Government of the National Capital Territory of Delhi ने नई दिल्ली विद्युत वाहन नीति 2026–2030 का मसौदा जारी किया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य आने वाले वर्षों में दिल्ली में विद्युत वाहनों को तेजी से बढ़ावा देना और प्रदूषण को कम करना है।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा वाहनों से आता है। यही कारण है कि इस बार सरकार ने सिर्फ प्रोत्साहन ही नहीं, बल्कि सख्त नियम भी शामिल किए हैं।
दोपहिया वाहनों पर सबसे ज्यादा ध्यान
दिल्ली में कुल वाहनों में से लगभग 67 प्रतिशत दोपहिया हैं। इसलिए इस नीति में सबसे ज्यादा ध्यान इन्हीं पर दिया गया है।
अगर कोई व्यक्ति ₹2.25 लाख तक की कीमत वाला विद्युत दोपहिया खरीदता है, तो उसे सरकार की तरफ से सहायता दी जाएगी। पहले वर्ष में यह सहायता सबसे ज्यादा होगी और समय के साथ कम होती जाएगी।
अलग-अलग वाहनों के लिए अलग सहायता

इस नीति में सिर्फ दोपहिया ही नहीं, बल्कि तिपहिया और छोटे माल ढोने वाले वाहनों के लिए भी सहायता तय की गई है।
पहले वर्ष में तिपहिया वाहन खरीदने पर ₹50,000 तक की सहायता मिल सकती है, जबकि छोटे माल वाहन खरीदने पर ₹1 लाख तक का लाभ मिल सकता है।
इसका उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग शुरुआत में ही विद्युत वाहनों की तरफ बढ़ें।
पुराने वाहन हटाने पर अतिरिक्त लाभ
सरकार ने पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के लिए भी योजना बनाई है।
अगर आप अपना पुराना वाहन हटाकर नया विद्युत वाहन खरीदते हैं, तो आपको अलग से बोनस मिलेगा। यह राशि ₹10,000 से लेकर ₹1,00,000 तक हो सकती है।
यह पैसा सीधे आपके खाते में भेजा जाएगा, जिससे प्रक्रिया आसान और पारदर्शी रहेगी।
कर और पंजीकरण में पूरी छूट
नई नीति के तहत विद्युत वाहन खरीदने वालों को बड़ा फायदा यह मिलेगा कि उन्हें सड़क कर और पंजीकरण शुल्क नहीं देना होगा।
₹30 लाख तक की कीमत वाली कारों पर पूरी छूट दी जाएगी, जिससे वाहन खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा।
हालांकि, इससे ज्यादा कीमत वाली गाड़ियों को यह लाभ नहीं मिलेगा।
पेट्रोल और डीजल वाहनों पर सख्त नियम

इस नीति में समय सीमा तय की गई है, जिसके बाद पारंपरिक ईंधन वाले वाहन नए पंजीकरण के लिए अनुमति नहीं पाएंगे। जनवरी 2027 से तिपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल विद्युत रूप में होगा। इसके बाद पेट्रोल या गैस से चलने वाले तिपहिया वाहन पंजीकृत नहीं होंगे। अप्रैल 2028 से यही नियम दोपहिया वाहनों पर भी लागू हो जाएगा।
चार्जिंग सुविधा का बड़ा विस्तार
इस योजना में चार्जिंग सुविधा को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए Delhi Transco Limited को जिम्मेदारी दी गई है।
यह संस्था पूरे शहर में चार्जिंग केंद्र स्थापित करेगी और उनकी निगरानी करेगी, ताकि लोगों को कहीं भी चार्जिंग की परेशानी न हो।
योजना को लागू करने की जिम्मेदारी
इस नीति को सफल बनाने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। परिवहन विभाग, बिजली विभाग, पर्यावरण विभाग और अन्य संस्थाएं मिलकर इस योजना को लागू करेंगी।
इसके अलावा एक विशेष कोष भी बनाया जाएगा, जिससे इस योजना से जुड़े सभी खर्च पूरे किए जाएंगे।
दिल्ली विद्युत वाहन नीति 2026 – मुख्य जानकारी
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| नीति अवधि | 2026 से 31 मार्च 2030 |
| दोपहिया सहायता | अधिकतम ₹30,000 (पहले वर्ष) |
| तिपहिया सहायता | ₹50,000 तक |
| माल वाहन सहायता | ₹1,00,000 तक |
| पुराने वाहन पर बोनस | ₹10,000 से ₹1,00,000 |
| सड़क कर छूट | 100 प्रतिशत |
| तिपहिया नियम | जनवरी 2027 से केवल विद्युत |
| दोपहिया नियम | अप्रैल 2028 से केवल विद्युत |
| चार्जिंग व्यवस्था | पूरे शहर में विस्तार |
आखिर यह नीति क्यों खास है
यह नीति सिर्फ कागज पर बनी योजना नहीं है, बल्कि इसमें साफ लक्ष्य और समय सीमा तय की गई है।
जो लोग जल्दी विद्युत वाहन खरीदेंगे, उन्हें सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। वहीं धीरे-धीरे पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों को हटाया जाएगा।
अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली की सड़कों पर विद्युत वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ेगी और प्रदूषण में भी कमी देखने को मिलेगी।










