घर पर ईवी चार्जिंग कैसे सेटअप करें? कुल लागत, सेफ्टी और सरकारी सब्सिडी

EV Charging At Home
---Advertisement---

पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों से परेशान होकर जब कोई व्यक्ति इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने का मन बनाता है, तो उसके दिमाग में सबसे पहला विचार यही आता है कि गाड़ी को रोजाना चार्ज कैसे किया जाएगा। सार्वजनिक स्टेशनों पर जाकर लंबी कतारों में खड़े होने से बेहतर है कि हम अपने घर पर ही एक मजबूत व्यवस्था तैयार कर लें। जैसे रात को सोते समय हम अपने मोबाइल को प्लग में लगा देते हैं, ठीक वैसे ही अपनी गाड़ी को घर की पार्किंग में चार्ज करना सबसे आरामदायक और किफायती तरीका माना जाता है। लेकिन घर पर एक सुरक्षित और पक्का सिस्टम तैयार करना सिर्फ एक साधारण प्लग लगाने जितना आसान काम नहीं है। इसके पीछे बिजली के लोड, सही तारों के चुनाव और सरकारी नियमों का एक पूरा गणित काम करता है। अगर आप भी अपने घर पर एक बेहतरीन ईवी चार्जिंग सेटअप लगाने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों को समझना बेहद जरूरी है।

आज के समय में भारत के ऑटोमोटिव बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। इस नए दौर में पेट्रोल के भारी-भरकम खर्चों से बचने के लिए लोग बड़ी संख्या में बैटरी वाली गाड़ियों को अपना रहे हैं। सार्वजनिक स्टेशनों पर जहां आपको प्रति यूनिट ₹18 से ₹24 तक का भुगतान करना पड़ता है, वहीं घर की घरेलू बिजली पर यह खर्च घटकर मात्र ₹5 से ₹10 प्रति यूनिट के बीच रह जाता है। इस तरह से देखा जाए तो अपने परिसर में ईवी चार्जिंग की व्यवस्था करना न सिर्फ आपके समय की बचत करता है बल्कि आपकी जेब को भी हर महीने एक बहुत बड़ी राहत देता है।

घरेलू ईवी चार्जिंग के अलग-अलग प्रकार और आपकी गाड़ी के लिए सबसे सही चुनाव

घर पर इस सिस्टम को लगाने से पहले आपको यह समझना होगा कि भारतीय बाजार में मुख्य रूप से किस तरह के घरेलू चार्जर इस्तेमाल किए जाते हैं। क्षमता के आधार पर इन्हें मुख्य रूप से दो श्रेणियों में देखा जाता है। पहली श्रेणी में आते हैं 3.3 kW क्षमता वाले धीमे एसी चार्जर, जिन्हें पोर्टेबल चार्जर भी कहा जाता है। यह चार्जर आमतौर पर हर इलेक्ट्रिक गाड़ी के साथ कंपनी की तरफ से मुफ्त दिए जाते हैं। इन्हें चलाने के लिए आपको अपने घर में किसी विशेष वायरिंग की जरूरत नहीं होती, बल्कि यह घर के सामान्य 15 एम्पीयर वाले तीन-पिन सॉकेट में आराम से लग जाते हैं। अगर आपकी रोज की रनिंग 50 किलोमीटर से कम है और आप गाड़ी को रात भर यानी 10 से 12 घंटे के लिए छोड़ सकते हैं, तो घरेलू ईवी चार्जिंग का यह सबसे साधारण और बिना किसी अतिरिक्त खर्च वाला विकल्प है।

दूसरी श्रेणी में आते हैं 7.2 kW क्षमता वाले एसी वॉलबॉक्स चार्जर, जिन्हें आज के समय में घरेलू उपयोग के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। यह चार्जर एक छोटा सा बॉक्स होता है जिसे आपकी पार्किंग की दीवार पर पक्के तौर पर इंस्टॉल कर दिया जाता है। इसकी मदद से एक सामान्य 40 kWh क्षमता वाली कार की बैटरी मात्र 5 से 6 घंटे के भीतर पूरी तरह से चार्ज हो जाती है। यह चार्जर आपके घर की सिंगल-फेस बिजली सप्लाई पर आसानी से काम कर सकता है। इसके अलावा बाजार में 11 kW और 22 kW के भारी चार्जर भी उपलब्ध हैं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए आपके घर में थ्री-फेस बिजली का कनेक्शन होना अनिवार्य है, जिसकी जरूरत केवल बहुत बड़ी बैटरी वाली प्रीमियम गाड़ियों में ही पड़ती है।

चार्जर यूनिट से लेकर बिजली के तारों तक का पूरा खर्च

घर पर एक पूरा चार्जिंग सिस्टम तैयार करने में कुल कितना पैसा खर्च होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सा चार्जर चुनते हैं और आपकी पार्किंग आपके बिजली के मीटर से कितनी दूरी पर है। नीचे दी गई सूची में एक अनुमानित खर्च का विवरण दिया जा रहा है जिससे आप अपना बजट आसानी से तय कर सकते हैं।

  • बेसिक 3.3 kW पोर्टेबल चार्जर यूनिट: यह आमतौर पर गाड़ी के साथ मुफ्त आती है, लेकिन अगर आप अलग से लेते हैं तो इसकी कीमत ₹10,000 से ₹20,000 के बीच होती है। इसके लिए आपको सिर्फ एक मजबूत 15 एम्पीयर का सॉकेट लगवाना होता है जिसका खर्च ₹1,000 से ₹2,000 आता है।
  • 7.2 kW वॉलबॉक्स स्मार्ट एसी चार्जर: इस चार्जर यूनिट की कीमत ब्रांड और फीचर्स के आधार पर ₹25,000 से ₹50,000 के बीच होती है। टाटा पावर या एक्सिकॉम जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के चार्जर इस रेंज में आसानी से मिल जाते हैं।
  • थ्री-फेस 11 kW एसी चार्जर: अगर आपकी गाड़ी बड़ी है और आप ज्यादा तेज चार्जिंग चाहते हैं, तो इस चार्जर यूनिट की कीमत ₹40,000 से ₹70,000 तक जा सकती है।
  • वायरिंग और लेबर का अतिरिक्त खर्च: मीटर से लेकर पार्किंग तक बिजली के मोटे तार (कम से कम 6 स्क्वेअर एमएम कॉपर वायर), कंड्यूट पाइप, एमसीबी बॉक्स और फिटिंग करने वाले कुशल इलेक्ट्रिशियन की फीस मिलाकर लगभग ₹5,000 से ₹15,000 का अतिरिक्त खर्च आता है। अगर दूरी 15 मीटर से ज्यादा है तो तारों का खर्च और बढ़ सकता है।

विभिन्न चार्जिंग विकल्पों का पूरा खर्च एक नजर में

Home EV Charging
Home EV Charging

नीचे दी गई टेबल में विभिन्न प्रकार के घरेलू चार्जिंग सेटअप की अनुमानित लागत, उनकी चार्जिंग स्पीड और लगने वाले समय को साफ तौर पर समझाया गया है ताकि आप अपनी सुविधा के अनुसार सही बजट बना सकें।

चार्जर का प्रकारअनुमानित यूनिट लागतचार्जिंग स्पीड (प्रति घंटे)औसतन चार्जिंग समय (40 kWh बैटरी)कुल इंस्टॉलेशन खर्च
3.3 kW पोर्टेबल चार्जर₹10,000 – ₹20,00015 – 20 km11 – 12 घंटे₹1,000 – ₹3,000
7.2 kW एसी वॉलबॉक्स₹25,000 – ₹50,00035 – 40 km5 – 6 घंटे₹5,000 – ₹15,000
11 kW थ्री-फेस चार्जर₹40,000 – ₹70,00050 – 60 km3 – 4 घंटे₹10,000 – ₹20,000

बिजली का स्वीकृत लोड बढ़ाना क्यों है सबसे पहला और जरूरी कदम

अपने घर में बड़ा चार्जर लगाने से पहले आपको अपने घर के स्वीकृत लोड यानी सेंक्शंड लोड की जांच करनी होगी। आप अपने घर का पुराना बिजली का बिल उठाकर देख सकते हैं कि वहां कितना लोड मंजूर किया गया है। आमतौर पर मध्यमवर्गीय भारतीय घरों में 3 kW से 5 kW तक का लोड मंजूर होता है। अब मान लीजिए कि आपके घर का लोड पहले से ही 4 kW है और आप उस पर सीधे 7.2 kW का एक नया चार्जर जोड़ देते हैं, तो जैसे ही आप चार्जर चालू करेंगे, आपके घर का मेन फ्यूज उड़ जाएगा या बिजली कंपनी का मीटर ट्रिप हो जाएगा। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गाड़ी आपके घर के पूरे लोड से भी ज्यादा बिजली अकेले खींचने लगती है।

इस समस्या से बचने के लिए आपको अपनी स्थानीय बिजली वितरण कंपनी के पास जाकर लोड बढ़ाने के लिए आवेदन करना होगा। अगर आप 7.2 kW का चार्जर लगा रहे हैं, तो सुरक्षित रहने के लिए आपको अपने घर का कुल लोड कम से कम 10 kW तक करवाना चाहिए। इस लोड को बढ़ाने के लिए बिजली कंपनियां कुछ सरकारी फीस लेती हैं, जो अलग-अलग राज्यों के नियमों के अनुसार बदलती रहती है। कुछ राज्यों में तो अब सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए बिल्कुल अलग से एक नया बिजली मीटर लगाने की सुविधा भी दे रही है, ताकि ग्राहकों को बिना किसी मानसिक तनाव के घर पर सुरक्षित ईवी चार्जिंग का पूरा लाभ मिल सके।

सुरक्षा के ऐसे कड़े नियम जिनमें लापरवाही की तो हो सकता है बड़ा नुकसान

बिजली से चलने वाली गाड़ियों को चार्ज करते समय सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना चाहिए क्योंकि इसमें लंबे समय तक बहुत भारी मात्रा में करंट बहता है। सबसे पहली बात जो आपको गांठ बांध लेनी है वो यह है कि कभी भी गाड़ी चार्ज करने के लिए किसी साधारण पतले एक्सटेंशन बोर्ड या मल्टी-प्लग का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। ऐसा करने से तार गर्म होकर पिघल सकते हैं और शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है। सुरक्षित ईवी चार्जिंग के लिए हमेशा मीटर से सीधे एक अलग और समर्पित सर्किट खिंचवाएं, जिसका कनेक्शन घर के अन्य उपकरणों जैसे टीवी या फ्रिज से बिल्कुल अलग हो।

इसके अलावा आपके चार्जिंग सेटअप में एक सही रेटिंग वाला एमसीबी और एक आरसीसीबी लगा होना बहुत जरूरी है। यह उपकरण किसी भी तरह का करंट लीक होने या शॉर्ट सर्किट होने पर बिजली की सप्लाई को एक सेकंड के भीतर अपने आप काट देते हैं। एक और बहुत महत्वपूर्ण चीज है अर्थिंग। आपके घर की अर्थिंग बेहद मजबूत होनी चाहिए और इसका रेजिस्टेंस 5 ओम से कम होना चाहिए। अगर आपके घर की पुरानी अर्थिंग कमजोर है, तो गाड़ी के लिए पार्किंग के पास ही एक नया अर्थिंग पिट तैयार करवाएं। उचित सुरक्षा उपकरणों के साथ की गई ईवी चार्जिंग आपकी महंगी गाड़ी को बिजली के ऊंचे झटकों से हमेशा सुरक्षित रखेगी।

सरकारी सब्सिडी और सस्ती बिजली दरों का ऐसे उठाएं पूरा फायदा

भारत सरकार देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कई तरह की नीतियां बना रही है। हालांकि केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं मुख्य रूप से सार्वजनिक और व्यावसायिक चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई हैं, लेकिन कई राज्यों की सरकारें अपने स्तर पर घरेलू खरीदारों को भी बहुत शानदार रियायतें दे रही हैं। उदाहरण के तौर पर दिल्ली सरकार अपनी विशेष नीति के तहत घर और दुकानों पर निजी चार्जर लगाने वाले शुरुआती आवेदकों को प्रति चार्जिंग पॉइंट ₹6,000 तक की सीधी सब्सिडी दे रही है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए ग्राहक सीधे अपनी बिजली कंपनी की वेबसाइट पर जाकर सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए आवेदन कर सकते हैं।

इसके अलावा देश के कई राज्यों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बिजली नियामक आयोगों ने निजी उपयोग के लिए विशेष रियायती टैरिफ तय किए हैं। सामान्य घरेलू बिजली जहां ज्यादा इस्तेमाल करने पर ऊपरी स्लैब में ₹10 से ₹12 प्रति यूनिट तक पहुंच जाती है, वहीं अलग मीटर पर ईवी चार्जिंग की दरें ₹4.50 से ₹6.50 प्रति यूनिट के आसपास तय की गई हैं। कई राज्यों में रात के समय यानी ऑफ-पीक घंटों में गाड़ी चार्ज करने पर अतिरिक्त छूट भी मिलती है। इसलिए सेटअप लगाते समय अपने स्थानीय बिजली कार्यालय में जाकर विशेष दरों वाले मीटर के बारे में पूरी जानकारी जरूर लें।

भविष्य की तैयारी और एक समझदारी भरा निवेश

घर पर इस तरह का पूरा सेटअप लगाना आज के समय में थोड़ा खर्चीला काम जरूर लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह आपके हजारों रुपयों की बचत कराने वाला एक बेहद शानदार निवेश साबित होता है। एक बार जब आपकी पार्किंग में एक सुरक्षित और मजबूत 7.2 kW का वॉलबॉक्स चार्जर लग जाता है, तो आपकी पेट्रोल पंपों पर जाने की निर्भरता हमेशा के लिए खत्म हो जाती है। घर पर सही तरीके से की गई ईवी चार्जिंग न सिर्फ आपकी गाड़ी की बैटरी लाइफ को सुरक्षित रखती है, बल्कि सार्वजनिक स्टेशनों पर लगने वाले अतिरिक्त टैक्स और सर्विस चार्ज से भी आपको बचाती है। आपको बस इतना करना है कि सही मोटाई के तारों का इस्तेमाल करना है, सुरक्षा के लिए अच्छे कट-ऑफ स्विच लगाने हैं और सरकार की तरफ से मिलने वाली सस्ती बिजली दरों का फायदा उठाना है। यह छोटा सा सेटअप आपकी इलेक्ट्रिक गाड़ी के सफर को बेहद आरामदायक, सुरक्षित और पूरी तरह से किफायती बना देगा।

Leave a comment