सुपरकार्स की दुनिया में फेरारी एक ऐसा नाम है जो स्पीड और लग्जरी के लिए जाना जाता है। अब तक आपने फेरारी को उसकी दमदार आवाज वाली पेट्रोल इंजन कारों के लिए जाना है। लेकिन अब समय बदल रहा है और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में नई तकनीक आ रही है। आज हम फेरारी की दो सबसे चर्चित कारों पर बात करेंगे। एक तरफ है फेरारी पुरोसांग्वे जो भारत में लॉन्च हो चुकी है और इसमें फेरारी का पारम्परिक पेट्रोल इंजन मिलता है। दूसरी तरफ है फेरारी लूस जो फेरारी की पहली फुल इलेक्ट्रिक कार है। आपको बता दें कि फेरारी लूस अभी भारत में लॉन्च नहीं हुई है लेकिन इसका ग्लोबल डेब्यू हो चुका है और पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। इस आर्टिकल में हम इन दोनों कारों के डिजाइन, इंजन, बैटरी पैक और परफॉरमेंस की विस्तार से बात करेंगे ताकि आप समझ सकें कि फेरारी का भविष्य किस दिशा में जा रहा है। फेरारी ने हमेशा दो दरवाजों वाली स्पोर्ट्स कारें बनाई हैं लेकिन ग्राहकों की मांग को देखते हुए कंपनी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पुरोसांग्वे और लूस दोनों ही कारें इस बात का सबूत हैं कि फेरारी अब रोजमर्रा के आराम और परिवार के इस्तेमाल वाली गाड़ियां भी बना रही है।
फेरारी पुरोसांग्वे का मस्कुलर डिजाइन और लग्जरी केबिन
फेरारी ने अपने इतिहास में हमेशा दो दरवाजों वाली कारें बनाई हैं। फेरारी पुरोसांग्वे कंपनी की पहली चार दरवाजों और चार सीटों वाली कार है। फेरारी इसे एसयूवी कहने से बचती है बल्कि इसे एक स्पोर्ट्स कार का बड़ा और प्रैक्टिकल रूप मानती है। भारत में यह कार आधिकारिक तौर पर लॉन्च हो चुकी है और सड़कों पर ग्राहकों के पास दिखने लगी है। इसका डिजाइन बहुत ही मस्कुलर और एयरोडायनामिक है जो हवा को आसानी से चीरते हुए आगे बढ़ता है। इसके पीछे के दरवाजे उल्टे खुलते हैं जिन्हें कार की भाषा में सुसाइड डोर्स कहा जाता है। यह फीचर इस कार को एक अलग पहचान देता है और पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए अंदर जाना काफी आसान बना देता है।
कार के अंदर बैठते ही आपको लग्जरी का अहसास होता है। चारों यात्रियों के लिए अलग अलग आरामदायक स्पोर्ट्स सीट्स दी गई हैं। केबिन में प्रीमियम लेदर, अलकांतारा और कार्बन फाइबर का खूबसूरती से इस्तेमाल किया गया है। कार की छत को खास तौर पर कार्बन फाइबर से बनाया गया है ताकि कार का वजन कम रहे और उसका बैलेंस एकदम सटीक बना रहे। इसके अंदर आपको लगभग 473 लीटर का बूट स्पेस मिलता है जिसमें आप अपने परिवार के साथ किसी भी ट्रिप पर जाने का सामान आसानी से रख सकते हैं। कार का ग्राउंड क्लीयरेंस भी इस तरह से रखा गया है कि भारतीय सड़कों के बड़े स्पीड ब्रेकर और खराब रास्तों से यह कार बिना नीचे टकराए निकल सके। बाहर से देखने पर इसके बड़े अलॉय व्हील्स और पीछे की तरफ दिए गए चार एग्जॉस्ट पाइप्स इसे एक तेज रफ्तार कार का लुक देते हैं।
फेरारी पुरोसांग्वे का दमदार इंजन और परफॉरमेंस
पुरोसांग्वे की सबसे बड़ी खासियत इसका इंजन है। इसके हुड के नीचे एक बहुत बड़ा 6.5 लीटर का नेचुरली एस्पिरेटेड V12 इंजन लगा है। आज के समय में जब ज्यादातर कार कंपनियां प्रदूषण नियमों के कारण छोटे टर्बो इंजन बना रही हैं, फेरारी ने अपने इस बड़े और पारम्परिक इंजन को बरकरार रखा है। यह इंजन 725 बीएचपी की पावर जनरेट करता है। इतनी पावर के साथ यह भारी भरकम कार 0 से 100 kmph की रफ्तार सिर्फ 3.3 सेकंड में आसानी से पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड भी 310 kmph से ज्यादा दर्ज की गई है। कार में ऑल व्हील ड्राइव सिस्टम मिलता है जिससे चारों पहियों को सड़क और जरूरत के हिसाब से सही पावर मिलती है।
इंजन की पावर को पहियों तक पहुँचाने के लिए इसमें 8 स्पीड डुअल क्लच आटोमेटिक गियरबॉक्स दिया गया है जो बहुत ही तेजी से गियर बदलता है। इस कार में फेरारी का आधुनिक एक्टिव सस्पेंशन सिस्टम लगा है। यह सस्पेंशन सिस्टम इलेक्ट्रिक मोटर्स का इस्तेमाल करता है ताकि तेज मोड़ पर भी कार एकदम सीधी और संतुलित रहे और अंदर बैठे लोगों को झटके महसूस ना हों। इसमें किसी भी तरह का बॉडी रोल या झुकाव महसूस नहीं होता है। जब आप इस कार को स्टार्ट करते हैं तो इसके V12 इंजन की आवाज किसी भी कार प्रेमी को बहुत पसंद आती है। भारत में इस कार की एक्स शोरूम कीमत लगभग 10.50 करोड़ रुपये से शुरू होती है। आप इसमें अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइजेशन करवाते हैं तो यह कीमत और भी ऊपर जा सकती है।
फेरारी लूस का फ्यूचरिस्टिक डिजाइन और ग्लोबल डेब्यू
अब बात करते हैं फेरारी की उस नई कार की जिसने हाल ही में ऑटोमोबाइल बाजार में काफी चर्चा बटोरी है। फेरारी लूस कंपनी की पहली पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कार है। यह एक 5 सीटर लिफ्टबैक सेडान है। मैं आपको फिर से याद दिला दूं कि यह कार अभी भारत में लॉन्च नहीं हुई है लेकिन इसका ग्लोबल डेब्यू हो चुका है और दुनिया भर के कार प्रेमी इसकी चर्चा कर रहे हैं। फेरारी ने इसे मशहूर एप्पल डिजाइनर जॉनी इव के साथ मिलकर डिजाइन किया है। इसका लुक फेरारी की किसी भी पुरानी कार से बिल्कुल अलग और नया है। कार के ऊपरी हिस्से में बहुत ज्यादा कांच का इस्तेमाल किया गया है जो इसे एक साफ सुथरा और भविष्य का लुक देता है।
सामने की तरफ इसका बोनट और विंडस्क्रीन एक ही लाइन में मिलते हुए नजर आते हैं जिससे हवा का दबाव कम होता है। इसके दरवाजे भी पुरोसांग्वे की तरह ही पीछे की तरफ से खुलते हैं। कंपनी का दावा है कि यह एयरोडायनामिक डिजाइन हवा को काटने में बहुत मदद करता है जिससे कार की रेंज बढ़ती है और तेज रफ्तार पर कार सड़क पर चिपक कर चलती है। कार की लंबाई 5 मीटर से भी ज्यादा है जो इसे अंदर से काफी खुला और हवादार बनाती है। यह फेरारी के इतिहास में पहली बार है जब कंपनी ने किसी कार में 5 लोगों के आराम से बैठने की सुविधा दी है।
फेरारी लूस का बड़ा बैटरी पैक और शानदार रेंज

फेरारी लूस एक नए बोर्न इलेक्ट्रिक प्लेटफार्म पर बनी है जिसे सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए तैयार किया गया है। कार के फर्श के एकदम नीचे 122 kWh का एक बहुत बड़ा बैटरी पैक लगाया गया है। यह 800 वोल्ट आर्किटेक्चर पर काम करता है जो आजकल की आधुनिक इलेक्ट्रिक कारों में देखने को मिलता है। कंपनी का फोकस इस कार को बहुत ज्यादा रेंज देने पर नहीं था, बल्कि वे इसे एक असली फेरारी वाला स्पोर्टी फील देना चाहते थे। फिर भी यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 530 km की रेंज ऑफर करती है जो रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए काफी अच्छी है।
आप हाईवे पर 350 kW के फास्ट DC चार्जर का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी बैटरी बहुत ही कम समय में 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती है। बैटरी को कार के बीच में इस तरह से सेट किया गया है कि कार का वजन संतुलित रहे और मोड़ पर कार सड़क पर अच्छी पकड़ बनाकर चले। इस बड़े बैटरी पैक को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत एल्युमीनियम हाउसिंग का इस्तेमाल किया गया है और इसे चेसिस का ही एक हिस्सा बना दिया गया है जिससे कार की मजबूती बढ़ जाती है। फेरारी ने बैटरी को ज्यादा गर्म होने से बचाने के लिए इसमें बहुत ही बेहतरीन कूलिंग सिस्टम भी लगाया है ताकि आपको हमेशा अच्छी परफॉरमेंस मिलती रहे।
फेरारी लूस की इलेक्ट्रिक परफॉरमेंस और नया केबिन
इलेक्ट्रिक होने के बावजूद फेरारी लूस एक असली सुपरकार वाली परफॉरमेंस देती है। इस कार में चार अलग अलग इलेक्ट्रिक मोटर लगे हैं। कार के हर पहिये को चलाने के लिए एक स्वतंत्र मोटर दी गई है। ये चारों मोटर्स मिलकर लगभग 1035 हॉर्सपावर की ताकत पैदा करते हैं जो किसी भी पेट्रोल कार से बहुत ज्यादा है। इस ताकत की वजह से लूस 0 से 100 kmph की स्पीड केवल 2.5 सेकंड में पूरी कर लेती है। इसकी टॉप स्पीड भी 310 kmph रखी गई है। इलेक्ट्रिक कारों में आमतौर पर इंजन की आवाज नहीं होती है। इस कमी को दूर करने के लिए फेरारी ने इसमें एक खास तरह का साउंड सिस्टम लगाया है जो इलेक्ट्रिक मोटर्स की आवाज को पकड़कर उसे कार के अंदर और बाहर दोनों तरफ सुनाता है, ताकि आपको ड्राइविंग का पूरा मजा आए।
केबिन के अंदर आपको एक फ्लोटिंग सेंटर कंसोल मिलता है जो लेदर और कांच से बना है। कार में एक 12.5 इंच का डिजिटल डिस्प्ले है लेकिन फेरारी ने जानबूझकर बीच में कोई बहुत बड़ी टचस्क्रीन नहीं दी है ताकि ड्राइविंग के समय ध्यान भटकाने वाली चीजें कम हों। फेरारी ने क्लाइमेट कंट्रोल और दूसरी सेटिंग्स के लिए पारम्परिक बटन्स और स्टीयरिंग व्हील को ही चुना है जिससे यह अंदर से एक क्लासिक स्पोर्ट्स कार जैसी ही लगती है। ग्लोबल बाजार में इस कार की शुरुआती कीमत लगभग 5,50,000 यूरो के आसपास रखी गई है।
फेरारी पुरोसांग्वे और फेरारी लूस की विस्तृत तुलना
अगर आप इन दोनों शानदार कारों के बीच अंतर समझना चाहते हैं, तो आपको इनकी उपयोगिता और तकनीक को देखना होगा। पुरोसांग्वे उन ग्राहकों के लिए बनाई गई है जो फेरारी के असली V12 इंजन की आवाज और एक मस्कुलर एसयूवी का अनुभव चाहते हैं। यह पेट्रोल कार आपको वह पारम्परिक ड्राइविंग फील देती है जो फेरारी की पहचान रही है। इसमें 4 लोगों के बैठने की सुविधा है और यह लम्बे सफर के लिए बहुत ही भरोसेमंद विकल्प है क्योंकि आपको रास्ते में पेट्रोल पंप आसानी से मिल जाते हैं।
दूसरी तरफ, फेरारी लूस उन लोगों के लिए है जो नई तकनीक और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में दिलचस्पी रखते हैं। लूस एक 5 सीटर कार है जो इसे पुरोसांग्वे से ज्यादा प्रैक्टिकल बनाती है। इसमें पेट्रोल इंजन नहीं है, लेकिन इसकी चार इलेक्ट्रिक मोटर्स इसे पुरोसांग्वे से कहीं ज्यादा तेज बनाती हैं। लूस 0 से 100 kmph की रफ्तार पुरोसांग्वे के 3.3 सेकंड के मुकाबले सिर्फ 2.5 सेकंड में पकड़ लेती है। लूस का केबिन ज्यादा खुला और मॉडर्न लगता है, जबकि पुरोसांग्वे का केबिन पूरी तरह से स्पोर्ट्स फील देता है। कीमत के मामले में भी दोनों कारों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। नीचे दी गई टेबल में आप इन दोनों कारों के सभी जरूरी फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स की सीधी तुलना कर सकते हैं।
| स्पेसिफिकेशन | फेरारी पुरोसांग्वे | फेरारी लूस |
| इंजन या बैटरी पैक | 6.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड V12 | 122 kWh लिथियम आयन बैटरी पैक |
| कुल पावर आउटपुट | 725 बीएचपी | 1035 हॉर्सपावर (लगभग) |
| 0 से 100 kmph रफ्तार | 3.3 सेकंड | 2.5 सेकंड |
| टॉप स्पीड | 310 kmph से ज्यादा | 310 kmph |
| ट्रांसमिशन | 8 स्पीड डुअल क्लच आटोमेटिक | सिंगल स्पीड फिक्स्ड गियर |
| माइलेज या रेंज | 7 kmpl (लगभग) | 530 km प्रति चार्ज (अनुमानित) |
| बैठने की क्षमता | 4 सीटर | 5 सीटर |
| ड्राइवट्रेन लेआउट | ऑल व्हील ड्राइव | ऑल व्हील ड्राइव (चार स्वतंत्र मोटर्स) |
| इंफोटेनमेंट सिस्टम | डिजिटल डिस्प्ले और टचस्क्रीन | डिजिटल डिस्प्ले (बिना बड़ी टचस्क्रीन के) |
| भारत में स्थिति | लॉन्च हो चुकी है | अभी लॉन्च नहीं हुई है |
रोजमर्रा की सुविधा और भारतीय सड़कों के लिए उपयुक्तता
दोनों कारों में एक बात बिल्कुल समान है कि फेरारी ने अपनी ड्राइविंग डायनामिक्स और सस्पेंशन के साथ कोई समझौता नहीं किया है। पुरोसांग्वे का भारी V12 इंजन हो या लूस का फर्श पर लगा भारी बैटरी पैक, दोनों कारों का स्टीयरिंग रिस्पांस एकदम सटीक है। फेरारी ने यह साबित कर दिया है कि वह पुरानी पेट्रोल तकनीक को भी बहुत अच्छे तरीके से बनाना जानती है और नई इलेक्ट्रिक तकनीक को भी अपनी कारों में आसानी से इस्तेमाल कर सकती है।
लूस में दिए गए चार इलेक्ट्रिक मोटर्स इसे पुरोसांग्वे के मुकाबले तीखे मोड़ों पर ज्यादा स्थिर और सुरक्षित बनाते हैं क्योंकि कंप्यूटर कार के हर पहिये को अलग से पावर दे सकता है या रोक सकता है। इसे टॉर्क वेक्टरिंग तकनीक कहते हैं जो बारिश या फिसलने वाले रास्तों पर बहुत काम आती है। भारत जैसे बड़े देश में जहां अभी भी हाई स्पीड फास्ट चार्जिंग नेटवर्क सभी हाईवे पर पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है, वहां पुरोसांग्वे जैसी पेट्रोल कार के साथ आप लंबी दूरी की यात्रा आसानी से कर सकते हैं। पुरोसांग्वे के साथ आपको रास्ते में चार्जिंग स्टेशन ढूंढने की चिंता नहीं करनी पड़ती। जब भी फेरारी लूस भारत आएगी तो यह उन लोगों की पहली पसंद बनेगी जो नई तकनीक को सबसे पहले अपनाना चाहते हैं और अपने शहर के अंदर या आसपास के इलाकों में एक शांत लेकिन बेहद तेज सुपरकार चलाना पसंद करते हैं।
सही सुपरकार का चुनाव और आपका अगला कदम
फेरारी ने अपनी इलेक्ट्रिक यात्रा की शुरुआत बहुत ही सोच समझकर और आराम से की है। बाकी कंपनियों ने बहुत पहले इलेक्ट्रिक मार्केट में कदम रख दिया था, लेकिन फेरारी ने अपना पूरा समय लिया। फेरारी लूस की इंजीनियरिंग को देखकर लगता है कि कंपनी ने अपनी पहली फुल इलेक्ट्रिक कार बनाने में कोई जल्दबाजी नहीं की बल्कि एक ऐसा प्रोडक्ट तैयार किया जो सही मायनों में सुपरकार है। दूसरी तरफ फेरारी पुरोसांग्वे आज भी पारम्परिक इंजन प्रेमियों को बहुत पसंद आ रही है और अपनी शानदार बिक्री के साथ कंपनी का नाम पूरी दुनिया में ऊंचा कर रही है।
भारत में हाई एंड इलेक्ट्रिक सुपरकार्स का बाजार अभी शुरुआती दौर में है और धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है। फेरारी लूस का भारत में आना निश्चित तौर पर इस लग्जरी सेगमेंट में एक नया मुकाम तय करेगा। दोनों ही कारें अपनी अपनी जगह बेहतरीन परफॉरमेंस देती हैं और यह आपकी निजी पसंद और सुविधा पर निर्भर करता है कि आपको पेट्रोल इंजन की रफ एंड टफ आवाज पसंद है या फिर इलेक्ट्रिक कार की शांत और तेज रफ्तार। हम आपको इसी तरह भारत और दुनिया भर की कारों की हर पक्की खबर और नई तकनीक की सटीक जानकारी देते रहेंगे। आप अपने गैराज में अगली कौन सी कार शामिल करने वाले हैं, इसका फैसला आप इन सारी बातों को ध्यान में रखकर ले सकते हैं।








