुगतान करना होगा। सरकार का मुख्य फोकस बजट सेगमेंट के वाहनों को बढ़ावा देना है।

इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पॉलिसी में किसी भी तरह के हाइब्रिड वाहनों को शामिल नहीं किया गया है। चाहे वह माइल्ड हाइब्रिड हो या प्लग-इन हाइब्रिड, उन्हें इस नीति के तहत कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि भारतीय बाजार में बेहद लोकप्रिय मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाइराइडर और होंडा सिटी ई-एचईवी जैसी मजबूत हाइब्रिड कारों को दिल्ली में कोई टैक्स छूट नहीं दी जाएगी। इतना ही नहीं, आने वाली नई प्लग-इन हाइब्रिड कारें जैसे एमजी स्टारलाइट और बीवाईडी सील यू डीएम-आई भी इस इंसेंटिव के दायरे से पूरी तरह बाहर रहेंगी। सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ प्योर इलेक्ट्रिक यानी जीरो एमिशन वाली टेक्नोलॉजी पर ही केंद्रित है।

ऑटोमोबाइल मार्केट पर होने वाला असर और भविष्य की तस्वीर

दिल्ली सरकार के इस कदम से ऑटोमोबाइल मार्केट में एक नई हलचल पैदा होना बिल्कुल तय है। इस नीति के लागू होने के बाद तमाम बड़ी कार और स्कूटर निर्माता कंपनियां दिल्ली के मार्केट को ध्यान में रखते हुए अपने नए बजट इलेक्ट्रिक मॉडल्स को तेजी से लॉन्च करने की तैयारी में जुट गई हैं। कंपनियों का पूरा ध्यान अब स्थानीय स्तर पर प्रोडक्शन बढ़ाने पर होगा ताकि वे ₹30 लाख के भीतर अपनी बेहतरीन गाड़ियां पेश कर सकें और ग्राहकों को पूरी छूट का फायदा मिल सके।

आम ग्राहकों के साथ-साथ यह पॉलिसी दिल्ली के बड़े फ्लीट ऑपरेटर्स और कैब कंपनियों के लिए भी मुनाफे का सौदा साबित होने वाली है। केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव जैसी सब्सिडी योजनाओं के साथ मिलकर दिल्ली की यह नई पॉलिसी देश की राजधानी को एक आदर्श प्रदूषण मुक्त शहर बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में दिल्ली को देखकर देश के अन्य राज्य भी अपने यहां इसी तरह की नीतियां लागू कर सकते हैं, जिससे पूरे भारत में एक मजबूत ईवी इकोसिस्टम तैयार होगा।

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