भारतीय ऑटोमोटिव मार्केट में इन दिनों इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है। हर कोई पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परेशान होकर एक ऐसा साधन ढूंढ रहा है जो जेब पर भारी न पड़े और रोजमर्रा के कामों को आसानी से निपटा सके। इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में वैसे तो कई बड़े नाम मौजूद हैं, लेकिन जब बात कम बजट में ज्यादा रेंज और बेहतरीन फीचर्स की आती है, तो ग्राहक अक्सर असमंजस में पड़ जाते हैं। इसी बजट वाली कैटगरी में एक बहुत ही ठोस और व्यावहारिक विकल्प के रूप में एक नया स्कूटर सामने आया है, जिसका नाम है Ola S1 Z। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को खासकर उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो बहुत ज्यादा तड़क-भड़क के बजाय मजबूती, कम कीमत और बेहतर परफॉर्मेंस पर भरोसा करते हैं। इस आर्टिकल में हम इस स्कूटर के हर एक पहलू पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप एक सही फैसला ले सकें।
भारतीय सड़कों और यहां के मध्यमवर्गीय परिवारों की जरूरतों को देखते हुए इस स्कूटर में कई ऐसे बदलाव किए गए हैं जो इसे बाकी पारंपरिक इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से अलग बनाते हैं। चाहे आप कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट हों, दफ्तर जाने वाले कामकाजी प्रोफेशनल हों या फिर कोई डिलीवरी पार्टनर, यह स्कूटर हर किसी की जरूरत में फिट बैठने की काबिलियत रखता है। कंपनी ने इसके जरिए सीधे तौर पर बजट सेगमेंट में अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश की है, जहां ग्राहक एक-एक पैसे की कीमत वसूलना चाहता है।
वेरिएंट्स और उनकी कीमतें
जब भी कोई आम भारतीय नागरिक नई गाड़ी खरीदने की सोचता है, तो उसका सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण सवाल उसकी कीमत को लेकर होता है। इस मामले में ग्राहकों को निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस स्कूटर की प्राइसिंग को बहुत ही आक्रामक और किफायती रखा गया है। इस सीरीज को दो मुख्य वेरिएंट्स के साथ मार्केट में उतारा गया है। इसमें पहला बेस मॉडल है जिसे स्टैंडर्ड यानी Ola S1 Z STD कहा जाता है और दूसरा इसका थोड़ा एडवांस वर्जन है जिसे Ola S1 Z Plus के नाम से जाना जाता है।
अगर हम कीमतों की बात करें तो इसके बेस वेरिएंट की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 59,999 रुपये तय की गई है। वहीं इसके थोड़े ज्यादा यूटिलिटी फीचर्स और एक्सेसरीज के साथ आने वाले Plus वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 64,999 रुपये रखी गई है। आज के समय में जब अच्छे पेट्रोल स्कूटर्स की कीमत भी एक लाख रुपये के पार जा चुकी है, ऐसे में 60,000 रुपये के आसपास की शुरुआती कीमत में एक फुल-साइज इलेक्ट्रिक स्कूटर मिलना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। यह कम कीमत उन लोगों को इलेक्ट्रिक व्हीकल अपनाने के लिए सबसे ज्यादा प्रेरित करेगी जो अब तक सिर्फ बजट के कारण रुके हुए थे।
डिजाइन और यूटिलिटी लुक

दिखने के मामले में यह स्कूटर कंपनी के पुराने और प्रीमियम स्कूटर्स से काफी अलग नजर आता है। जहां पुराने मॉडल्स में बहुत ही स्मूथ और कर्व्ड डिजाइन देखने को मिलता था, वहीं इस नए मॉडल में एक बॉक्सी और थोड़ा व्यावहारिक रूप दिया गया है। इसका लुक पहली नजर में ही आपको यह बता देता है कि इसे रफ और टफ इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है। इसके फ्रंट एप्रन पर नीचे की तरफ एक अनोखी ट्रेपेज़ॉइडल एलईडी हेडलाइट लगाई गई है, जो न सिर्फ इसे एक अलग पहचान देती है बल्कि रात के अंधेरे में सड़क पर काफी लंबी और साफ रोशनी भी बिखेरती है। इसके हैंडलवार के हिस्से को काफी खुला और मिनिमल रखा गया है, जिसमें एक पारदर्शी वाइज़र जैसा लुक दिया गया है।
स्कूटर के निचले हिस्से की बात करें तो इसमें बिल्कुल फ्लैट फुटबोर्ड दिया गया है। फ्लैट फुटबोर्ड होने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि राइडर के लिए पैर रखने की पर्याप्त जगह तो मिलती ही है, साथ ही आप इस पर राशन का सामान, पानी का कैन या कोई छोटा-मोटा बक्सा भी बहुत आराम से रखकर ले जा सकते हैं। इसकी सीट सिंगल पीस डिजाइन की है जो काफी लंबी और अच्छी कुशनिंग के साथ आती है, जिससे शहर के लंबे सफर में भी राइडर और पीछे बैठने वाले पैसेंजर को थकान महसूस नहीं होती। इसके Plus वेरिएंट में कंपनी ने कुछ बेहद उपयोगी चीजें अलग से जोड़ी हैं, जैसे कि फ्रंट और रियर हिस्से में सामान बांधने के लिए मजबूत लगेज रैक और पैर रखने के लिए एक विशेष साइडस्टेप। यह सारे फीचर्स इसे कमर्शियल लोडिंग और डिलीवरी के काम के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं।
बैटरी पैक और रिमूवेबल टेक्नोलॉजी
Ola S1 Z इलेक्ट्रिक स्कूटर का सबसे बड़ा यूएसपी यानी सबसे खास फीचर इसका बैटरी सिस्टम है। आमतौर पर जितने भी बड़े और महंगे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स बाजार में मिलते हैं, उनमें फिक्स्ड बैटरी दी जाती है। फिक्स्ड बैटरी का मतलब होता है कि आपको अपने स्कूटर को चार्ज करने के लिए उसे किसी चार्जिंग सॉकेट के पास ले जाना पड़ेगा, जो कि उन लोगों के लिए बहुत मुश्किल होता है जो अपार्टमेंट या बहुमंजिला इमारतों में रहते हैं। इस बड़ी समस्या का समाधान इस स्कूटर में दिया गया है क्योंकि यह रिमूवेबल यानी आसानी से बाहर निकाली जा सकने वाली पोर्टेबल बैटरी के साथ आता है। आप इसकी बैटरी को निकालकर अपने घर के अंदर, ऑफिस के केबिन में या किसी भी दुकान पर ले जाकर नॉर्मल 3-पिन पावर सॉकेट से चार्ज कर सकते हैं।
अगर हम तकनीकी क्षमता की बात करें तो इसमें 1.5 kWh क्षमता के दो अलग-अलग बैटरी पैक दिए गए हैं, जो मिलकर कुल 3 kWh की क्षमता बनाते हैं। सबसे बढ़िया बात यह है कि यह स्कूटर सिर्फ एक बैटरी पैक की मदद से भी आसानी से सड़क पर दौड़ सकता है। अगर आप इसमें केवल एक बैटरी लगाते हैं, तो यह आपको लगभग 75 km की सर्टिफाइड रेंज देता है। वहीं जब आप दोनों बैटरी पैक्स को एक साथ इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कुल रेंज बढ़कर 146 km तक पहुंच जाती है। एक सिंगल बैटरी पैक को पूरी तरह से 0 से 100 प्रतिशत चार्ज होने में लगभग 5 से 6 घंटे का समय लगता है। हालांकि इसमें कोई फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट देखने को नहीं मिलता, लेकिन पोर्टेबल होने की वजह से आप इसे रात में सोते समय अपने कमरे में भी आराम से चार्ज पर लगा सकते हैं।
मोटर पावर और परफॉर्मेंस
अब बात आती है कि यह स्कूटर चलने में कैसा है और इसकी पावर कैसी है। इस स्कूटर में 3 kW की पीक पावर वाली हब-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल किया गया है। हब मोटर का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह सीधे पिछले पहिये के बीच में फिट होती है, जिससे गाड़ी में किसी भी तरह के चैन ड्राइव या बेल्ट ड्राइव की जरूरत नहीं पड़ती। इसका सीधा मतलब यह है कि समय के साथ चैन ढीली होने या बेल्ट टूटने का कोई डर नहीं रहता और आपका मेंटेनेंस का खर्चा भी लगभग शून्य हो जाता है। शहर के ट्रैफिक और चढ़ाई वाले रास्तों पर चलने के लिए यह मोटर काफी अच्छी पावर जेनरेट करती है।
अगर हम परफॉर्मेंस के सरकारी और कंपनी के आंकड़ों को देखें, तो यह स्कूटर महज 4.7 सेकंड में 0 से 40 kmph की रफ्तार पकड़ लेता है। शहर के भारी ट्रैफिक में किसी भी गाड़ी को ओवरटेक करने या सिग्नल खुलते ही सबसे आगे निकलने के लिए यह पिकअप बहुत ही शानदार माना जाएगा। इस स्कूटर की टॉप स्पीड 70 kmph तक जाती है, जो शहर के भीतर गाड़ी चलाने के लिहाज से एकदम परफेक्ट है। आप इस स्पीड पर गाड़ी को बिना किसी वाइब्रेशन या परेशानी के बहुत ही स्मूथ तरीके से क्रूज करा सकते हैं।
सस्पेंशन, टायर्स और ब्रेकिंग
राइडिंग क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए इस बजट स्कूटर में एक ऐसी चीज दी गई है जो इस कैटगरी के दूसरे स्कूटर्स में मिलना लगभग असंभव होता है। इसमें 14-inch के बड़े व्हील्स यानी पहिये दिए गए हैं। भारतीय बाजार में बिकने वाले ज्यादातर स्कूटर्स में 10 या 12-inch के पहिये ही देखने को मिलते हैं, लेकिन बड़े पहिये होने के कारण यह स्कूटर सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और स्पीड ब्रेकर्स को बहुत ही आसानी से पार कर लेता है। बड़े पहियों की वजह से इसकी स्टेबिलिटी काफी हद तक किसी कम्यूटर मोटरसाइकिल जैसी हो जाती है, जो राइडर के आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
सस्पेंशन ड्यूटी की बात करें तो इसके फ्रंट में पारंपरिक टेलीस्कोपिक फोर्क्स दिए गए हैं और रियर हिस्से में एक मोनोशॉक सस्पेंशन सेटअप मिलता है। यह सस्पेंशन सेटअप खराब रास्तों के झटकों को अपने भीतर अच्छी तरह सोख लेता है। ब्रेकिंग सिस्टम को पूरी तरह से बजट के दायरे में रखने के लिए कंपनी ने इसके दोनों पहियों पर ड्रम ब्रेक्स का इस्तेमाल किया है। हालांकि कई लोग इस बात से थोड़े निराश हो सकते हैं कि इसमें डिस्क ब्रेक का विकल्प नहीं है, लेकिन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इसमें कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम यानी CBS दिया गया है। जब भी आप पिछला ब्रेक दबाएंगे, तो अगला ब्रेक भी अपने आप आंशिक रूप से काम करेगा, जिससे तेज स्पीड में भी गाड़ी के फिसलने की संभावना बहुत कम हो जाती है।
टेक फीचर्स और कनेक्टिविटी
कीमत कम होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि यह स्कूटर फीचर्स के मामले में पीछे रह गया है। कंपनी ने इसमें रोजमर्रा की जरूरत के हिसाब से काफी जरूरी और व्यावहारिक टेक्नोलॉजी दी है। इसके हैंडलवार के बीच में एक बहुत ही साफ और चमकदार LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है। यह डिस्प्ले दिन की तेज धूप में भी बहुत आसानी से पढ़ा जा सकता है और इस पर आपको करंट स्पीड, ओडोमीटर, ट्रिप मीटर, लो बैटरी इंडिकेटर और दोनों बैटरीज का अलग-अलग चार्जिंग लेवल जैसी हर एक जरूरी जानकारी डिजिटल रूप में देखने को मिल जाती है।
इसके अलावा इस एलसीडी डिस्प्ले में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी का सपोर्ट भी दिया गया है। आप अपने स्मार्टफोन को स्कूटर की आधिकारिक मोबाइल एप्लीकेशन से कनेक्ट कर सकते हैं, जिसके बाद आपको राइडिंग के दौरान ही स्क्रीन पर कॉल और एसएमएस अलर्ट्स के नोटिफिकेशन मिलने शुरू हो जाते हैं। इस स्कूटर को चालू और बंद करने के लिए किसी फैंसी टचस्क्रीन या बिना चाबी वाले सिस्टम के बजाय एक साधारण और मजबूत फिजिकल की यानी पारंपरिक चाबी का इस्तेमाल किया गया है। यह फैसला बहुत ही सही है क्योंकि बजट स्कूटर्स में ज्यादा सेंसर होने से भविष्य में खराबी आने का चांस बढ़ जाता है, जबकि चाबी वाला सिस्टम हमेशा भरोसेमंद रहता है।
स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स की तुलना
नीचे दी गई टेबल की मदद से आप इस स्कूटर के दोनों वेरिएंट्स के सभी मुख्य फीचर्स और टेक्निकल डिटेल्स को आसानी से समझ सकते हैं।
| स्पेसिफिकेशन और फीचर | स्टैंडर्ड वेरिएंट (S1 Z STD) | प्लस वेरिएंट (S1 Z Plus) |
| शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत | 59,999 रुपये | 64,999 रुपये |
| मोटर की पीक पावर | 3 kW | 3 kW |
| मोटर का प्रकार | हब मोटर | हब मोटर |
| टॉप स्पीड | 70 kmph | 70 kmph |
| 0 से 40 kmph का समय | 4.7 सेकंड | 4.7 सेकंड |
| बैटरी की कुल क्षमता | 3 kWh (1.5 kWh के दो पैक) | 3 kWh (1.5 kWh के दो पैक) |
| बैटरी का प्रकार | पोर्टेबल और रिमूवेबल | पोर्टेबल और रिमूवेबल |
| अधिकतम रेंज (दोनों बैटरी के साथ) | 146 km | 146 km |
| सिंगल बैटरी के साथ रेंज | 75 km | 75 km |
| चार्जिंग का समय (प्रति पैक) | 5 से 6 घंटे | 5 से 6 घंटे |
| पहियों का साइज | 14-inch अलॉय | 14-inch अलॉय |
| टायर्स का प्रकार | ट्यूबलेस | ट्यूबलेस |
| ब्रेकिंग सिस्टम | ड्रम ब्रेक के साथ CBS | ड्रम ब्रेक के साथ CBS |
| डिस्प्ले का प्रकार | डिजिटल LCD | डिजिटल LCD |
| स्मार्टफोन कनेक्टिविटी | ब्लूटूथ के जरिए | ब्लूटूथ के जरिए |
| अतिरिक्त एक्सेसरीज | शामिल नहीं | फ्रंट और रियर लगेज रैक, वाइज़र |
स्कूटर के फायदे और नुकसान
एक ऑटोमोटिव एक्सपर्ट के तौर पर किसी भी गाड़ी के दोनों पहलुओं को जानना बहुत जरूरी होता है। अगर हम इस स्कूटर की खूबियों यानी फायदों की बात करें, तो सबसे पहला और सबसे बड़ा पॉइंट इसकी कीमत है। 60,000 रुपये के बजट में 146 km की रेंज का दावा करने वाला कोई दूसरा ब्रांडेड स्कूटर इस समय मार्केट में मौजूद नहीं है। दूसरा बड़ा फायदा इसकी रिमूवेबल बैटरी तकनीक है, जिसने चार्जिंग की समस्या को जड़ से खत्म कर दिया है। आप अपनी सुविधा के अनुसार बैटरी को कहीं भी ले जाकर चार्ज कर सकते हैं। इसके अलावा 14-inch के बड़े पहिये और फ्लैट फुटबोर्ड इसकी यूटिलिटी को कई गुना बढ़ा देते हैं।
कमियों या नुकसान की बात करें तो इसमें फास्ट चार्जिंग का कोई विकल्प नहीं दिया गया है, जिसका मतलब है कि अगर आपको अचानक कहीं लंबी दूरी पर जाना हो, तो आप इसे आधे घंटे में चार्ज नहीं कर पाएंगे, आपको पूरे 5 से 6 घंटे का इंतजार करना ही होगा। दूसरा पॉइंट इसके ब्रेकिंग सिस्टम को लेकर है, फ्रंट में डिस्क ब्रेक न होने की वजह से बहुत तेज रफ्तार में ब्रेकिंग फीडबैक थोड़ा कम महसूस हो सकता है। इसके अलावा इसका बहुत ही साधारण और बॉक्सी लुक शायद उन कॉलेज जाने वाले युवाओं को उतना आकर्षित न करे जो बहुत ही स्पोर्टी और एग्रेसिव दिखने वाली गाड़ियों के शौकीन होते हैं।
मार्केट में मौजूद प्रतिद्वंदियों से मुकाबला
इस बजट सेगमेंट में इस स्कूटर का सीधा मुकाबला मार्केट में पहले से मौजूद कुछ चुनिंदा गाड़ियों से है। इनमें मुख्य रूप से काइनेटिक ग्रीन इ लूना, हीरो इलेक्ट्रिक ऑप्टिमा और एम्पेयर रेओ जैसी गाड़ियां शामिल हैं। अगर हम ई-लूना से इसकी तुलना करें, तो ई-लूना दिखने में एक बहुत ही बेसिक मोपेड जैसी लगती है, जबकि यह मॉडल आपको एक प्रॉपर फुल-साइज स्कूटर का फील देता है। इसके अलावा इसकी 70 kmph की टॉप स्पीड और 146 km की रेंज इसे अपने बाकी सभी कंपीटिटर्स के मुकाबले काफी आगे खड़ा कर देती है, क्योंकि इस बजट की ज्यादातर दूसरी गाड़ियां 25 से 45 kmph की टॉप स्पीड पर ही सीमित रह जाती हैं।
क्या आपको यह स्कूटर खरीदना चाहिए?
पूरी चर्चा के बाद अब आखिरी सवाल यही आता है कि क्या आपको अपने बजट की गाढ़ी कमाई इस स्कूटर पर लगानी चाहिए या नहीं। अगर आपका बजट सीमित है और आप शहर के भीतर रोज 50 से 100 km का सफर तय करते हैं, तो यह स्कूटर आपके लिए एक बेहतरीन पैसा वसूल सौदा साबित हो सकता है। खासकर उन लोगों के लिए जिनकी बिल्डिंग में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है, इसकी पोर्टेबल बैटरी लाइफलाइन की तरह काम करेगी। कम रखरखाव खर्च, मजबूत यूटिलिटी डिजाइन और शानदार रेंज के चलते यह भारतीय कम्यूटर के लिए एक बहुत ही व्यावहारिक और समझदारी भरा फैसला हो सकता है।








