हरियाणा में पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने और प्रदूषण को कम करने के लिए राज्य सरकार एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। पर्यावरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘हरियाणा प्लान्स कम्प्लीट वेवर ऑन रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन फीस टू बूस्ट ईवी एडॉप्शन’ की नीति पर तेजी से काम चल रहा है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदें। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस विशेष योजना पर लंबी चर्चा की गई है। इस नए कदम से हरियाणा के नागरिकों को नई इलेक्ट्रिक कार या दोपहिया वाहन खरीदते समय हजारों रुपयों की सीधी बचत होगी।
हरियाणा सरकार का बड़ा कदम और नया ईवी प्रस्ताव
कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों के अनुसार, हरियाणा का ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट अब राज्य में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर वाहनों के रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह से मुफ्त करने का प्रस्ताव तैयार कर चुका है। राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अनिल विज ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है और अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजा गया है। वर्तमान में हरियाणा सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर सिर्फ 20 प्रतिशत की छूट देती है, जिसे अब बढ़ाकर पूरे 100 प्रतिशत करने की तैयारी की जा रही है। इस नीति का मुख्य फोकस सीधे तौर पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन के खर्च को पूरी तरह खत्म करना है।
चंडीगढ़ और दिल्ली की नीतियों का हरियाणा पर असर
हरियाणा सरकार पर यह बड़ा फैसला लेने का दबाव पड़ोसी राज्यों की नीतियों के कारण भी बना है। चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पहले से ही इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ समय में हरियाणा के बहुत से निवासियों ने चंडीगढ़ की मुफ्त रजिस्ट्रेशन पॉलिसी का लाभ उठाने के लिए अपनी गाड़ियां वहीं रजिस्टर करवाई हैं। इस वजह से हरियाणा सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी नुकसान को रोकने और अपने राज्य के नागरिकों को राहत देने के लिए सरकार अब इस नई पॉलिसी को जल्द लागू करने जा रही है।
एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण और नए नियम

हरियाणा का एक बड़ा हिस्सा नेशनल कैपिटल रीजन यानी एनसीआर के अंतर्गत आता है, जहां सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की समस्या बेहद गंभीर हो जाती है। कैबिनेट बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई है कि आने वाले समय में एनसीआर के क्षेत्रों में केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही चलने की अनुमति दी जा सकती है। ऐसे में डीजल और पेट्रोल वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए यह रोड टैक्स छूट बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि लोग क्लीन एनर्जी की तरफ तेजी से आकर्षित होंगे।
इलेक्ट्रिक वाहनों की रनिंग कॉस्ट और बचत का पूरा गणित
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का सबसे बड़ा फायदा इसकी कम चलने की लागत होती है। इसे समझने के लिए हम भारत की एक लोकप्रिय इलेक्ट्रिक कार का उदाहरण लेते हैं। कार्डेखो और ऑटोटेक सोर्सेज के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति 45 किलोवाट-घंटा की बैटरी क्षमता वाली एक इलेक्ट्रिक एसयूवी खरीदता है, तो उसकी बचत की गणना आसानी से की जा सकती है।
हम मानते हैं कि हरियाणा में घरेलू या कमर्शियल बिजली की दर ₹ 8 प्रति यूनिट है। इस कार को पूरा चार्ज करने के लिए 45 यूनिट बिजली की जरूरत होगी, जिसका कुल खर्च 45 × 8 = ₹ 360 आता है। निर्माता कंपनी इसकी एआरएआई-सर्टिफाइड रेंज 489 किलोमीटर बताती है, लेकिन असल दुनिया की परिस्थितियों में रियल-वर्ल्ड रेंज हमेशा एआरएआई से कम होती है क्योंकि यह ट्रैफिक, एसी के उपयोग और ड्राइविंग स्टाइल पर निर्भर करती है। ऑटोकार इंडिया के टेस्ट के अनुसार, इसकी रियल-वर्ल्ड रेंज लगभग 375 किलोमीटर मिलती है।
इस प्रकार, ₹ 360 के खर्च में 375 किलोमीटर चलने पर इस इलेक्ट्रिक कार की प्रति किलोमीटर रनिंग कॉस्ट महज ₹ 0.96 आती है। इसके मुकाबले, यदि हम ₹ 95 प्रति लीटर की कीमत वाले पेट्रोल से चलने वाली एक समान आकार की पेट्रोल कार को देखें जो लगभग 12 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है, तो उसकी प्रति किलोमीटर रनिंग कॉस्ट ₹ 95 / 12 = ₹ 7.91 आती है। इस तरह हर एक किलोमीटर पर करीब ₹ 6.95 की बचत होती है। यदि आप साल में 10,000 किलोमीटर गाड़ी चलाते हैं, तो आपकी कुल बचत 10,000 × 6.95 = ₹ 69,500 होगी।
लोकप्रिय इलेक्ट्रिक कार के तकनीकी विनिर्देश
नीचे दी गई तालिका में भारत की एक मानक इलेक्ट्रिक एसयूवी के आधिकारिक आंकड़े दिए गए हैं, जिससे इस पॉलिसी के तहत मिलने वाले फायदों को समझा जा सके:
| विशेषता | आधिकारिक विवरण |
| बैटरी क्षमता | 45 किलोवाट-घंटा |
| एआरएआई क्लेम्ड रेंज | 489 किलोमीटर |
| वास्तविक दुनिया की अनुमानित रेंज | 375 किलोमीटर |
| मोटर पावर | 142 बीएचपी |
| टॉर्क | 215 एनएम |
| डीसी फास्ट चार्जिंग समय (10-80%) | 40 मिनट |
| शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत | ₹ 13.99 लाख |
नई ईवी पॉलिसी की मुख्य विशेषताएं और आगामी योजनाएं
हरियाणा के उद्योग विभाग द्वारा तैयार की जा रही इस नई पॉलिसी के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ और बिंदु इस प्रकार हैं:
- इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स की छूट मिलेगी।
- नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय ली जाने वाली रजिस्ट्रेशन फीस को पूरी तरह से माफ किया जाएगा।
- एनसीआर के शहरों में क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास किया जाएगा।
- चार्जिंग स्टेशंस स्थापित करने वाले व्यवसायों को भी विशेष रियायतें देने का प्रस्ताव है।
- भविष्य में वाहनों की खरीद पर सीधी सब्सिडी देने के प्रावधानों पर भी विचार चल रहा है।
हरियाणा सरकार का रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस को पूरी तरह माफ करने का यह प्लान राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार को एक नई दिशा दे सकता है। चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे पड़ोसी राज्यों की बराबरी करने और अपने राजस्व को बचाने के लिए यह एक बेहद व्यावहारिक कदम है। इसके लागू होने से न केवल नए खरीदारों के पैसों की बचत होगी, बल्कि एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर में भी भारी गिरावट आने की उम्मीद है। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और उद्योग विभाग के इस संयुक्त प्रयास से हरियाणा आने वाले समय में एक प्रमुख ग्रीन मोबिलिटी हब के रूप में उभर सकता है।










