हौंडा एक्टिवा ई का पूरा सच: क्या यह आपके लिए सही इलेक्ट्रिक स्कूटर है?

Honda Activa e
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भारतीय टू व्हीलर बाजार में पिछले कुछ सालों से एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण की चिंता ने ग्राहकों को इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी की तरफ सोचने पर मजबूर कर दिया है। जब भी भारत में स्कूटर की बात होती है तो सबसे पहला नाम होन्डा एक्टिवा का आता है। पिछले दो दशकों से भारतीय परिवारों का भरोसा जीत चुकी एक्टिवा अब अपने नए अवतार होन्डा एक्टिवा ई के साथ पूरी तरह इलेक्ट्रिक हो चुकी है। होन्डा ने अपनी इस सबसे भरोसेमंद ब्रांड इमेज को इलेक्ट्रिक बाजार में उतारकर ओला, एथर और टीवीएस जैसी स्थापित कंपनियों को एक सीधी चुनौती दी है। दिल्ली या भोपाल जैसे शहरों में रहने वाले एक मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा इंसान के लिए यह स्कूटर क्या एक सही विकल्प बन सकता है, इसी का पूरा विश्लेषण हम इस लेख में करेंगे।

तकनीकी गहराई और परफॉर्मेंस की पूरी जानकारी

होन्डा ने इस स्कूटर को दो वेरिएंट्स में पेश किया है, जिसमें पहला स्टैंडर्ड और दूसरा रोडसिंक डुओ है। तकनीकी रूप से इस स्कूटर में एक पावरफुल 6 किलोवॉट की परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर यानी पीएमएसएम का इस्तेमाल किया गया है। यह मोटर व्हील पर 22 एनएम का टॉर्क जनरेट करती है, जिससे स्कूटर को भारी ट्रैफिक में भी तुरंत पिकअप मिलता है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर सिर्फ 7.3 सेकंड में 0 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेता है। इसकी टॉप स्पीड 80 किमी प्रति घंटे की है, जो शहर के फ्लाईओवर्स और खाली सड़कों पर चलने के लिए पर्याप्त मानी जाएगी।

बैटरी डिपार्टमेंट की बात करें तो इसमें 1.5 किलोवॉट घंटे की दो लिथियम आयन बैटरियां लगाई गई हैं, जिससे इसकी कुल क्षमता 3 किलोवॉट घंटे की हो जाती है। सबसे जरूरी बात यह है कि ये बैटरियां होन्डा ई स्वैप टेक्नोलॉजी पर काम करती हैं। इसका मतलब है कि आप इन बैटरियों को घर पर सामान्य चार्जर से चार्ज नहीं कर सकते हैं। जब भी बैटरी खत्म होगी, आपको होन्डा के बैटरी स्वैपिंग स्टेशन पर जाकर पुरानी बैटरी देनी होगी और मात्र एक मिनट के भीतर पूरी तरह चार्ज बैटरी लेकर आगे निकलना होगा। इस पूरे सेटअप को सुरक्षित रखने के लिए बैटरियों को आईपी65 रेटिंग दी गई है, जो इन्हें पानी और धूल से पूरी तरह बचाती है।

रियल वर्ल्ड यूसेज, रेंज और चार्जिंग का गणित

सड़क पर चलते समय किसी भी ईवी ग्राहक के लिए सबसे बड़ा सवाल रेंज का होता है। एआरएआई और कंपनी के अनुसार इसकी सर्टिफाइड रेंज 102 km प्रति चार्ज है। लेकिन जब आप इसे दिल्ली के भारी ट्रैफिक, गड्ढों और रेड लाइट्स के बीच चलाएंगे, तो इसकी रियल वर्ल्ड रेंज थोड़ी अलग मिलेगी। अगर आप इसे इकोन मोड में चलाते हैं तो आपको लगभग 85 किमी से 90 km की रेंज मिल जाएगी। स्टैंडर्ड मोड में यह रेंज घटकर 75 km के आसपास आ जाती है और अगर आप स्पोर्ट मोड में लगातार 80 kmph की रफ्तार पर चलेंगे तो यह केवल 60 km से 65 km की दूरी तय कर पाएगी।

चूंकि इसमें घर पर चार्ज करने की सुविधा नहीं है, इसलिए इसका खर्च पूरी तरह से होन्डा के सब्सक्रिप्शन प्लान पर निर्भर करता है। होन्डा पावर पैक एनर्जी इंडिया ने इसके लिए अलग-अलग मासिक प्लान निकाले हैं। आपको हर महीने एक निश्चित फिक्स फीस देनी होती है और उसके बाद हर बार बैटरी स्वैप करने पर प्रति यूनिट या प्रति स्वैप के हिसाब से चार्ज देना होता है। एक औसत अनुमान के अनुसार, अगर आप महीने में 1000 km चलते हैं, तो आपका कुल खर्च पेट्रोल एक्टिवा के मुकाबले लगभग आधा आएगा। पेट्रोल स्कूटर में जहां प्रति km का खर्च लगभग 2 रुपये से 2.5 रुपये आता है, वहीं एक्टिवा ई में यह खर्च सब्सक्रिप्शन मिलाकर लगभग 1 रुपये से 1.2 रुपये प्रति किमी बैठता है।

बाजार में स्थिति और कड़ा मुकाबला

Honda Activa e Electric Scooter
Honda Activa e Electric Scooter

भारतीय बाजार में होन्डा एक्टिवा ई की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत लगभग 1.18 लाख रुपये है जो टॉप वेरिएंट रोडसिंक डुओ के लिए 1.53 लाख रुपये तक जाती है। इस कीमत के साथ इसका सीधा मुकाबला टीवीएस आईक्यूब, एथर रिज्टा और बजाज चेतक से होता है। नीचे दी गई तालिका से आप इसके सभी फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स की तुलना प्रतिस्पर्धी मॉडल्स से आसानी से कर सकते हैं।

होन्डा एक्टिवा ई और उसके प्रतिद्वंद्वियों की तुलनात्मक तालिका

स्कूटर का नामएक्स-शोरूम कीमतटॉप स्पीडरियल वर्ल्ड रेंजबैटरी क्षमताचार्जिंग का तरीका
होंडा एक्टिवा ई1.18 लाख से 1.53 लाख रुपये80 kmph75 से 85 km3 kWhकेवल बैटरी स्वैपिंग स्टेशन
टीवीएस आईक्यूब1.15 लाख से 1.40 लाख रुपये78 kmph75 से 100 km3.04 kWhहोम चार्जिंग (4.5 घंटे)
एथर रिज्टा1.17 लाख से 1.45 लाख रुपये80 kmph80 से 105 km2.9 kWhहोम चार्जिंग (5.5 घंटे)
बजाज चेतक1.10 लाख से 1.35 लाख रुपये73 kmph90 से 100 km2.9 kWhहोम चार्जिंग (5 घंटे)

किसे खरीदना चाहिए और किसे इंतजार करना चाहिए

एक्सपर्ट के तौर पर इस स्कूटर को करीब से समझने के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि होन्डा एक्टिवा ई हर किसी के लिए नहीं बनी है। अगर आप बेंगलुरु, दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों के उस इलाके में रहते हैं जहां होन्डा के बैटरी स्वैपिंग स्टेशन हर दो से तीन किमी के दायरे में मौजूद हैं, तो आपके लिए यह स्कूटर एक वरदान साबित हो सकता है। आपको घर पर रात भर चार्जर लगाकर छोड़ने की चिंता नहीं करनी होगी और न ही बैटरी खराब होने पर हजारों रुपये खर्च करके नई बैटरी खरीदने का डर रहेगा, क्योंकि बैटरी की जिम्मेदारी पूरी तरह होन्डा की है।

लेकिन अगर आप भोपाल, इंदौर या किसी छोटे शहर या कस्बे में रहते हैं जहां अभी तक होन्डा का ई स्वैप नेटवर्क पूरी तरह चालू नहीं हुआ है, तो आपको इस स्कूटर को खरीदने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। घर पर चार्ज न हो पाने की वजह से यह स्कूटर आपके घर में एक शोपीस बनकर रह जाएगा। इसलिए हमारी स्पष्ट सलाह है कि नॉन मेट्रो शहरों के ग्राहकों को अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए या फिर टीवीएस आईक्यूब या एथर रिज्टा जैसे होम चार्जिंग वाले विकल्पों की तरफ जाना चाहिए।

भविष्य की राह

होन्डा एक्टिवा ई का भारतीय बाजार में आना इस बात का सबूत है कि अब बड़ी और पारंपरिक कंपनियां भी इलेक्ट्रिक क्रांति को नजरअंदाज नहीं कर सकती हैं। होन्डा का यह कदम बेहद साहसी है क्योंकि उन्होंने फिक्स बैटरी के बजाय पूरी तरह से स्वैपेबल तकनीक पर दांव लगाया है। आने वाले समय में यह तकनीक कितनी सफल होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि होन्डा कितनी तेजी से पूरे देश में अपने चार्जिंग और स्वैपिंग स्टेशंस का जाल फैला पाती है। अगर बुनियादी ढांचा मजबूत होता है, तो आने वाले कुछ सालों में यह स्कूटर भी पेट्रोल एक्टिवा की तरह ही हर भारतीय घर की पहली पसंद बन सकता है।

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