महिंद्रा एंड महिंद्रा अपनी लोकप्रिय इलेक्ट्रिक SUV महिंद्रा एक्सईवी 9एस के उत्पादन को लेकर एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी ने हाल ही में घोषणा की है कि वह अगले 4 से 5 महीनों के भीतर महिंद्रा XEV 9S प्रोडक्शन की क्षमता को बढ़ाने पर काम करेगी। वर्तमान में कंपनी अपनी क्षमता सीमाओं के कारण मांग के अनुरूप उत्पादन नहीं कर पा रही है। 2025 के अंत में लॉन्च हुई इस गाड़ी ने बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ही इसे 7,400 से अधिक ऑर्डर मिल चुके हैं। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि महिंद्रा की भविष्य की योजनाएं क्या हैं और कैसे कंपनी अपने ईवी पोर्टफोलियो को विस्तार देने की तैयारी कर रही है।
उत्पादन क्षमता की चुनौतियां और महिंद्रा की नई रणनीति
महिंद्रा के कार्यकारी निदेशक और सीईओ (ऑटो और फार्म सेक्टर), राजेश जेजुरिकर ने वित्त वर्ष 2026 के नतीजों के दौरान बताया कि वर्तमान में महिंद्रा एक्सईवी 9एस की मांग उनकी उम्मीदों से कहीं अधिक है। उनके बोर्न इलेक्ट्रिक सीरीज में सबसे ज्यादा मांग 9एस मॉडल की है, जिसके बाद 9ई और बीई 6 का नंबर आता है। कंपनी वर्तमान में हर महीने लगभग 6,000 से अधिक बोर्न इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन कर रही है, जबकि उनकी वर्तमान अधिकतम क्षमता 8,000 यूनिट प्रति माह तक है। उत्पादन में इस तेजी से ग्राहकों को अपनी पसंदीदा इलेक्ट्रिक कार के लिए कम इंतजार करना होगा।
भविष्य का लक्ष्य: उत्पादन में 4,000 यूनिट्स की अतिरिक्त वृद्धि

महिंद्रा ने अपनी योजना स्पष्ट की है कि वह मार्च 2027 तक अपनी मासिक उत्पादन क्षमता में 4,000 यूनिट्स का और इजाफा करेगी। यह अतिरिक्त क्षमता न केवल महिंद्रा एक्सईवी 9एस के लिए होगी, बल्कि कंपनी की आने वाली चौथी इलेक्ट्रिक SUV (बीई.07 कॉन्सेप्ट का प्रोडक्शन मॉडल) के लिए भी इस्तेमाल की जाएगी। इसके अलावा नागपुर में कंपनी का नया ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट साल 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिससे महिंद्रा की वार्षिक उत्पादन क्षमता में 5 लाख यूनिट्स की बड़ी बढ़ोतरी होगी।
बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती पैठ और कैफे III मानक
महिंद्रा का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में अपने कुल पोर्टफोलियो में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी को 18 से 20 प्रतिशत तक ले जाना है। यह कदम वित्त वर्ष 2028 से लागू होने वाले कड़े कैफे III (CAFE III) मानकों को पूरा करने के लिए भी आवश्यक है। वर्तमान में महिंद्रा की इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में पैठ लगभग 9.6 प्रतिशत है, लेकिन पिछले दो महीनों में यह आंकड़ा 11 प्रतिशत को पार कर गया है। कंपनी मार्च 2027 तक इसे 13 से 15 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
महिंद्रा एक्सईवी 9एस और बोर्न इलेक्ट्रिक सीरीज की मुख्य जानकारी
नीचे दी गई टेबल में आप महिंद्रा की वर्तमान उत्पादन स्थिति और भविष्य के लक्ष्यों को समझ सकते हैं।
| विवरण | वर्तमान स्थिति (2026) | भविष्य का लक्ष्य (2027-28) |
| वर्तमान मासिक उत्पादन | 6,000+ यूनिट्स | 12,000+ यूनिट्स (2027 तक) |
| एक्सईवी 9एस की डिमांड (Q4 2026) | 7,400 ऑर्डर | निरंतर वृद्धि की उम्मीद |
| ईवी बाजार में पैठ | 11 प्रतिशत | 20 प्रतिशत (अगले 5 साल में) |
| नया प्लांट (नागपुर) | विकास के चरण में | 2028 तक शुरू (5 लाख सालाना क्षमता) |
| नए मॉडल की योजना | 3 मॉडल लॉन्च | 2031 तक 6 और नए ईवी मॉडल |
महिंद्रा का आगामी 16 नई SUVs का मास्टरप्लान
महिंद्रा केवल वर्तमान मॉडल तक सीमित नहीं रहने वाली है। कंपनी ने पुष्टि की है कि वह साल 2031 तक कुल 16 नई SUVs लॉन्च करेगी, जिनमें से 6 पूरी तरह से इलेक्ट्रिक (BEV) मॉडल होंगे। यह रणनीति दर्शाती है कि महिंद्रा भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक क्रांति का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्पादन क्षमता में सुधार होने से न केवल कंपनी का राजस्व बढ़ेगा बल्कि उपभोक्ताओं को भी समय पर डिलीवरी मिल सकेगी।
मेंसइवी का महिंद्रा की उत्पादन योजना पर नजरिया
मेंसइवी के अनुसार, महिंद्रा का उत्पादन बढ़ाने का फैसला बिल्कुल सही समय पर लिया गया है। अक्सर देखा गया है कि भारतीय बाजार में मांग अधिक होने पर कंपनियां डिलीवरी देने में पिछड़ जाती हैं, जिससे ग्राहक दूसरी कंपनियों की ओर रुख कर लेते हैं। महिंद्रा एक्सईवी 9एस के लिए 4-5 महीनों का यह समय काफी महत्वपूर्ण होगा। यदि कंपनी अपनी क्षमता बाधाओं को दूर कर लेती है, तो वह टाटा मोटर्स जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों को ईवी सेगमेंट में कड़ी टक्कर दे सकती है। ग्राहकों के लिए सलाह है कि उत्पादन बढ़ने के साथ ही वे अपनी बुकिंग्स को लेकर डीलरशिप के संपर्क में रहें।









