महिंद्रा XUV400 EV: असली ड्राइविंग टेस्ट और मेंसइवी टीम का गहराई से रिव्यू

XUV400 EV
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भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की भीड़ बढ़ रही है, लेकिन मेंसइवी की टीम हमेशा एक ऐसी गाड़ी की तलाश में रहती है जो सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि भारतीय सड़कों पर खरी उतरे। महिंद्रा XUV400 EV को हमने करीब 500 km तक अलग-अलग परिस्थितियों में टेस्ट किया। हमने इसे भोपाल के वीआईपी रोड की चढ़ाइयों पर चलाया और इंदौर हाईवे पर इसकी टॉप स्पीड और स्टेबिलिटी को परखा। यह आर्टिकल हमारे उसी व्यक्तिगत अनुभव और टेक्निकल रिसर्च का निचोड़ है।

डिजाइन और डायमेंशन: पहली नजर का धोखा और असली साइज

जब आप पहली बार XUV400 को देखते हैं, तो लगता है कि यह वही पुरानी XUV300 है। लेकिन हमारी टीम ने जब फीता लेकर इसे नापा और पार्किंग में दूसरी गाड़ियों के बगल में खड़ा किया, तब फर्क समझ आया। यह गाड़ी अपनी कॉम्पिटिशन वाली गाड़ियों से काफी लंबी और चौड़ी महसूस होती है। इसका सीधा असर इसके केबिन के अंदर मिलने वाले स्पेस पर पड़ता है। नीचे दी गई टेबल में हमने इसके सटीक डायमेंशन और टेक्निकल डिटेल्स दी हैं जिन्हें हमने अपनी जांच में सही पाया है।

डायमेंशन और टेक्निकल डिटेल्स टेबल

पैरामीटरस्पेसिफिकेशन और डिटेल्स
कुल लंबाई4200 mm
कुल चौड़ाई1821 mm
कुल ऊंचाई1634 mm
व्हीलबेस2600 mm (सबसे ज्यादा स्पेस)
ग्राउंड क्लीयरेंस190 mm (बिना लोड के)
बूट स्पेस378 लीटर
टर्निंग रेडियस5.3 मीटर
टायर साइज205/65 R16 (डायमंड कट अलॉय)
कर्ब वेट1580 kg से 1600 kg के बीच

मेंसइवी ड्राइविंग एक्सपीरियंस

Mahindra XUV400 EV
Mahindra XUV400 EV

हमने जब इस गाड़ी का ‘फन’ मोड एक्टिवेट किया, तो शहर के ट्रैफिक में यह किसी भी आम पेट्रोल कार को बहुत पीछे छोड़ देती है। लेकिन असली मजा इसके ‘फियरलेस’ मोड में है। जैसे ही आप पेडल दबाते हैं, 310 Nm का टॉर्क आपको सीट से चिपका देता है। हमने टेस्ट के दौरान पाया कि 0 से 100 kmph की रफ्तार पकड़ने में यह कंपनी के दावे (8.3 सेकंड) के बहुत करीब रहती है।

एक खास बात जो हमने नोटिस की, वो है इसकी ‘सिंगल पेडल ड्राइविंग’। अगर आप इसे सही से इस्तेमाल करें, तो आपको बार-बार ब्रेक लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। जैसे ही आप एक्सीलेटर से पैर हटाते हैं, गाड़ी खुद को धीरे करने लगती है और उस एनर्जी से बैटरी को चार्ज (रीजेनरेटिव ब्रैकिंग) करती है। भोपाल के बड़े तालाब के किनारे ढलान पर उतरते वक्त हमने देखा कि बैटरी का पर्सेंटेज 1-2 प्रतिशत बढ़ गया था।

रियल वर्ल्ड रेंज टेस्ट: क्या 456 km का दावा सच है?

मेंसइवी की टीम ने इस कार का ‘रेंज टेस्ट’ बहुत ही सख्त तरीके से किया। कंपनी 456 km की रेंज बताती है, लेकिन हमने पाया कि भारतीय सड़कों पर यह मुमकिन नहीं है।

  • शहर के अंदर: अगर आप शांति से और AC चलाकर ड्राइव करते हैं, तो 39.4 kWh वाली बैटरी आसानी से 290 से 300 km निकाल देती है।
  • हाईवे पर: अगर आपकी रफ्तार 100 kmph से ऊपर रहती है, तो रेंज तेजी से गिरती है और यह 240 से 250 km पर सिमट जाती है।

अगर आप भोपाल से इंदौर जा रहे हैं, तो आप एक बार के फुल चार्ज में पहुंच जाएंगे, लेकिन वहां पहुंचकर आपको तुरंत चार्जर ढूंढना होगा।

इंटीरियर और प्रैक्टिकैलिटी: कहाँ महिंद्रा ने मारी बाजी और कहाँ रह गई पीछे?

गाड़ी के अंदर बैठने पर जो सबसे अच्छी चीज लगती है, वो है इसका लेग-रूम। पीछे की सीट पर तीन वयस्क आराम से बैठ सकते हैं, जो नेक्सन EV में थोड़ा मुश्किल होता है। हालांकि, डैशबोर्ड का लेआउट थोड़ा पुराना महसूस होता है। आज के जमाने में जहां गाड़ियां ‘फ्यूचरिस्टिक’ दिखना चाहती हैं, वहां महिंद्रा ने थोड़ा सुरक्षित रास्ता चुना है।

मेंसइवी एक्सपर्ट ऑब्जर्वेशन: मुख्य फीचर्स और कमियां

हमारी टेस्टिंग के दौरान जो बातें सबसे ज्यादा उभर कर आईं, उन्हें हमने यहाँ लिस्ट किया है:

  • परफॉर्मेंस किंग: इस बजट में इससे तेज उठने वाली इलेक्ट्रिक SUV फिलहाल मार्केट में नहीं है।
  • सस्पेंशन सेटअप: महिंद्रा ने गड्ढों के लिए इसे बहुत बेहतरीन तरीके से ट्यून किया है, खराब सड़कों पर झटके कम महसूस होते हैं।
  • केबिन स्पेस: लंबे सफर के लिए यह चार-पांच लोगों के परिवार के लिए सबसे ज्यादा आरामदायक है।
  • चार्जिंग पोर्ट की जगह: इसका चार्जिंग पोर्ट आगे की तरफ है, जो कई बार तंग पार्किंग में चार्जर लगाने में मुश्किल पैदा करता है।
  • इंफोटेनमेंट सिस्टम: स्क्रीन का रिस्पॉन्स अच्छा है, लेकिन यूजर इंटरफेस थोड़ा और मॉडर्न हो सकता था।
  • सेफ्टी फीचर्स: इसमें डिस्क ब्रेक चारों पहियों पर मिलते हैं, जिससे तेज रफ्तार पर भी गाड़ी कंट्रोल में रहती है।

बाजार में स्थिति और पैसा वसूल फैक्टर

महिंद्रा XUV400 का सीधा मुकाबला टाटा नेक्सन EV और एमजी जेडएस EV से है। हमने अपनी रिसर्च में पाया कि जहां नेक्सन EV फीचर्स और चमक-धमक में आगे है, वहीं XUV400 अपनी ड्राइविंग डायनामिक्स और स्पेस में बाजी मार लेती है। अगर आपका ज्यादा समय गाड़ी चलाने में बीतता है और आपको ड्राइविंग का शौक है, तो XUV400 आपको ज्यादा खुश रखेगी।

टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप (TCO) पर मेंसइवी का विश्लेषण

हमने हिसाब लगाया कि अगर आप इसे 5 साल तक रोज 50 km चलाते हैं, तो आप पेट्रोल कार के मुकाबले करीब 6 लाख रुपये की बचत करेंगे। इसमें सर्विस का खर्च भी शामिल है, जो कि इलेक्ट्रिक होने के कारण नाममात्र का है। महिंद्रा की बैटरी वारंटी 8 साल या 1.6 लाख km की है, जो ग्राहक को मानसिक शांति देती है।

हमारी राय: मेंसइवी का फाइनल वर्डिक्ट

हमारी टीम ने इस गाड़ी को चलाने और परखने के बाद यह नतीजा निकाला है कि महिंद्रा XUV400 EV उन लोगों के लिए बेस्ट है जो ‘नो-नॉनसेन्स’ गाड़ी चाहते हैं। यह एक ऐसी कार है जो मजबूत है, तेज है और जिसमें परिवार के लिए भरपूर जगह है। आपको इसे जरूर लेना चाहिए अगर आप एक ऐसी EV ढूंढ रहे हैं जो चलाने में किसी पावरफुल डीजल कार जैसी लगे। लेकिन अगर आपको ढेर सारे टेक-फीचर्स और बहुत ही मॉडर्न दिखने वाला केबिन चाहिए, तो आप बाजार के दूसरे विकल्पों की ओर देख सकते हैं।

महिंद्रा का भविष्य

महिंद्रा ने XUV400 के साथ एक मजबूत नींव रखी है। यह गाड़ी साबित करती है कि भारतीय कंपनियां दुनिया के बेहतरीन इलेक्ट्रिक वाहनों को टक्कर देने के लिए तैयार हैं। आने वाले सालों में जब भारत का चार्जिंग नेटवर्क और बड़ा होगा, तब XUV400 जैसी गाड़ियां पुराने पड़ चुके पेट्रोल इंजनों की जगह पूरी तरह से ले लेंगी। मेंसइवी की ओर से हम इसे एक ‘सॉलिड थम्स अप’ देते हैं।

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