भारतीय इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है। सड़कों पर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स और शहर में चलने वाली बाइक्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन ऑफ रोडिंग और एडवेंचर के शौकीन लोगों के लिए इस सेगमेंट में अब तक कोई मजबूत विकल्प मौजूद नहीं था। अल्ट्रावायलेट अपनी आगामी मोटरसाइकिल शॉकवेव के साथ इस खाली जगह को भरने की तैयारी कर रही है। यह मोटरसाइकिल अभी तक आधिकारिक रूप से बाजार में लॉन्च नहीं हुई है, लेकिन इसके स्पेसिफिकेशन और डिजाइन से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ चुकी हैं। यह एक डुअल स्पोर्ट एंड्यूरो मोटरसाइकिल होगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि आप इसे पक्की सड़कों पर नियमित इस्तेमाल के साथ साथ वीकेंड पर कच्चे और पहाड़ी रास्तों पर भी चला सकेंगे। इस आर्टिकल में हम अल्ट्रावायलेट शॉकवेव के डिजाइन, बैटरी पैक, मोटर, रेंज और उन सभी फीचर्स का विस्तार से विश्लेषण करेंगे जो इसे एक खास मोटरसाइकिल बनाते हैं।
उपयोगिता पर आधारित आक्रामक डिजाइन
डर्ट बाइक का डिजाइन हमेशा से उसकी उपयोगिता को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। अल्ट्रावायलेट शॉकवेव का डिजाइन पूरी तरह से एक आक्रामक डर्ट बाइक जैसा रखा गया है। इसमें अनावश्यक प्लास्टिक पैनल्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है। बाइक का मुख्य फ्रेम पूरी तरह से खुला हुआ है, जो इसे मजबूती के साथ एक रफ लुक देता है। सामने की तरफ इसमें एक डुअल एलईडी प्रोजेक्टर हेडलाइट दी गई है। यह हेडलाइट रात के समय पक्की सड़कों और जंगलों के रास्तों पर स्पष्ट रोशनी प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई है। इसके साथ ही एलईडी टर्न इंडिकेटर्स और स्लीक टेल लाइट भी मौजूद हैं।
ऑफ रोडिंग में ग्राउंड क्लीयरेंस और टायर्स की भूमिका सबसे अहम होती है। इस बाइक में आगे की तरफ 19 इंच और पीछे की तरफ 17 इंच के स्पोक व्हील्स दिए गए हैं। इन व्हील्स पर ट्यूब वाले ऑफ रोड टायर्स लगे हैं। स्पोक व्हील्स का फायदा यह होता है कि वे खराब रास्तों पर पड़ने वाले झटकों को आसानी से सह लेते हैं और टूटते नहीं हैं। बाइक का कुल वजन लगभग 120 किलो रखा गया है। एक डर्ट बाइक के लिए यह वजन बहुत आदर्श है। वजन कम होने के कारण राइडर के लिए इसे कीचड़ या रेतीले रास्तों पर संभालना काफी आसान हो जाता है। इसकी सीट को सपाट और पतला रखा गया है, ताकि राइडर जरूरत पड़ने पर आसानी से आगे या पीछे खिसक सके।
4 kWh का बैटरी पैक और 165 km की संभावित रेंज
इलेक्ट्रिक वाहन की कार्यक्षमता पूरी तरह से उसके बैटरी पैक पर निर्भर करती है। अल्ट्रावायलेट शॉकवेव में 4 kWh क्षमता वाला लिथियम आयन बैटरी पैक दिया गया है। इस बैटरी पैक को फ्रेम के बिल्कुल बीच में रखा गया है। बैटरी को बीच में रखने से बाइक का गुरुत्वाकर्षण केंद्र नीचे रहता है, जिससे तेज रफ्तार और मोड़ों पर बेहतर संतुलन मिलता है।
रेंज की बात करें तो सामने आई जानकारी के अनुसार यह बाइक एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 165 km की रेंज दे सकती है। यह रेंज शहर के भीतर रोजाना के सफर के लिए पर्याप्त है। अगर आप इसे ऑफ रोड ट्रैक पर ले जाते हैं, तो लगातार भारी एक्सीलरेशन और उबड़ खाबड़ रास्तों के कारण यह रेंज थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन फिर भी यह आपको एक लंबा राइडिंग अनुभव देगी। इस बाइक में फिक्स्ड बैटरी पैक मिलेगा। इसका मतलब है कि आप बैटरी को निकालकर चार्ज नहीं कर सकेंगे। चार्जिंग के लिए इसके साथ एक पोर्टेबल चार्जर मिलेगा, जिसे आप घर के सामान्य सॉकेट से जोड़ सकते हैं। ऑफ रोडिंग के दौरान पानी और कीचड़ से बचाव के लिए बैटरी पैक को पूरी तरह से सील किया गया है।
505 Nm टॉर्क वाली पावरफुल मोटर का प्रदर्शन

डर्ट बाइक्स में टॉप स्पीड से ज्यादा महत्व लो एंड टॉर्क का होता है। अल्ट्रावायलेट शॉकवेव में एक परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर का इस्तेमाल किया गया है। यह मोटर अधिकतम 10.8 किलोवाट की पावर पैदा करती है, जो लगभग 14.5 बीएचपी के बराबर है। इस मोटरसाइकिल का सबसे बड़ा आकर्षण इसका टॉर्क है। यह मोटर पिछले पहिये पर 505 Nm का पीक टॉर्क डिलीवर करती है। मात्र 120 किलो वजन और 505 Nm का टॉर्क, यह आंकड़ा इस बाइक को बहुत ही तेज बनाता है।
यह मोटरसाइकिल 0 से 60 kmph की रफ्तार पकड़ने में केवल 2.9 सेकंड का समय लेगी। यह एक्सीलरेशन शहर के भारी ट्रैफिक और खड़ी चढ़ाई वाले रास्तों पर बहुत मददगार साबित होगा। इसकी टॉप स्पीड 120 kmph तक सीमित रखी गई है, जो हाईवे पर सफर करने के लिए काफी है। इलेक्ट्रिक मोटर की सबसे बड़ी खासियत उसकी पावर डिलीवरी होती है। पेट्रोल इंजन में पावर एक निश्चित आरपीएम के बाद मिलती है, लेकिन इलेक्ट्रिक मोटर में थ्रॉटल घुमाते ही पूरी पावर उपलब्ध हो जाती है। यह लीनियर पावर डिलीवरी कीचड़ और फिसलने वाले रास्तों पर पहिये को सही ग्रिप बनाए रखने में मदद करती है।
लंबा सस्पेंशन ट्रैवल और ब्रेकिंग सेटअप
खराब रास्तों पर एक सुरक्षित और आरामदायक सफर पूरी तरह से सस्पेंशन पर निर्भर करता है। अल्ट्रावायलेट शॉकवेव में बहुत ही उन्नत सस्पेंशन सेटअप दिया गया है। इसके फ्रंट में 37 मिमी के कार्ट्रिज टाइप सस्पेंशन दिए गए हैं। इन सस्पेंशन का ट्रैवल 200 mm है। पीछे की तरफ इसमें एक मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है, जिसका व्हील ट्रैवल 180 mm है। डर्ट बाइक में लंबा सस्पेंशन ट्रैवल इसलिए जरूरी होता है ताकि जब बाइक किसी ऊंचे जंप के बाद जमीन पर आए या बड़े गड्ढों से गुजरे, तो वह झटके को पूरी तरह सोख ले और राइडर का संतुलन न बिगड़े।
ब्रेकिंग सिस्टम को भी इसी स्तर का रखा गया है। आगे के पहिये में 270 मिमी का डिस्क ब्रेक दिया गया है, जिसमें दो पिस्टन वाला कैलिपर लगा है। पीछे के पहिये में 220 मिमी का डिस्क ब्रेक मौजूद है। सुरक्षा के लिए इसमें डुअल चैनल एबीएस दिया जाएगा। ऑफ रोडिंग के शौकीनों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि इस एबीएस को स्विच किया जा सकेगा। राइडर अपनी जरूरत के अनुसार पीछे के पहिये का एबीएस बंद कर सकता है। डर्ट ट्रैक्स पर बाइक को मोड़ने के लिए अक्सर पिछले पहिये को स्लाइड करना पड़ता है, और स्विचेबल एबीएस यह काम आसानी से करने देता है।
डिजिटल डिस्प्ले और आधुनिक राइडिंग फीचर्स
एक रफ डर्ट बाइक होने के बावजूद इसमें कई आधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं। हैंडलबार के बीच में एक 5 इंच का वर्टिकल टीएफटी डिस्प्ले दिया गया है। इस स्क्रीन का इंटरफेस साफ रखा गया है ताकि चलते समय गति और बैटरी की जानकारी आसानी से पढ़ी जा सके। इस डिस्प्ले में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी का फीचर भी मिलेगा। स्मार्टफोन को कनेक्ट करने के बाद आप स्क्रीन पर ही नेविगेशन, कॉल और मैसेज के अलर्ट देख सकेंगे।
राइडिंग को सुरक्षित बनाने के लिए इसमें अलग अलग ट्रैक्शन कंट्रोल मोड दिए जाएंगे। बारिश या कीचड़ वाले रास्तों पर ट्रैक्शन कंट्रोल पहिये को फिसलने से रोकता है। इसके अलावा इसमें 6 लेवल का रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम भी मिलेगा। जब आप बाइक को किसी ढलान से नीचे उतारते हैं, तो यह सिस्टम इंजन ब्रेकिंग की तरह काम करता है। यह बाइक की गति को नियंत्रित रखता है और साथ ही बैटरी को भी चार्ज करता है। तंग पार्किंग या ऑफ रोडिंग के दौरान बाइक को पीछे करने के लिए इसमें रिवर्स मोड भी दिया जाएगा।
पेट्रोल बाइक्स के मुकाबले रनिंग कॉस्ट का गणित
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का एक बड़ा कारण उसकी कम रनिंग कॉस्ट होती है। अगर आप एक पेट्रोल डर्ट बाइक या डुअल स्पोर्ट मोटरसाइकिल चलाते हैं, तो आपको आमतौर पर 30 से 35 kmpl का माइलेज मिलता है। अगर आप दिन में 50 km का सफर तय करते हैं, तो आपको डेढ़ लीटर से ज्यादा पेट्रोल खर्च करना होगा। इसके अलावा पेट्रोल डर्ट बाइक्स में इंजन ऑयल, चेन ल्यूब और एयर फिल्टर का रखरखाव भी महंगा होता है, क्योंकि धूल मिट्टी में चलने के कारण उन्हें जल्दी साफ करना या बदलना पड़ता है।
दूसरी ओर, अल्ट्रावायलेट शॉकवेव की 4 kWh की बैटरी को फुल चार्ज करने में लगभग 4 यूनिट बिजली खर्च होगी। अगर हम बिजली की दर 8 रुपये प्रति यूनिट मान लें, तो आप मात्र 32 रुपये में 165 km तक का सफर तय कर सकेंगे। इलेक्ट्रिक मोटर में मूविंग पार्ट्स कम होते हैं, इसलिए इसमें नियमित सर्विसिंग का खर्च भी काफी कम हो जाता है।
अल्ट्रावायलेट शॉकवेव के संभावित स्पेसिफिकेशन
लॉन्च से पहले सामने आई जानकारी के आधार पर अल्ट्रावायलेट शॉकवेव के संभावित स्पेसिफिकेशन नीचे दी गई टेबल में स्पष्ट किए गए हैं।
| स्पेसिफिकेशन | संभावित विवरण |
| बैटरी क्षमता | 4 kWh लिथियम आयन |
| दावा की गई रेंज | 165 km तक |
| इलेक्ट्रिक मोटर | 10.8 किलोवाट |
| पीक टॉर्क | 505 Nm |
| टॉप स्पीड | 120 kmph |
| 0 से 60 kmph | 2.9 सेकंड |
| कुल वजन | 120 kg |
| फ्रंट सस्पेंशन ट्रैवल | 200 mm |
| रियर सस्पेंशन ट्रैवल | 180 mm |
| अनुमानित एक्स शोरूम कीमत | ₹1.75 लाख रुपये से शुरू |
| लॉन्च की स्थिति | अभी लॉन्च नहीं हुई है |
अल्ट्रावायलेट शॉकवेव भारतीय बाजार में एक नई श्रेणी की शुरुआत करने वाली है। यह मोटरसाइकिल अभी विकास के चरण में है और ग्राहकों को इसके आधिकारिक लॉन्च का इंतजार करना होगा। 1.75 लाख रुपये की अनुमानित एक्स शोरूम कीमत इस बाइक को इसके स्पेसिफिकेशन के हिसाब से एक आकर्षक विकल्प बनाती है। 120 किलो का वजन, 505 Nm का टॉर्क और 165 km की रेंज इसे शहर और ऑफ रोड, दोनों जगहों के लिए उपयुक्त बनाती है। जो लोग एक पारंपरिक कम्यूटर बाइक से हटकर कुछ नया और तेज तलाश रहे हैं, उनके लिए यह इंतजार फायदेमंद साबित हो सकता है। जब यह मोटरसाइकिल आधिकारिक तौर पर बाजार में उतरेगी, तब इसकी वास्तविक क्षमता का सटीक आकलन किया जा सकेगा।








