FAME सब्सिडी क्या है और किसे मिलती है भारत में इलेक्ट्रिक वाहन पर छूट की पूरी जानकारी

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नमस्कार दोस्तों। आज के समय में हर कोई इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बारे में सोच रहा है। पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों और शहरों में फैलते प्रदूषण को देखते हुए इलेक्ट्रिक गाड़ियां अब कोई शौक नहीं बल्कि हमारी भविष्य की जरूरत बन चुकी हैं। जब भी आप किसी शोरूम में नया इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार खरीदने जाते हैं तो वहां का सेल्समैन आपको एक शब्द जरूर बोलता है कि सर इस गाड़ी पर आपको सरकारी सब्सिडी मिल जाएगी। इस शब्द को सुनकर हमें बहुत राहत मिलती है क्योंकि इससे गाड़ी की कीमत काफी कम हो जाती है।

भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सब्सिडी का जिक्र आते ही सबसे पहला नाम FAME सब्सिडी का आता है। यह एक ऐसा नाम है जो हर ईवी खरीदने वाले के दिमाग में छपा हुआ है। लेकिन बहुत से आम लोगों को आज भी यह नहीं पता होता कि आखिर यह FAME सब्सिडी क्या है, इसके नियम क्या हैं और यह असल में किस ग्राहक को मिलती है। मेंसइवी के आज के इस बेहद खास और विस्तृत आर्टिकल में हम इसी विषय पर बहुत गहराई से बात करेंगे। हम आपको बिल्कुल आसान और बातचीत वाली भाषा में बताएंगे कि सरकार आपको यह छूट कैसे देती है और साल 2026 में इस योजना के नए और बदले हुए नियम क्या हैं।

FAME सब्सिडी क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई

भारत सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने और लोगों को पेट्रोल डीजल से हटाकर पर्यावरण के अनुकूल वाहनों की तरफ मोड़ने के लिए एक बहुत ही शानदार योजना बनाई थी। इस योजना को नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन के तहत शुरू किया गया था। इसी योजना का छोटा नाम FAME है जिसका पूरा मतलब फास्टर अडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स है। आसान भाषा में कहें तो यह एक ऐसी सरकारी योजना है जिसका सीधा मकसद भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को तेजी से अपनाना और उन्हें विदेश से मंगाने की बजाय देश के अंदर ही बनाना है।

सरकार बहुत अच्छी तरह जानती थी कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों में लगने वाला बैटरी पैक बहुत महंगा होता है। अगर कोई व्यक्ति पेट्रोल स्कूटर की जगह इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहेगा तो उसे अपनी जेब से बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। इसी कीमत के अंतर को पाटने के लिए और इलेक्ट्रिक वाहनों को आम आदमी के बजट में लाने के लिए सरकार ने FAME सब्सिडी की शुरुआत की। इस योजना का पहला चरण साल 2015 में शुरू हुआ था जो 2019 तक चला। इसके बाद सरकार ने इसका दूसरा और सबसे बड़ा चरण FAME 2 शुरू किया जो अप्रैल 2019 से लेकर मार्च 2024 तक चला। इन सालों में लाखों भारतीय ग्राहकों ने इस योजना का फायदा उठाया और सस्ते दाम पर बेहतरीन इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदीं।

साल 2026 में FAME सब्सिडी का नया नाम और नया रूप

समय के साथ हर सरकारी योजना में कुछ न कुछ बदलाव होते रहते हैं। मार्च 2024 में जब FAME 2 योजना खत्म हुई तो ग्राहकों के मन में एक बहुत बड़ा सवाल था कि क्या अब उन्हें इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर कोई छूट नहीं मिलेगी। सरकार ने कुछ समय के लिए एक छोटी योजना चलाई और फिर एक बिल्कुल नई और आधुनिक योजना की घोषणा कर दी जिसे अब पीएम ई ड्राइव योजना के नाम से जाना जाता है।

आज के समय में जब आप शोरूम में जाकर FAME सब्सिडी के बारे में पूछते हैं तो डीलर आपको असल में इसी पीएम ई ड्राइव योजना के तहत छूट देता है। यह नई योजना अक्टूबर 2024 से शुरू हुई है और इसे मार्च 2026 तक चलना था लेकिन इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स की भारी मांग को देखते हुए सरकार ने इसकी अवधि को जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। सरकार ने इस नई और आधुनिक योजना के लिए 10900 करोड़ रुपये का बहुत बड़ा बजट रखा है। इसका मुख्य उद्देश्य अभी भी बिल्कुल वही है जो पुरानी FAME योजना का था। यानी ग्राहकों को सीधे तौर पर आर्थिक मदद देना ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी नई इलेक्ट्रिक गाड़ी घर ले जा सकें।

यह सब्सिडी किसे मिलती है और किसे नहीं मिलती

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यह सबसे जरूरी सवाल है क्योंकि बहुत से लोगों को यह गलतफहमी होती है कि वो कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेंगे तो उन्हें सरकार की तरफ से पैसे मिल जाएंगे। असलियत में ऐसा बिल्कुल नहीं है। सरकार ने इस भारी सब्सिडी को पाने के लिए कुछ बहुत ही सख्त और साफ नियम बनाए हैं। सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि यह सब्सिडी गाड़ी बनाने वाली कंपनी को नहीं बल्कि सीधे तौर पर गाड़ी खरीदने वाले ग्राहक को फायदा पहुंचाने के लिए दी जाती है।

अगर आप कोई इलेक्ट्रिक टू व्हीलर यानी इलेक्ट्रिक स्कूटर या इलेक्ट्रिक बाइक खरीदते हैं तो आपको इस योजना का पूरा फायदा मिलता है। लेकिन यहां एक बड़ी शर्त है। आपका इलेक्ट्रिक स्कूटर सरकार द्वारा पास की गई लिस्ट में होना चाहिए। उसमें नई तकनीक वाली लिथियम आयन बैटरी लगी होनी चाहिए जिसे घर पर फुल चार्ज होने में आमतौर पर 4 से 5 घंटे का समय लगता है। अगर आप बाजार से सस्ते लेड एसिड बैटरी वाले पुराने डिजाइन के स्कूटर खरीदते हैं तो आपको कोई भी सरकारी छूट नहीं मिलेगी।

इसके अलावा आपके स्कूटर की टॉप स्पीड 25 kmph से ज्यादा होनी चाहिए और उसका आपके शहर के आरटीओ में बाकायदा रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। बिना नंबर प्लेट वाले लो स्पीड स्कूटर इस योजना से पूरी तरह बाहर रखे गए हैं। अगर आप कमर्शियल इस्तेमाल के लिए इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर जैसे ई रिक्शा या माल ढोने वाला ई कार्ट खरीदते हैं तो भी आपको इस योजना के तहत भारी छूट मिलती है। इसके अलावा सरकार ने ई एंबुलेंस, इलेक्ट्रिक ट्रक और सरकारी विभागों के लिए चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों को भी इस बड़ी सब्सिडी का हकदार बनाया है।

क्या इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर यह सब्सिडी मिलती है

भारत के ज्यादातर ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा भ्रम प्राइवेट इलेक्ट्रिक कारों को लेकर होता है। बहुत से लोग टाटा या एमजी की शानदार इलेक्ट्रिक कार बुक करते समय शोरूम में डीलर से सीधी नकद सब्सिडी की मांग करते हैं। आपको यह बात बिल्कुल साफ तौर पर जान लेनी चाहिए कि भारत सरकार निजी इस्तेमाल के लिए खरीदी जाने वाली इलेक्ट्रिक कारों यानी फोर व्हीलर्स पर कोई भी सीधी नकद सब्सिडी नहीं देती है।

सरकार का यह मानना है कि 15 या 20 लाख रुपये की इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाला वर्ग आर्थिक रूप से पहले से ही सक्षम होता है। सरकार का मुख्य फोकस देश के उस आम आदमी पर है जो रोजमर्रा के कामों के लिए टू व्हीलर या थ्री व्हीलर चलाता है क्योंकि देश की सड़कों पर सबसे ज्यादा प्रदूषण इन्हीं छोटी गाड़ियों से होता है। हालांकि अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं तो सरकार आपको टैक्स में भारी छूट जरूर देती है। भारत में इलेक्ट्रिक कारों पर जीएसटी की दर मात्र 5 प्रतिशत है जो पेट्रोल या डीजल कारों पर लगने वाले भारी भरकम 28 प्रतिशत जीएसटी से बहुत ही कम है। यह बहुत ही कम टैक्स दर अपने आप में कार ग्राहकों के लिए सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ी अप्रत्यक्ष सब्सिडी है जिससे कार की कीमत लाखों रुपये कम हो जाती है।

आपको इलेक्ट्रिक वाहन पर कितने रुपये की छूट मिलती है

सब्सिडी की असल रकम हमेशा इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस तरह का वाहन खरीद रहे हैं और उसमें कितने किलोवाट का बैटरी पैक लगा हुआ है। सरकार हर किलोवाट बैटरी की क्षमता के हिसाब से एक तय रकम ग्राहक को देती है। पुरानी FAME योजना के शुरुआती दिनों में यह रकम काफी ज्यादा हुआ करती थी लेकिन अब ईवी बाजार के धीरे धीरे अपने पैरों पर खड़े होने के कारण सरकार ने प्रति गाड़ी सब्सिडी की रकम को थोड़ा कम कर दिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिल सके।

नीचे दी गई टेबल में आप बिल्कुल साफ तौर पर देख सकते हैं कि आज के समय में पीएम ई ड्राइव योजना के तहत अलग अलग इलेक्ट्रिक वाहनों पर कितनी अधिकतम सब्सिडी मिलती है।

वाहन का प्रकारबैटरी के हिसाब से मिलने वाली सब्सिडी दरएक वाहन पर अधिकतम छूट की सीमा
इलेक्ट्रिक टू व्हीलर₹2500 प्रति किलोवाट क्षमताअधिकतम ₹5000 तक की छूट
इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर ई रिक्शा₹2500 प्रति किलोवाट क्षमताअधिकतम ₹25000 तक की छूट
इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर एल5 कैटेगरी₹2500 प्रति किलोवाट क्षमताअधिकतम ₹50000 तक की छूट

यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि यह सब्सिडी की रकम सरकार के बजट और नियमों के अनुसार समय समय पर बदल सकती है। जब भी आप गाड़ी खरीदने जाएं तो अपने डीलर से उस दिन के हिसाब से सब्सिडी का बिल्कुल सही गणित जरूर समझ लें।

यह सब्सिडी क्लेम करने का आसान और पेपरलेस तरीका

पहले के समय में किसी भी सरकारी सब्सिडी को क्लेम करने का तरीका थोड़ा मुश्किल होता था। कई फॉर्म भरने पड़ते थे। लेकिन अब भारत सरकार ने इसे पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस कर दिया है। नई पीएम ई ड्राइव योजना के तहत अब ग्राहकों को एक स्मार्ट ई वाउचर दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में आपको किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ती है। सब कुछ शोरूम के अंदर कुछ ही मिनटों में हो जाता है।

जब आप अपनी पसंद का इलेक्ट्रिक स्कूटर या रिक्शा खरीदने शोरूम जाते हैं तो सबसे पहले डीलर यह चेक करता है कि आपका चुना हुआ मॉडल सरकारी सब्सिडी के लिए पास है या नहीं। इसके बाद डीलर अपने कंप्यूटर या टैबलेट पर आपका आधार कार्ड मांगता है। आपका ऑनलाइन आधार वेरिफिकेशन किया जाता है जिसमें सुरक्षा के लिए चेहरे की पहचान वाली तकनीक का इस्तेमाल भी होता है। जैसे ही आपका वेरिफिकेशन पूरा होता है आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक सरकारी ई वाउचर का सुरक्षित लिंक आ जाता है।

यह वाउचर आपकी पक्की सब्सिडी का सबूत होता है। आपको बस अपने फोन में उस वाउचर को खोलना है और उस पर अपने डिजिटल हस्ताक्षर करके डीलर को वापस सबमिट कर देना है। डीलर इस डिजिटल वाउचर को अपने बिल के साथ जोड़ लेता है और गाड़ी की असली कीमत में से सब्सिडी की रकम घटाकर आपको फाइनल बिल थमा देता है। आपको अपनी जेब से सिर्फ बची हुई रकम ही देनी होती है। बाद में गाड़ी बनाने वाली कंपनी उस वाउचर को सरकार के पोर्टल पर दिखाकर वह पैसा सीधे अपने बैंक खाते में वापस ले लेती है।

सब्सिडी क्लेम करते समय लोगों से होने वाली कुछ आम गलतियां

जब भी कोई बड़ी सरकारी योजना आती है तो जानकारी की कमी के कारण लोग अक्सर कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते समय आपको बहुत ही सतर्क रहने की जरूरत है ताकि आपकी सब्सिडी का पैसा बिल्कुल सुरक्षित रहे।

सबसे पहली और बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि वे बिना पूरी जानकारी जुटाए किसी भी लोकल या अनजान ब्रांड का इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीद लेते हैं। बाजार में आज ऐसी सैकड़ों नई कंपनियां आ गई हैं जो बाहर से सस्ते पुर्जे मंगाकर स्कूटर बना रही हैं। आपको यह बात पक्के तौर पर जान लेनी चाहिए कि सरकार सिर्फ उन्हीं गाड़ियों पर सब्सिडी देती है जिनमें कम से कम पचास प्रतिशत हिस्से भारत में ही बने हों। इसे लोकलाइजेशन का नियम कहा जाता है। इसलिए हमेशा शोरूम में डीलर से यह पूछें कि उनका यह मॉडल सरकार की योजना के तहत पूरी तरह से अप्रूव्ड है या नहीं।

दूसरी सबसे बड़ी गलती कागजातों को लेकर होती है। सरकारी सिस्टम आज पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित है। जब आप सब्सिडी के लिए अप्लाई करते हैं तो आपका आधार कार्ड नंबर सबसे अहम होता है। आपके आधार कार्ड में आपका जो नाम लिखा है, बिल्कुल वही नाम आपके बैंक खाते और आरटीओ के कागजातों में भी होना चाहिए। अगर आपके नाम की स्पेलिंग में थोड़ा सा भी अंतर है तो कंप्यूटर सिस्टम आपके वाउचर को रोक सकता है। इसलिए गाड़ी खरीदने जाने से पहले अपने सभी सरकारी कागजात बिल्कुल अपडेट करवा लें।

एक और बहुत ही जरूरी नियम जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं वो यह है कि एक व्यक्ति अपने पूरे जीवन में इस योजना के तहत सिर्फ एक ही इलेक्ट्रिक टू व्हीलर पर सब्सिडी ले सकता है। सरकार आपके आधार नंबर को अपने सिस्टम में हमेशा के लिए सेव कर लेती है। अगर आपने पिछले साल पुरानी FAME योजना के तहत एक इलेक्ट्रिक स्कूटर अपने नाम पर खरीदा था और अब आप अपने लिए दूसरा नया स्कूटर लेना चाहते हैं तो आपको उस दूसरे स्कूटर पर कोई नकद सब्सिडी नहीं मिलेगी। ऐसी स्थिति में आपको नया स्कूटर अपने घर के किसी दूसरे सदस्य के नाम पर खरीदना चाहिए ताकि आपको योजना का पूरा लाभ दोबारा मिल सके।

केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी में बड़ा और अहम अंतर

बहुत बार ग्राहक केंद्र सरकार और राज्य सरकार की छूट के बीच बुरी तरह उलझ जाते हैं। ऊपर हमने जिस FAME या पीएम ई ड्राइव सब्सिडी की गहराई से बात की वह केंद्र सरकार यानी भारत सरकार की योजना है जो पूरे देश में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक एक समान रूप से लागू होती है।

लेकिन इसके अलावा भारत के कई राज्य अपनी तरफ से भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले नागरिकों को अतिरिक्त फायदा देते हैं। हर राज्य की अपनी अलग ईवी पॉलिसी होती है। जैसे अगर आप उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र या दिल्ली जैसे राज्यों में रहते हैं तो वहां की राज्य सरकारें आपको अपनी तरफ से अलग से नकद छूट या रोड टैक्स में पूरी माफी देती हैं।

अगर आप एक स्मार्ट ग्राहक हैं तो आप एक ही गाड़ी पर दोनों तरह की छूट का फायदा एक साथ आसानी से उठा सकते हैं। डीलर आपको बिल में केंद्र की सब्सिडी काट कर देगा और उसके बाद जब आपकी गाड़ी का आरटीओ में नंबर आ जाएगा तो आप अपने राज्य सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरकर राज्य वाली सब्सिडी भी सीधे अपने बैंक खाते में मंगवा सकते हैं। इसके अलावा रोड टैक्स की बचत एक ऐसी छुपी हुई सब्सिडी है जिसके बारे में ज्यादा बात नहीं होती। जब आप एक लाख रुपये का पेट्रोल स्कूटर खरीदते हैं तो आपको लगभग आठ से दस हजार रुपये आरटीओ को टैक्स के रूप में देने पड़ते हैं। लेकिन कई राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहन पर रोड टैक्स बिल्कुल जीरो है। यह टैक्स माफी आपके कई हजार रुपये और बचा लेती है।

इलेक्ट्रिक वाहन आज के समय की सबसे बड़ी सच्चाई हैं। मात्र कुछ सेकंड में अच्छी स्पीड पकड़ने वाली ये बिना आवाज की साफ सुथरी गाड़ियां बहुत जल्द भारत की हर सड़क पर दौड़ती नजर आएंगी। सरकार भी पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बहुत अच्छी तरह समझती है और इसी वजह से FAME जैसी पुरानी योजनाओं को पीएम ई ड्राइव जैसे नए और बेहतर रूप में लगातार आगे बढ़ा रही है।

भले ही बाजार के बड़े होने के साथ सरकार ने सब्सिडी की रकम थोड़ी कम कर दी हो लेकिन फिर भी यह छूट एक आम आदमी के बजट के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आती है। अगर आप भी पेट्रोल के रोज रोज के भारी खर्चे से परेशान हैं और अपने परिवार के लिए एक नया टू व्हीलर खरीदने की सोच रहे हैं तो यह बिल्कुल सही और सटीक समय है। बस शोरूम जाने से पहले थोड़ी अच्छी रिसर्च जरूर करें। हमेशा एक अच्छी और भरोसेमंद कंपनी का वाहन चुनें जो सरकार की सब्सिडी लिस्ट में मजबूती से शामिल हो। डीलर से ई वाउचर की पूरी प्रक्रिया के बारे में खुलकर बात करें, अपने कागजात सही रखें और अपनी नई इलेक्ट्रिक गाड़ी के साथ एक साफ सुथरे और बहुत ही किफायती सफर की शानदार शुरुआत करें।

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