होंडा एक्टिवा ई vs एक्टिवा पेट्रोल: जानिए क्यों नया इलेक्ट्रिक एक्टिवा हर मामले में पड़ रहा है भारी

Honda Activa e VS Honda Activa
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भारतीय मध्यमवर्गीय परिवारों में होंडा एक्टिवा सिर्फ एक टू-व्हीलर नहीं है, बल्कि भरोसे का दूसरा नाम है। पिछले कई दशकों से इस गाड़ी ने हर घर में अपनी एक मजबूत और खास जगह बनाई है। चाहे रोजाना दफ्तर जाना हो, बच्चों को स्कूल छोड़ना हो या घर का राशन लाना हो, एक्टिवा हमेशा पहली पसंद रही है। लेकिन अब समय बदल रहा है और इस आधुनिक दौर में होंडा ने अपनी सबसे बड़ी चाल चलते हुए भारतीय बाजार में नया होंडा एक्टिवा ई (Honda Activa e) इलेक्ट्रिक स्कूटर उतार दिया है। पारंपरिक पेट्रोल से चलने वाली एक्टिवा 6जी के मुकाबले यह नया इलेक्ट्रिक अवतार तकनीकी और व्यावहारिक रूप से इतना एडवांस हो चुका है कि लोग अब पुराने पेट्रोल मॉडल को छोड़कर इस पर दांव लगा रहे हैं। यदि आप भी अपने लिए एक नया स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं और पेट्रोल एक्टिवा बनाम इलेक्ट्रिक एक्टिवा के बीच उलझे हुए हैं, तो यह लेख आपकी आंखें खोल देगा। हम विस्तार से बात करेंगे कि क्यों नया एक्टिवा ई अपने पुराने पेट्रोल काउंटरपार्ट से कहीं ज्यादा बेहतर और फायदे का सौदा साबित हो रहा है।

वही जाना पहचाना डिजाइन लेकिन प्रीमियम और आधुनिक लुक का जबर्दस्त संगम

होंडा ने अपने नए एक्टिवा ई को डिजाइन करते समय एक बहुत ही समझदारी भरा फैसला लिया है। कंपनी ने इसके उसी पारंपरिक और आईकॉनिक लुक को बरकरार रखा है जिसे करोड़ों भारतीय सालों से देखते आ रहे हैं, ताकि पुराने ग्राहकों को इसे अपनाने में कोई हिचकिचाहट न हो। साइज के मामले में इसकी कुल लंबाई 1854 mm, चौड़ाई 700 mm और ऊंचाई 1125 mm रखी गई है। इसके साथ ही इसमें 1310 mm का शानदार व्हीलबेस और 171 mm का ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है जो इसे भारतीय रास्तों के बड़े-बड़े स्पीड ब्रेकर्स से आसानी से पार लगा देता है। इसका कुल वजन लगभग 118 से 119 kg के आसपास बैठता है, जो भारी-भरकम बैटरी पैक की वजह से पेट्रोल मॉडल के 106 kg वजन से थोड़ा सा ज्यादा जरूर है, लेकिन इसके वजन का संतुलन इस तरह किया गया है कि चलाते समय यह बेहद हल्की महसूस होती है।

भले ही इसका ढांचा पुराना जैसा दिखता हो, लेकिन इसके फीचर्स और प्रीमियम फिनिश इसे बिल्कुल नए जमाने की गाड़ी बनाते हैं। इसमें बेहद शानदार डायमंड-कट अलॉय व्हील्स, शानदार एलईडी हेडलाइट और खूबसूरत डीआरएल दिए गए हैं। इसके आगे का फेंडर और काउल काफी एरोडायनामिक है जो हवा के घर्षण को कम करता है। इसके अलावा इसमें बॉडी के रंग के ही रियर-व्यू मिरर्स दिए गए हैं जो इसके लुक को और ज्यादा आलीशान बनाते हैं। सबसे बड़ा बदलाव इसके अंदरूनी फ्रेम में किया गया है। पेट्रोल मॉडल के विपरीत, इस इलेक्ट्रिक वेरिएंट में एक खास इंटीग्रेटेड फ्रेम का इस्तेमाल हुआ है जो इसके रिमूवेबल यानी स्वैपेबल बैटरी सिस्टम को मजबूती से संभालता है और राइडिंग के दौरान गाड़ी को जबर्दस्त मजबूती और स्थिरता देता है।

इसके अलावा ग्राहकों की सहूलियत के लिए फ्रंट में दो गहरे पॉकेट्स दिए गए हैं, जिनमें 15W का फास्ट यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट लगा है ताकि आप सफर के दौरान अपना फोन आसानी से चार्ज कर सकें। तंग जगहों पर भारी स्कूटर को पीछे धकेलने की मशक्कत से बचाने के लिए इसमें एक बहुत ही उपयोगी ‘रिवर्स असिस्ट मोड’ भी दिया गया है। यह जाना-पहचाना लुक और नए जमाने के फीचर्स का ऐसा बेहतरीन तालमेल है जो इसे पुरानी एक्टिवा से एक कदम आगे खड़ा करता है।

रिफाइंड परफॉर्मेंस और झटकेदार टॉर्क पेट्रोल इंजन पर भारी पड़ती इलेक्ट्रिक मोटर

जब आप पेट्रोल एक्टिवा से उतरकर इस नए एक्टिवा ई की सवारी करेंगे, तो आपको परफॉर्मेंस का एक बहुत बड़ा और साफ अंतर महसूस होगा। होंडा एक्टिवा ई में एक बेहद शक्तिशाली परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर (PMSM) लगाई गई है जो 6 kW की अधिकतम पावर और पूरे 22 Nm का भारी-भरकम टॉर्क पैदा करती है। इसकी तुलना अगर पारंपरिक पेट्रोल एक्टिवा 6जी से करें, तो उसमें 109.51 cc का सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है जो महज 7.88 से 7.99 PS की पावर और केवल 9.05 Nm का टॉर्क दे पाता है। यानी इलेक्ट्रिक मॉडल में आपको पेट्रोल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा टॉर्क मिलता है।

इलेक्ट्रिक मोटर की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि यह जैसे ही आप थ्रॉटल घुमाते हैं, जीरो आरपीएम से ही अपना पूरा टॉर्क दे देती है। इसका नतीजा यह होता है कि सिग्नल खुलते ही यह गाड़ी किसी रॉकेट की तरह फुर्ती से आगे निकल जाती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एक्टिवा ई महज 7.3 सेकंड में 0 से 60 km/h की रफ्तार पकड़ लेती है, जो शहर के भारी और रुक-रुक कर चलने वाले ट्रैफिक में ओवरटेक करने के लिए बहुत ही शानदार है। इसकी अधिकतम रफ्तार को 80 km/h पर सीमित किया गया है जो शहरी और उपनगरीय रास्तों के हिसाब से बहुत सुरक्षित और पर्याप्त है। वहीं पेट्रोल मॉडल की टॉप स्पीड भले ही 85 km/h के आसपास हो, लेकिन वहां रफ्तार धीरे-धीरे और इंजन के शोर के साथ बढ़ती है।

राइडर की सहूलियत और माइलेज का कंट्रोल

Honda Activa e Electric Scooter
Honda Activa e Electric Scooter

स्पोर्ट मोड: इस मोड में मोटर अपनी पूरी ताकत झोंक देती है, जिससे आपको सबसे तेज एक्सीलरेशन और दमदार परफॉर्मेंस मिलती है। स्टैंडर्ड मोड: यह मोड रोजमर्रा के सामान्य सफर के लिए सबसे बेस्ट है, जहां आपको रफ्तार और रेंज का एक बहुत ही शानदार संतुलन देखने को मिलता है। इकोन मोड: अगर आपकी बैटरी कम है या आप ज्यादा से ज्यादा दूरी तय करना चाहते हैं, तो यह मोड थ्रॉटल के रिस्पॉन्स को थोड़ा धीमा करके रेंज को काफी बढ़ा देता है।

आराम के मामले में इसके फ्रंट में टेलिस्कोपिक फोर्क्स और रियर में 3-स्टेप एडजस्टेबल हाइड्रोलिक मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है, जो सड़क के हर छोटे-बड़े गड्ढे को अपने अंदर सोख लेता है। भारी बैटरियों को सीट के नीचे बिल्कुल सही सेंटर में रखने की वजह से इसका ग्रेविटी सेंटर काफी नीचे आ गया है, जिससे मोड़ों पर गाड़ी बहुत ही संतुलित और जमी हुई चलती है। पेट्रोल इंजन में होने वाली खटखट की आवाज और वाइब्रेशन के मुकाबले इसका पूरी तरह से शांत और कंपन-मुक्त सफर आपको एक बेहद लग्जरी और थकावट रहित राइडिंग का अनुभव कराता है।

पेट्रोल की महंगी कीमतों से आजादी

होंडा एक्टिवा ई में ग्राहकों को एक बार पूरा चार्ज करने पर पूरे 102 km की प्रमाणित रेंज (IDC) मिलती है, जो शहर के अंदर रोज 30 से 50 km चलने वाले लोगों के लिए दो से तीन दिन का सफर आसानी से तय करा देती है। इस स्कूटर को पावर देने के लिए इसमें 1.5 kWh क्षमता की दो लिथियम-आयन बैटरियों का इस्तेमाल किया गया है, यानी कुल क्षमता 3 kWh की है। इन बैटरियों को पानी और धूल से सुरक्षित रखने के लिए IP65 की मजबूत रेटिंग दी गई है, जिससे भारी बारिश या पानी भरे रास्तों पर भी खराब होने का कोई खतरा नहीं रहता।

सबसे क्रांतिकारी बात यह है कि यह स्कूटर होंडा की ‘e:SWAP’ तकनीक के साथ आता है। इसका मतलब यह है कि अगर आप रास्ते में कहीं जा रहे हैं और आपकी बैटरी खत्म हो जाती है, तो आपको किसी चार्जिंग स्टेशन पर घंटों खड़े रहने की जरूरत नहीं है। आप होंडा के नजदीकी स्वैपिंग स्टेशन पर जाकर अपनी खाली बैटरी को मात्र कुछ मिनटों के अंदर पूरी तरह से चार्ज हुई नई बैटरी से बदल सकते हैं। यह प्रक्रिया उतनी ही तेज है जितनी पेट्रोल पंप पर जाकर तेल डलवाना। इसके अलावा जो लोग घर पर ही चार्ज करना चाहते हैं, उनके लिए होम चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है जिससे बैटरी लगभग 4 से 5 घंटे में पूरी तरह फुल हो जाती है। इन बैटरियों पर होंडा पूरे 3 साल या 50,000 km की लंबी वारंटी भी दे रहा है।

इसके मुकाबले अगर हम पेट्रोल एक्टिवा 6जी को देखें, तो उसमें 5.3 लीटर का फ्यूल टैंक मिलता है जो लगभग 45 से 50 kmpl का माइलेज देता है। एक बार फुल टैंक कराने पर वह 240 से 265 km की दूरी तो तय कर लेता है, लेकिन उसके लिए आपको लगातार पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की मार झेलनी पड़ती है, बार-बार पेट्रोल पंप के चक्कर लगाने पड़ते हैं और इंजन के रखरखाव का भारी खर्च उठाना पड़ता है। इलेक्ट्रिक एक्टिवा आपको इन सभी झंझटों से हमेशा के लिए आजादी दे देती है।

एनालॉग मीटर का जमाना गया एक्टिवा ई के साथ डिजिटल युग में कदम

फीचर्स और आधुनिक तकनीक के मामले में नया एक्टिवा ई अपने पुराने पेट्रोल मॉडल को कोसों पीछे छोड़ देता है। इसके टॉप वेरिएंट्स में एक बहुत ही बड़ा और खूबसूरत 7 इंच का पूरी तरह से डिजिटल टीएफटी (TFT) डिस्प्ले दिया गया है। यह डिस्प्ले होंडा के खास ‘RoadSync Duo’ ऐप कनेक्टिविटी के साथ आता है। इसकी मदद से आप अपने स्मार्टफोन को स्कूटर से कनेक्ट कर सकते हैं और सीधे स्क्रीन पर ही टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन (रास्ता), इनकमिंग कॉल्स और म्यूजिक को कंट्रोल कर सकते हैं। इसके अलावा ऐप के जरिए आपको गाड़ी की लाइव लोकेशन, गिरने पर तोपल अलर्ट और समय पर सर्विसिंग के रिमाइंडर्स भी मिलते रहते हैं।

सुरक्षा को बेहद मजबूत बनाने के लिए इसमें ‘स्मार्ट की’ यानी चाबी रहित तकनीक दी गई है, जिससे आप बिना चाबी लगाए सिर्फ एक बटन से स्कूटर को स्टार्ट, लॉक या सीट को अनलॉक कर सकते हैं। ब्रेकिंग के लिए इसके फ्रंट में 160 mm का डिस्क ब्रेक और रियर में 130 mm का ड्रम ब्रेक दिया गया है जो होंडा के कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) के साथ मिलकर काम करता है। यह सिस्टम तेज रफ्तार में भी अचानक ब्रेक लगाने पर गाड़ी को फिसलने नहीं देता और बेहद सुरक्षित तरीके से रोक देता है।

इसके विपरीत, पेट्रोल एक्टिवा में आज भी बुनियादी फीचर्स ही मिलते हैं। उसके टॉप वेरिएंट में भले ही एक छोटा डिजिटल मीटर आ गया हो, लेकिन वह इलेक्ट्रिक मॉडल के इस आलीशान इंफोटेनमेंट सिस्टम और कनेक्टेड फीचर्स के सामने कहीं नहीं ठहरता। इसके अलावा एक्टिवा ई में ‘रीजनरेटिव ब्रेकिंग’ का भी फीचर है, जो गाड़ी के धीमे होने या ब्रेक लगाने पर पैदा होने वाली ऊर्जा को वापस बैटरी में भेजकर उसे थोड़ा बहुत चार्ज करता रहता है, जिससे इसकी एफिशिएंसी और बढ़ जाती है।

पैसों की भारी बचत और मेंटेनेंस के खर्च से हमेशा के लिए मुक्ति

शुरुआती तौर पर देखें तो होंडा एक्टिवा ई की एक्स-शोरूम कीमत इसके वेरिएंट और क्षेत्र के हिसाब से लगभग ₹1.17 लाख से ₹1.20 लाख के बीच शुरू होती है। वहीं पेट्रोल एक्टिवा की कीमत लगभग ₹75,000 से ₹90,000 के आसपास रहती है। पहली नजर में इलेक्ट्रिक मॉडल थोड़ा महंगा जरूर लग सकता है, लेकिन अगर आप लंबी अवधि के गणित को समझेंगे, तो यह आपके लाखों रुपये बचाने वाली गाड़ी साबित होगी।

पेट्रोल गाड़ी में आपको हर महीने हजारों रुपये का महंगा तेल डलवाना पड़ता है, जबकि इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने का बिजली का खर्च उसके मुकाबले नाममात्र होता है। सबसे बड़ा अंतर आता है मेंटेनेंस यानी रखरखाव के खर्च में। पेट्रोल एक्टिवा में आपको हर कुछ महीनों में सर्विस सेंटर जाकर इंजन ऑयल बदलवाना, स्पार्क प्लग साफ कराना, एयर फिल्टर बदलना और इंजन के ढीले पार्ट्स की मरम्मत करानी पड़ती है। इलेक्ट्रिक स्कूटर में ऐसा कोई झंझट नहीं होता क्योंकि इसमें न तो कोई इंजन ऑयल होता है और न ही कोई जटिल इंजन पार्ट्स। इसके अलावा होंडा का बैटरी स्वैपिंग सिस्टम बैटरी के खराब होने या उसकी लाइफ कम होने की चिंता को भी पूरी तरह खत्म कर देता है क्योंकि बैटरियों की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होती है। दो से तीन साल के इस्तेमाल के अंदर ही पेट्रोल और सर्विसिंग में होने वाली भारी बचत इस कार की शुरुआती बढ़ी हुई कीमत को पूरी तरह से वसूल कर देती है।

पेट्रोल एक्टिवा बनाम इलेक्ट्रिक एक्टिवा: दोनों मॉडल्स का सीधा मुकाबला

नीचे दी गई तालिका की मदद से आप होंडा एक्टिवा ई और उसके पारंपरिक पेट्रोल काउंटरपार्ट के बीच के सभी मुख्य तकनीकी और व्यावहारिक अंतरों को आसानी से समझ सकते हैं।

होंडा एक्टिवा ई बनाम एक्टिवा पेट्रोल (6जी) तुलना

तकनीकी पैरामीटरHonda Activa e:Honda Activa
मोटर / इंजन क्षमता6 kW की PMSM इलेक्ट्रिक मोटर109.51 cc सिंगल-सिलेंडर पेट्रोल इंजन
अधिकतम पावर आउटपुट6 kW (लगभग 8.15 hp)7.88 – 7.99 PS (लगभग 5.8 kW)
अधिकतम टॉर्क22 Nm (शुरुआत से ही उपलब्ध)9.05 Nm (धीरे-धीरे बढ़ता है)
प्रमाणित रेंज / माइलेज102 km प्रति सिंगल चार्ज (IDC)45 से 50 kmpl का माइलेज
बैटरी / फ्यूल टैंक कैपेसिटी3 kWh (1.5 kWh की दो स्वैपेबल बैटरियां)5.3 लीटर का पेट्रोल टैंक

पर्यावरण की सुरक्षा और कुछ व्यावहारिक बातें जिन पर ध्यान देना है जरूरी

होंडा एक्टिवा ई को चुनना न केवल आपकी जेब के लिए अच्छा है बल्कि हमारे पर्यावरण के लिए भी एक बहुत ही सराहनीय कदम है। यह गाड़ी चलते समय बिल्कुल भी धुआं या हानिकारक गैसें नहीं छोड़ती, जिससे शहरों में बढ़ने वाले प्रदूषण को कम करने में बड़ी मदद मिलती है। इसके साथ ही इसका पूरी तरह से शांत रहना ध्वनि प्रदूषण को भी खत्म करता है।

हालांकि इस गाड़ी को खरीदते समय कुछ छोटी बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। चूंकि इसकी दोनों बड़ी बैटरियां सीट के नीचे फिट होती हैं, इसलिए इसमें पारंपरिक पेट्रोल एक्टिवा की तरह सीट के नीचे बहुत बड़ा बूट स्पेस नहीं मिल पाता है। हालांकि कंपनी ने इस कमी को पूरा करने के लिए फ्रंट में गहरे पॉकेट्स और फ्लैट फ्लोरबोर्ड दिया है। इसके अलावा खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपके शहर या इलाके में होंडा के बैटरी स्वैपिंग स्टेशंस का नेटवर्क कितना मजबूत है, क्योंकि अगर आपके पास स्वैपिंग की सुविधा पास में होगी, तो आपका सफर बेहद आसान और बिना किसी रुकावट के पूरा होगा।

भविष्य की सवारी के लिए एक बेहद समझदारी भरा और सही फैसला

कुल मिलाकर देखा जाए तो होंडा एक्टिवा ई ने अपने पुराने पेट्रोल मॉडल की उसी मजबूती और भरोसे की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उसे एक बेहद आधुनिक, तेज और किफायती रूप दे दिया है। इसका जबर्दस्त झटकेदार टॉर्क, बिना किसी शोर और वाइब्रेशन के चलने वाली मोटर, कमाल के कनेक्टिविटी फीचर्स और पेट्रोल के खर्च से हमेशा के लिए मिलने वाली आजादी इसे आज के दौर का सबसे बेहतरीन स्कूटर बनाती है। होंडा का स्वैपेबल बैटरी सिस्टम उन लोगों की रेंज की चिंता को भी पूरी तरह खत्म कर देता है जो चार्जिंग के लिए घंटों इंतजार नहीं करना चाहते। शहरी और उपनगरीय रास्तों पर रोज आने-जाने वाले परिवारों के लिए यह स्कूटर केवल एक अपग्रेड नहीं है, बल्कि एक बेहद समझदारी भरा और भविष्य को सुरक्षित करने वाला निवेश है। अपने नजदीकी होंडा शोरूम पर जाकर इसकी टेस्ट राइड लें और खुद महसूस करें कि क्यों एक्टिवा ई का यह नया इलेक्ट्रिक रूप पेट्रोल मॉडल से कहीं आगे निकल चुका है।

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