सिर्फ 1,097 किलो वजन और 94HP की ताकत, होंडा Super-N है ड्राइविंग लवर्स का नया सपना

Super-N
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इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह बात आती है कि ये सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने का एक साधन हैं और इन्हें चलाने में कोई खास मजा नहीं आता है। ज्यादातर लोग मानते हैं कि इलेक्ट्रिक कारें बहुत भारी और उबाऊ होती हैं। लेकिन दिग्गज जापानी वाहन निर्माता कंपनी होंडा ने इस सोच को पूरी तरह से बदलने की तैयारी कर ली है। होंडा ने वैश्विक बाजार में अपनी एक बेहद अनोखी और कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक हैचबैक कार पेश की है जिसका नाम Super-N है। यह नई कार दिखने में जितनी आकर्षक है चलाने में उससे कहीं ज्यादा मजेदार है। यूनाइटेड किंगडम के बाजार में जून 2026 से इस गाड़ी की बुकिंग शुरू हो चुकी है और जुलाई 2026 से ग्राहकों को इसकी डिलीवरी मिलना भी शुरू हो जाएगी। इस हैचबैक की शुरुआती कीमत लगभग 18,995 पाउंड तय की गई है जो भारतीय मुद्रा के हिसाब से लगभग ₹21 से ₹22 लाख के आसपास बैठती है। यह कार उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है जो कम बजट में एक प्रीमियम और मजेदार इलेक्ट्रिक कार की तलाश में हैं।

Super-N को तैयार करने के पीछे होंडा का मकसद बहुत साफ है। कंपनी एक ऐसी गाड़ी बनाना चाहती थी जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल हो बल्कि ड्राइवर को एक स्पोर्टी और रोमांचक अनुभव भी दे। आम तौर पर कंपनियां अपनी इलेक्ट्रिक कारों में ज्यादा से ज्यादा रेंज देने की होड़ में लगी रहती हैं जिससे गाड़ियां भारी हो जाती हैं। लेकिन होंडा ने इसे हल्का और फुर्तीला बनाया है। इस गाड़ी में कंपनी ने कुछ ऐसे खास फीचर्स दिए हैं जो आमतौर पर इस साइज की कारों में देखने को नहीं मिलते हैं। उदाहरण के लिए इसमें एक विशेष बूस्ट मोड और नकली गियरशिफ्ट तकनीक दी गई है जो आपको एक पारंपरिक पेट्रोल कार चलाने जैसा अहसास कराती है। यह कार इस बात का जीता जागता सबूत है कि छोटी गाड़ियां भी सड़क पर कमाल का प्रदर्शन कर सकती हैं।

पुराने जमाने की याद दिलाएगा इसका अनोखा रूप

अगर इस नई Super-N के डिजाइन और साइज की बात करें तो यह होंडा की मशहूर एन-सीरीज कारों से प्रेरित है जो जापान में बहुत लोकप्रिय हैं। इसके अलावा इसके लुक में 1980 के दशक की मशहूर सिटी टर्बो 2 की झलक भी देखने को मिलती है। इस गाड़ी की कुल लंबाई केवल 3,599 मिलीमीटर है जिसकी वजह से इसे शहर के भारी ट्रैफिक और तंग गलियों में चलाना बेहद आसान हो जाता है। इसकी चौड़ाई बिना ओआरवीएम के लगभग 1,573 मिलीमीटर है और इसका कुल वजन सिर्फ 1,097 किलोग्राम है। कम वजन होने के कारण यह सड़क पर बहुत तेजी से मुड़ने और रफ्तार पकड़ने में सक्षम है। इसके चौड़े टायर और मस्कुलर बंपर इसे एक स्पोर्टी लुक देते हैं। कंपनी ने इसे कई आकर्षक रंगों में पेश किया है जिसमें एक बेहद खूबसूरत पर्पल रंग भी शामिल है जो युवाओं को काफी पसंद आ रहा है।

छोटे साइज के बावजूद इस गाड़ी के अंदर की जगह और इसकी व्यावहारिकता आपको हैरान कर देगी। यह एक उचित चार सीटों वाली कार है जिसमें होंडा की मशहूर मैजिक सीट्स दी गई हैं। इन सीटों को आप अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग तरीके से मोड़ सकते हैं। अगर आप सभी सीटों को सीधा रखते हैं तो आपको पीछे 162 लीटर का बूट स्पेस मिलता है जिसमें रोजमर्रा का सामान आसानी से आ जाता है। लेकिन अगर आप पीछे की सीटों को पूरी तरह से मोड़ देते हैं तो यह जगह बढ़कर 967 लीटर हो जाती है जो इस सेगमेंट की अन्य गाड़ियों के मुकाबले काफी ज्यादा है। कार का केबिन पूरी तरह से ड्राइवर को ध्यान में रखकर बनाया गया है। आजकल की कारों की तरह इसमें सिर्फ टचस्क्रीन नहीं दी गई है बल्कि जरूरी फीचर्स के लिए फिजिकल बटन भी दिए गए हैं ताकि गाड़ी चलाते समय ध्यान न भटके।

बूस्ट मोड ऑन करते ही बदल जाएगी गाड़ी की रफ्तार

होंडा Super-N के परफॉर्मेंस की बात करें तो इसके अगले हिस्से में एक शक्तिशाली इलेक्ट्रिक मोटर लगाई गई है जो 29.6 किलोवाट ऑवर की लिथियम आयन बैटरी पैक के साथ आती है। सामान्य ड्राइविंग मोड्स में यह मोटर 47 किलोवाट यानी लगभग 63 हॉर्सपावर की ताकत और 162 न्यूटन मीटर का टॉर्क पैदा करती है जो शहर में चलने के लिए काफी है। लेकिन इस कार की असली जान इसके स्टीयरिंग व्हील पर दिए गए एक लाल बटन में है जिसे दबाते ही इसका बूस्ट मोड एक्टिवेट हो जाता है। बूस्ट मोड ऑन होते ही मोटर की ताकत बढ़कर 70 किलोवाट यानी लगभग 94 हॉर्सपावर हो जाती है। सामान्य मोड में यह कार शून्य से 100 kmph की रफ्तार पकड़ने में 14.5 सेकंड का समय लेती है लेकिन बूस्ट मोड में यह काम महज 10 सेकंड में पूरा हो जाता है। इस कार की टॉप स्पीड 135 kmph तक सीमित रखी गई है।

होंडा ने Super-N को चलाने के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए इसमें एक कृत्रिम 7-स्पीड ट्रांसमिशन सिस्टम दिया है जिसे स्टीयरिंग के पीछे लगे पैडल शिफ्टर्स की मदद से नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ ही कार के अंदर एक नकली इंजन की आवाज भी सुनाई देती है जो बूस्ट मोड में गाड़ी चलाते समय आपको एक रेसिंग कार जैसा अहसास कराती है। यह तकनीक उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है जो पेट्रोल गाड़ियों से सीधे इलेक्ट्रिक गाड़ी पर शिफ्ट हो रहे हैं और उन्हें शांत केबिन में गाड़ी चलाने की आदत नहीं है।

गाड़ी के मुख्य तकनीकी स्पेसिफिकेशन्स की विस्तृत सूची

Honda Super N
Honda Super N

इस नई कार की सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका को देखें जिसमें इसके हर पहलू को विस्तार से समझाया गया है।

कार के मुख्य पैरामीटरतकनीकी जानकारी और आंकड़े
कुल लंबाई और वजन3,599 मिलीमीटर और 1,097 किलोग्राम
बैटरी पैक क्षमता29.6 किलोवाट ऑवर (लिथियम आयन)
अधिकतम पावर (नॉर्मल और बूस्ट मोड)47 किलोवाट (63 एचपी) और 70 किलोवाट (94 एचपी)
रफ्तार 0 से 100 किमी प्रति घंटा (बूस्ट मोड)लगभग 10 सेकंड
अधिकतम गति (टॉप स्पीड)135 kmph
डब्ल्यूएलटीपी रेंज (कंबाइंड और सिटी)206 km और 320 km
फास्ट चार्जिंग समय (10 से 80 प्रतिशत)लगभग 30 मिनट (50 किलोवाट डीसी चार्जर से)

रेंज और चार्जिंग को लेकर नहीं होगी कोई टेंशन

इस कार की रेंज को इसके छोटे साइज और कम वजन के हिसाब से बहुत ही व्यावहारिक रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार एक बार फुल चार्ज करने पर यह मिक्स्ड ड्राइविंग कंडीशंस में 206 km तक चल सकती है। वहीं अगर आप इसे सिर्फ शहर के ट्रैफिक में चलाते हैं जहां रीजनेरेटिव ब्रेकिंग का ज्यादा इस्तेमाल होता है तो यह रेंज बढ़कर 320 km तक पहुंच जाती है। शुरुआती रिव्यू में यह बात सामने आई है कि यह कार प्रति किलोवाट ऑवर की बैटरी क्षमता पर लगभग 6.7 से 7.7 km की दूरी आसानी से तय कर लेती है जो इसके कुशल पावरट्रेन को दर्शाती है। इसका मतलब है कि शहर में रहने वाले लोगों को इसे रोज-रोज चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

जब चार्जिंग की बात आती है तो यह कार 50 किलोवाट के डीसी फास्ट चार्जर को सपोर्ट करती है जिससे इसकी बैटरी महज 30 मिनट में 10 से बढ़कर 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती है। इसके अलावा आप इसे घर पर मिलने वाले साधारण एसी चार्जर से भी चार्ज कर सकते हैं जिसमें कुछ घंटे का समय लगता है। हालांकि लंबी दूरी की यात्राओं के लिए यह रेंज थोड़ी कम लग सकती है लेकिन शहर के भीतर के सफर के लिए यह पूरी तरह से पर्याप्त है।

सड़क पर पकड़ और कमाल के फीचर्स

सड़क पर इस कार का संतुलन लाजवाब है। इसके चौड़े ट्रैक और बड़े आकार के टायर इसे मोड़ों पर बेहतरीन ग्रिप प्रदान करते हैं। कम वजन और सटीक स्टीयरिंग फीडबैक के कारण इसे चलाते समय एक पुरानी हॉट हैचबैक कार जैसी फुर्ती महसूस होती है। इस कार में सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है और इसमें इस क्लास के हिसाब से सभी जरूरी सेफ्टी फीचर्स और कनेक्टिविटी ऑप्शन्स दिए गए हैं। हालांकि अभी तक इसका कोई आधिकारिक क्रैश टेस्ट नहीं हुआ है लेकिन होंडा की मजबूत बिल्ด क्वालिटी पर पूरा भरोसा किया जा सकता है। इसके केबिन में टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ-साथ पारंपरिक बटन दिए गए हैं जो ड्राइविंग को सुरक्षित और आसान बनाते हैं।

कीमत के मामले में कैसी है यह गाड़ी

अगर कीमत के नजरिए से देखें तो यह उन ग्राहकों को आकर्षित करेगी जो एक स्टाइलिश और अलग दिखने वाली कार चाहते हैं। यूरोपीय बाजारों में इसका मुकाबला रेनॉल्ट ट्विंगो ई-टेक और सिट्रोन ई-सी3 जैसी कारों से होने वाला है। इस कार की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी बिल्ด क्वालिटी और इसे चलाने में मिलने वाला मजा है। अगर हम भारतीय बाजार के संदर्भ में बात करें तो ₹21 से ₹22 लाख की अनुमानित कीमत के साथ यह कार टाटा टियागो ईवी या एमजी कॉमेट ईवी जैसी बजट कारों से काफी महंगी साबित होगी। लेकिन जो लोग एक प्रीमियम और फन-टू-ड्राइव गाड़ी की तलाश में हैं उनके लिए यह एक बेहतरीन और अनोखा विकल्प बन सकती है।

छोटी कारों के सेगमेंट में नया बदलाव

आजकल दुनिया भर के ऑटोमोबाइल बाजार में छोटी कारें धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं क्योंकि कंपनियां बड़े और महंगे एसयूवी मॉडल्स बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। ऐसे समय में होंडा ने इस छोटी कार को लाकर यह साबित कर दिया है कि भविष्य में भी छोटी कारों का क्रेज खत्म नहीं होने वाला है। इस कार की सफलता अन्य कार निर्माताओं को भी इस बात के लिए प्रेरित कर सकती है कि वे सिर्फ बड़ी गाड़ियां बनाने के बजाय छोटी और मजेदार इलेक्ट्रिक कारें भी तैयार करें। बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ इस तरह के मॉडल्स भविष्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आम लोगों के बीच और ज्यादा लोकप्रिय बनाने में मदद करेंगे। अंत में यह कहा जा सकता है कि यह कार इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आपको ड्राइविंग के मजे से समझौता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

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