कॉलेज की पढ़ाई शुरू होने के साथ ही आपको रोजमर्रा के कामों के लिए एक पर्सनल गाड़ी की सख्त जरूरत महसूस होती है। सुबह जल्दी क्लास पहुंचना हो, शाम को दोस्तों के साथ कैफे जाना हो, ग्रुप स्टडी के लिए किसी दोस्त के घर जाना हो या फिर कोचिंग क्लासेस अटेंड करनी हों, आपको एक भरोसेमंद साधन चाहिए। आज के समय में पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए पेट्रोल स्कूटर खरीदना किसी भी नजरिए से समझदारी का फैसला नहीं है। एक कॉलेज स्टूडेंट अगर रोज 20 km से 30 km गाड़ी चलाता है, तो महीने का पेट्रोल का खर्च काफी ज्यादा हो जाता है। ऐसे में इलेक्ट्रिक स्कूटर आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प बन कर सामने आता है। यह आपकी पॉकेट मनी बचाता है और इसे चलाना भी काफी आसान है।
मार्केट में आज दर्जनों कंपनियां अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर बेच रही हैं। हर कंपनी का दावा है कि उनकी गाड़ी सबसे अच्छी है। एक स्टूडेंट या उनके माता पिता के लिए सही इलेक्ट्रिक स्कूटर चुनना एक मुश्किल काम बन जाता है। एक सीनियर ऑटो जर्नलिस्ट के तौर पर मैंने भारत में बिकने वाली लगभग हर इलेक्ट्रिक स्कूटर को चलाकर देखा है और उसकी टेस्टिंग की है। मुझे हर दिन ढेरों सवाल मिलते हैं कि कॉलेज जाने वाले युवाओं के लिए कौन सा विकल्प सबसे सही रहेगा।
मैं आपको एकदम स्पष्ट और सीधे शब्दों में बताऊंगा कि आपको अपना पैसा कहां लगाना चाहिए। हम असल रेंज, बैटरी पैक, फीचर्स, चार्जिंग और सर्विस नेटवर्क के आधार पर भारतीय बाजार की सबसे बेहतरीन गाड़ियों पर बात करेंगे। मैं आपको किताबी बातें नहीं बताऊंगा बल्कि असल जिंदगी में ये गाड़ियां कैसा परफॉरमेंस देती हैं, इस पर हम विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप और आपके माता पिता एक सही फैसला ले सकें।
इलेक्ट्रिक स्कूटर चुनने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
एक सही इलेक्ट्रिक स्कूटर चुनने के लिए आपको अपनी रोजमर्रा की जरूरत को गहराई से समझना होगा। हर इंसान की जरूरत और चलाने का तरीका अलग होता है। आप गाड़ी खरीदने शोरूम जाएं, उससे पहले आपको इन अहम बातों को समझना चाहिए।
रेंज और बैटरी कैपेसिटी
सबसे पहली बात रेंज की आती है। कंपनियों के ब्रोशर में जो रेंज लिखी होती है, असल जिंदगी में गाड़ी उतना नहीं चलती। अगर कोई कंपनी 150 km की रेंज का दावा कर रही है, तो असल में वह गाड़ी फुल चार्ज पर 100 km या 110 km ही चलेगी। एक कॉलेज स्टूडेंट के लिए 80 km से 100 km की असली रेंज वाली गाड़ी बिल्कुल सही रहती है। आपको बार बार चार्जर ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आप आसानी से दो से तीन दिन तक बिना चार्ज किए अपना काम चला सकते हैं। आपको बैटरी केमिस्ट्री के बारे में भी बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है, आजकल की ज्यादातर गाड़ियां सुरक्षित और लंबे समय तक चलने वाली बैटरी के साथ आती हैं जो आराम से कई सालों तक आपका साथ निभाएंगी।
चार्जिंग की सुविधा
यह बात उन स्टूडेंट्स के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है जो अपने घर से दूर हॉस्टल या पीजी में रहते हैं। हॉस्टल की पार्किंग में अक्सर चार्जिंग के लिए प्लग पॉइंट नहीं होता है। आप तीसरी मंजिल से पार्किंग तक तार नहीं खींच सकते। ऐसे में आपके लिए ऐसी गाड़ी लेना जरूरी है जिसमें रिमूवेबल बैटरी पैक मिलता हो। आप आसानी से बैटरी निकालकर अपने कमरे में ले जा सकते हैं और उसे अपने मोबाइल या लैपटॉप की तरह प्लग में लगाकर चार्ज कर सकते हैं। अगर आप अपने घर में रहते हैं, तो फिक्स्ड बैटरी वाली गाड़ी आपके लिए बिल्कुल ठीक रहेगी क्योंकि आप पार्किंग में एक बार चार्जर फिक्स करवा कर रोज गाड़ी चार्ज कर सकते हैं।
बूट स्पेस की जरूरत
तीसरी बात बूट स्पेस यानी डिक्की की जगह की है। कॉलेज जाते वक्त आपके पास बड़ा बैग, लैपटॉप और हेलमेट होता है। आपको ऐसी गाड़ी चाहिए जिसमें कम से कम 30 लीटर का स्पेस हो। इससे आपको अपना भारी बैग हमेशा कंधों पर टांग कर नहीं रखना पड़ेगा। अगर आप प्रोजेक्ट के मॉडल या स्पोर्ट्स का सामान ले जाते हैं, तो गाड़ी का फ्लोरबोर्ड भी चौड़ा और सपाट होना चाहिए ताकि आप वहां भी सामान रख सकें।
सर्विस और वारंटी
इलेक्ट्रिक स्कूटर में पेट्रोल गाड़ी की तरह इंजन ऑयल या स्पार्क प्लग नहीं बदलना पड़ता, इसलिए इसकी सर्विसिंग बहुत सस्ती होती है। आपको सिर्फ ब्रेक पैड और टायर का ध्यान रखना होता है। फिर भी, गाड़ी में कोई इलेक्ट्रॉनिक दिक्कत आ सकती है। इसलिए ऐसी कंपनी चुनें जिसका सर्विस सेंटर आपके कॉलेज या घर के आस पास हो।
कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए 5 सबसे बेहतरीन इलेक्ट्रिक स्कूटर
1. ओला एस 1 एक्स
अगर आपका बजट कम है और आप एक ऐसी गाड़ी चाहते हैं जिसमें आपको अच्छी रेंज मिले, तो ओला एस 1 एक्स आपके लिए सबसे सही विकल्प है। यह ओला की सबसे किफायती गाड़ी है। कंपनी ने इसे 2 kWh, 3 kWh और 4 kWh बैटरी विकल्पों के साथ बाजार में उतारा है। एक स्टूडेंट के लिए 3 kWh वाला मॉडल सबसे बढ़िया काम करता है। इसकी कीमत 85,000 रुपये से लेकर 90,000 रुपये के बीच आती है जो इसे काफी आकर्षक बनाता है।
इस स्कूटर में आपको असल जिंदगी में लगभग 100 km से 110 km की रेंज आराम से मिल जाती है। इसकी टॉप स्पीड 90 kmph है जो शहर के ट्रैफिक और खुले रास्तों के लिए काफी सुरक्षित और पर्याप्त है। इसमें आपको 34 लीटर का बड़ा बूट स्पेस मिलता है जिसमें आप फुल फेस हेलमेट और अपना कॉलेज का बैग आसानी से रख सकते हैं। ओला की इस गाड़ी में आपको चाबी नहीं मिलती है। आप एक पिन कोड डालकर इसे स्टार्ट कर सकते हैं। कॉलेज में अक्सर चाबी गुम होने का डर रहता है, इसलिए यह फीचर आपके बहुत काम आएगा।
इस गाड़ी का फ्लोरबोर्ड बिल्कुल फ्लैट है, जो किसी भी बड़े सामान को रखने के लिए शानदार है। सामने की तरफ इसमें टेलिस्कोपिक सस्पेंशन मिलता है जो गड्ढों में आपको झटके लगने से बचाता है। गाड़ी की बैटरी को पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 7 घंटे का समय लगता है। अगर आप रात में इसे चार्ज पर लगा देंगे, तो सुबह आपको यह फुल चार्ज मिलेगी। ओला अपनी बैटरी पर 8 साल की लंबी वारंटी भी दे रही है। इससे आपके माता पिता को गाड़ी के रखरखाव और भविष्य में बैटरी बदलने के खर्च को लेकर कोई चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
| स्पेसिफिकेशन | जानकारी |
| बैटरी कैपेसिटी | 3 kWh |
| असली रेंज | 100 km |
| टॉप स्पीड | 90 kmph |
| चार्जिंग का समय | 7 घंटे |
| बूट स्पेस | 34 लीटर |
| शुरुआती कीमत | 85,000 रुपये |
2. एथर 450X

युवाओं के बीच एथर का नाम काफी मशहूर है। अगर आपको एक स्पोर्टी लुक वाली गाड़ी चाहिए जिसकी हैंडलिंग और ब्रेक बहुत तेज हों, तो एथर 450 एक्स आपके लिए बनी है। यह गाड़ी अपने बेहतरीन बैलेंस और मजबूत एल्युमीनियम चेसिस के लिए जानी जाती है। भारी ट्रैफिक के बीच से गाड़ी निकालना हो या मोड़ पर गाड़ी घुमानी हो, एथर आपको पूरा कॉन्फिडेंस देती है। इसका डिजाइन बहुत ही स्लीक और मॉडर्न है जो कॉलेज पार्किंग में अलग ही नजर आता है।
इस गाड़ी में आपको 3.7 kWh का बैटरी पैक मिलता है। यह 0 से 40 kmph की स्पीड मात्र 3.3 सेकंड में पकड़ लेती है। इसकी असली रेंज करीब 110 km है और टॉप स्पीड 90 kmph तक जाती है। एथर की सबसे अच्छी बात इसका सॉफ्टवेयर है। इसके डैशबोर्ड पर जो रेंज दिखती है, वह बिल्कुल सटीक होती है, यह आपके चलाने के तरीके को समझकर आपको सही रेंज बताती है। इसमें आपको डैशबोर्ड पर ही नेविगेशन का सपोर्ट मिलता है। अगर आप अपने शहर में किसी नए कैफे या नई जगह पर जा रहे हैं, तो आपको बार बार फोन निकालकर रास्ता देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इसकी कीमत 1.30 लाख रुपये से 1.50 लाख रुपये के बीच आती है। इसका एक फीचर ऑटो होल्ड भी है, जो ढलान पर गाड़ी को पीछे जाने से रोकता है। बेसमेंट पार्किंग से बाहर निकलते वक्त यह फीचर बहुत उपयोगी है। चार्जिंग के मामले में यह अपने चार्जर से 5 घंटे से 6 घंटे के बीच फुल चार्ज हो जाती है। इसका बूट स्पेस ओला के मुकाबले थोड़ा कम है, लेकिन एक हेलमेट या कॉलेज का बैग इसमें आराम से आ जाता है।
| स्पेसिफिकेशन | जानकारी |
| बैटरी कैपेसिटी | 3.7 kWh |
| असली रेंज | 110 km |
| टॉप स्पीड | 90 kmph |
| चार्जिंग का समय | 5.5 घंटे |
| एक्सीलरेशन 0 से 40 kmph | 3.3 सेकंड |
| शुरुआती कीमत | 1.30 लाख रुपये |
3. टीवीएस आईक्यूब
टीवीएस आईक्यूब एक ऐसी गाड़ी है जो पूरे परिवार के काम आती है। अगर आप एक ऐसी स्कूटर चाहते हैं जो दिखने में पारंपरिक और सामान्य गाड़ी जैसी लगे और जिसमें सॉफ्टवेयर हैंग होने जैसी कोई दिक्कत ना हो, तो आपको टीवीएस आईक्यूब खरीद लेनी चाहिए। यह गाड़ी अपनी मजबूती और एकदम शांत मोटर के लिए जानी जाती है। जब आप इसे चलाते हैं, तो इसमें से कोई आवाज नहीं आती और इसका सस्पेंशन भारतीय सड़कों के खराब रास्तों को बहुत अच्छी तरह से हैंडल करता है।
आईक्यूब के नए मॉडल्स में आपको 3.4 kWh की बैटरी मिलती है जो असल जिंदगी में 100 km की आरामदायक रेंज देती है। इसकी टॉप स्पीड 78 kmph है। यह स्पीड आपको बहुत ज्यादा नहीं लगेगी लेकिन शहर के अंदर चलाने के लिए यह एकदम सुरक्षित और पर्याप्त है। इसमें आपको एक बहुत ही काम का फीचर मिलता है जिसे क्यू पार्क असिस्ट कहते हैं। कॉलेज की भीड़ भाड़ वाली पार्किंग से गाड़ी को पीछे निकालना हो, तो यह रिवर्स मोड बहुत मददगार साबित होता है।
इस गाड़ी की कीमत 1.15 लाख रुपये से शुरू होती है। इसकी सीट काफी चौड़ी और लंबी है। अगर आप अपने किसी दोस्त को पीछे बैठाकर कॉलेज जा रहे हैं, तो पीछे बैठने वाले इंसान को भी बहुत आराम मिलेगा। इसमें डुअल शॉक एब्जॉर्बर लगे हैं जो राइड को स्मूथ बनाते हैं। इसकी बैटरी को जीरो से फुल चार्ज होने में लगभग 4.5 घंटे का समय लगता है। टीवीएस का सर्विस नेटवर्क देश के हर कोने में मौजूद है, इसलिए मेंटेनेंस को लेकर कोई भी समस्या नहीं आती है।
| स्पेसिफिकेशन | जानकारी |
| बैटरी कैपेसिटी | 3.4 kWh |
| असली रेंज | 100 km |
| टॉप स्पीड | 78 kmph |
| चार्जिंग का समय | 4.5 घंटे |
| खास फीचर | क्यू पार्क असिस्ट रिवर्स मोड |
| शुरुआती कीमत | 1.15 लाख रुपये |
4. हीरो विदा V1 प्रो
हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी विडा सीरीज को स्टूडेंट्स और पीजी में रहने वाले लोगों को ध्यान में रखकर ही डिजाइन किया है। जैसा कि मैंने पहले बताया, अगर आप पीजी या हॉस्टल में रहते हैं, तो गाड़ी को चार्ज करना आपकी सबसे बड़ी परेशानी होती है। विडा वी 1 प्रो में आपको रिमूवेबल बैटरी पैक की सुविधा मिलती है। इसमें दो अलग अलग बैटरियां लगी होती हैं। आप आसानी से डिक्की खोलकर दोनों या किसी एक बैटरी को बाहर निकाल सकते हैं और अपने कमरे में ले जाकर चार्ज कर सकते हैं।
इस स्कूटर में आपको कुल 3.94 kWh की बैटरी कैपेसिटी मिलती है। यह असल जिंदगी में आपको 110 km की रेंज आराम से दे देती है। इसकी टॉप स्पीड 80 kmph है। इसमें एक कस्टम राइड मोड भी है जिसमें आप अपनी पसंद के हिसाब से गाड़ी की स्पीड और एक्सीलरेशन को खुद सेट कर सकते हैं। एक और खास बात यह है कि अगर एक बैटरी खत्म हो जाए, तो आप इसे सिर्फ दूसरी बैटरी के सहारे भी चला सकते हैं।
इसकी कीमत 1.30 लाख रुपये के आस पास है। अगर गाड़ी की बैटरी बहुत ज्यादा कम हो जाती है, तो इसमें एक लिम्प होम मोड चालू हो जाता है। यह गाड़ी की स्पीड को कम कर देता है ताकि आप सुरक्षित अपने घर तक पहुंच सकें। अगर आपके पास पार्किंग में चार्जिंग पॉइंट नहीं है, तो आप बिना ज्यादा सोचे इस गाड़ी को खरीद सकते हैं।
| स्पेसिफिकेशन | जानकारी |
| बैटरी कैपेसिटी | 3.94 kWh रिमूवेबल |
| असली रेंज | 110 km |
| टॉप स्पीड | 80 kmph |
| चार्जिंग का समय | 6 घंटे |
| खास फीचर | दो अलग रिमूवेबल बैटरी |
| शुरुआती कीमत | 1.30 लाख रुपये |
5. बजाज चेतक
बजाज चेतक एक ऐसा नाम है जिस पर भारतीय ग्राहक सालों से भरोसा करते आए हैं। कॉलेज की पार्किंग में गाड़ियां अक्सर एक दूसरे से टकरा जाती हैं और फाइबर वाली गाड़ियों में टूट फूट या स्क्रैच बहुत जल्दी आते हैं। बजाज चेतक की पूरी बॉडी सॉलिड मेटल से बनी है। अगर यह गाड़ी पार्किंग में किसी से हलकी फुल्की टकरा भी जाए, तो इसमें कोई खास नुकसान नहीं होता है।
चेतक के नए मॉडल्स में 2.88 kWh से लेकर 3.2 kWh बैटरी के विकल्प मिलते हैं। यह आपको वेरिएंट के हिसाब से 100 km से लेकर 113 km तक की असली रेंज देती है। इसकी टॉप स्पीड 73 kmph है। यह गाड़ी रेस लगाने के लिए नहीं बनी है, लेकिन इसकी बिल्ड क्वालिटी बहुत ही प्रीमियम है। इसका पेंट, इसके बटन और इसकी फिनिशिंग बाजार में मौजूद कई महंगी गाड़ियों से भी बेहतर है। यह IP67 रेटिंग के साथ आती है, जिसका मतलब है कि बारिश के मौसम में पानी भरे रास्तों से निकलने में भी इस गाड़ी को कोई नुकसान नहीं होता है।
इसकी बैटरी को चार्ज होने में लगभग 4.5 घंटे लगते हैं। बजाज चेतक की कीमत 96,000 रुपये से शुरू होकर वेरिएंट के आधार पर 1.40 लाख रुपये तक जाती है। अगर आप एक रफ एंड टफ इस्तेमाल वाली गाड़ी खोज रहे हैं जो सालों साल बिना किसी बड़ी टूट फूट के आपका साथ दे, तो यह एक शानदार विकल्प है।
| स्पेसिफिकेशन | जानकारी |
| बैटरी कैपेसिटी | 2.88 kWh से 3.2 kWh |
| असली रेंज | 100 km से 113 km |
| टॉप स्पीड | 73 kmph |
| चार्जिंग का समय | 4.5 घंटे |
| बॉडी टाइप | फुल मेटल बॉडी |
| शुरुआती कीमत | 96,000 रुपये |
आपको कौन सी स्कूटर खरीदनी चाहिए?
आपकी जरूरत ही यह तय करेगी कि कौन सी गाड़ी आपके लिए सबसे अच्छी है। अगर आपका बजट टाइट है और आपको कम पैसों में ज्यादा फीचर्स और एक अच्छी रेंज वाली गाड़ी चाहिए, तो आप ओला एस 1 एक्स खरीद सकते हैं। यह हर दिन 30 km से 40 km चलने वाले स्टूडेंट्स के लिए सबसे सही गाड़ी है।
अगर आपके कॉलेज का रास्ता काफी घुमावदार है या ट्रैफिक वाला है, आपको एक अच्छी राइड क्वालिटी चाहिए और आप टेक्नोलॉजी से प्यार करते हैं, तो एथर 450 एक्स आपकी उम्मीदों पर बिल्कुल खरी उतरेगी। वहीं अगर आप एक ऐसी गाड़ी चाहते हैं जिसे आपके माता पिता भी आसानी से चला सकें और जो सर्विसिंग के मामले में पूरी तरह से भरोसेमंद हो, तो टीवीएस आईक्यूब और बजाज चेतक दोनों ही बहुत बढ़िया गाड़ियां हैं।
जिन स्टूडेंट्स को हॉस्टल या पीजी की पार्किंग में चार्जर लगाने की अनुमति नहीं है और उन्हें बैटरी अपने कमरे में ले जाकर चार्ज करनी पड़ती है, उनके लिए हीरो विडा वी 1 प्रो ही सबसे आसान और सुरक्षित विकल्प है। आप जिस भी गाड़ी को खरीदने का मन बनाएं, आप एक बार अपने नजदीकी शोरूम जाकर उसकी टेस्ट राइड जरूर लें। गाड़ी चलाकर देखने से आपको उसके वजन, उसकी ऊंचाई और ब्रेक का बिल्कुल सही अंदाजा मिल जाएगा।








