भारतीय ईवी मार्केट में नया इतिहास: टीवीएस आईक्यूब का प्रोडक्शन 10 लाख यूनिट्स के पार

TVS iQube
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भारतीय टू-व्हीलर ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। इस रेस में देश के सबसे भरोसेमंद ब्रांड्स में से एक टीवीएस मोटर कंपनी ने एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। कंपनी के सबसे पॉपुलर फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर टीवीएस आईक्यूब का कुल प्रोडक्शन अब 10 लाख यानी 1 मिलियन यूनिट्स के आंकड़े को पार कर गया है। तमिलनाडु के होसुर में स्थित टीवीएस के अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से जैसे ही 10 लाख वां आईक्यूब स्कूटर रोल-आउट हुआ, वैसे ही फैक्ट्री में जश्न का माहौल बन गया। यह मील का पत्थर इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इसके ठीक दो हफ्ते पहले कंपनी ने भारत में अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की कुल रिटेल सेल्स में भी 10 लाख का आंकड़ा पार किया था। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही टीवीएस अब ओला इलेक्ट्रिक के बाद देश की दूसरी ऐसी ईवी निर्माता कंपनी बन गई है जिसने इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का प्रोडक्शन और सेल किया है।

साल 2020 में जब इस स्कूटर को पहली बार भारतीय बाजार में उतारा गया था, तब यह कंपनी का पहला कदम था। शुरुआती दिनों में यह केवल कुछ चुनिंदा शहरों तक ही सीमित था, लेकिन समय के साथ इसके सरल डिजाइन और बेमिसाल परफॉर्मेंस ने लोगों का दिल जीत लिया। टीवीएस ने केवल एक स्कूटर नहीं बेचा, बल्कि ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को समझते हुए धीरे-धीरे आईक्यूब की एक पूरी रेंज तैयार कर दी। आज मिडिल क्लास परिवारों से लेकर कॉलेज जाने वाले युवाओं और रोजाना दफ्तर का सफर करने वाले लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता सिर चढ़कर बोल रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ग्राहकों को इस भरोसेमंद ब्रांड पर पूरा भरोसा है, जो उन्हें बिना किसी परेशानी के बेहतरीन ड्राइविंग एक्सपीरियंस और शानदार रेंज का भरोसा देता है।

देश के कोने-कोने तक पहुंची पहुंच और पर्यावरण को बड़ा फायदा

टीवीएस मोटर कंपनी ने देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को हर घर तक पहुंचाने के लिए अपने सेल्स और सर्विस नेटवर्क को बहुत ज्यादा मजबूत किया है। आज के समय में यह स्कूटर भारत के 3,000 से भी ज्यादा शहरों में उपलब्ध है, जहां कंपनी ने 3,300 से अधिक टचपॉइंट्स और डीलरशिप का एक बड़ा जाल बिछा दिया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि छोटे शहरों और कस्बों में रहने वाले ग्राहकों को भी गाड़ी खरीदने या उसकी सर्विसिंग कराने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। नेटवर्क के इसी बड़े विस्तार की वजह से इसके प्रोडक्शन की रफ्तार को इतनी बड़ी ताकत मिली है।

इस स्कूटर को पसंद करने वाली कम्युनिटी भी अब देश में बहुत बड़ी हो चुकी है। लॉन्चिंग से लेकर अब तक देश भर में मौजूद सभी आईक्यूब मालिकों ने मिलकर कुल 14.94 बिलियन km की दूरी तय कर ली है। इतनी लंबी दूरी को बिना किसी पेट्रोल के धुएं के तय करना अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। कंपनी का दावा है कि इस सफर की बदौलत अब तक लगभग 5.22 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) एमिशन को पर्यावरण में घुलने से रोका गया है। अगर इसे और भी आसान शब्दों में समझें तो यह लगभग 2.09 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर का बड़ा योगदान है। टीवीएस के चेयरमैन सुदर्शन वेणु ने इस मौके पर खुशी जताते हुए कहा कि यह बड़ी उपलब्धि इस बात का जीता-जागता सबूत है कि भारत में लोग कितनी तेजी से इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना रहे हैं। यह सब सालों की इंजीनियरिंग, नए इनोवेशन और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में किए गए निवेश का नतीजा है।

पांच वेरिएंट्स और बेहतरीन बैटरी ऑप्शंस के साथ बड़ा पोर्टफोलियो

इस स्कूटर की सफलता का सबसे बड़ा राज इसका बड़ा वेरिएंट पोर्टफोलियो है। कंपनी ने ग्राहकों के बजट और जरूरत को ध्यान में रखते हुए इसे अलग-अलग पांच वेरिएंट्स में बांट दिया है। एंट्री-लेवल ग्राहकों के लिए बेस आईक्यूब को तीन अलग-अलग बैटरी विकल्पों के साथ पेश किया गया है, जिसमें 2.2kWh, 3.1kWh और 3.5kWh क्षमता वाले बैटरी पैक शामिल हैं। इसके बाद जो लोग थोड़ा और प्रीमियम अनुभव चाहते हैं उनके लिए आईक्यूब एस वेरिएंट उपलब्ध है जो 4.7kWh के बड़े बैटरी पैक के साथ आता है। वहीं सबसे टॉप पर इसका फ्लैगशिप वेरिएंट आईक्यूब एसटी मौजूद है, जिसमें कंपनी ने 5.3kWh की भारी क्षमता वाला बैटरी पैक दिया है।

यह सभी वेरिएंट्स बीएलडीसी (BLDC) हब-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर के साथ आते हैं जो पहियों को सीधे पावर पहुंचाती है। ट्रांसमिशन पूरी तरह से ऑटोमैटिक है जिससे भारी ट्रैफिक में भी इसे चलाना बेहद आसान और आरामदायक हो जाता है। कंपनी इन बैटरियों की सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है, इसलिए सभी वेरिएंट्स की बैटरी को आईपी67 (IP67) रेटिंग दी गई है, जिसका मतलब है कि बारिश के पानी या धूल-मिट्टी से बैटरी को कोई नुकसान नहीं होगा। इसके अलावा इन्हें मजबूत एल्युमिनियम केसिंग के अंदर सुरक्षित किया गया है और साथ में इन-हाउस डेवलप्ड बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) दिया गया है जो बैटरी की लाइफ को लंबा बनाए रखता है।

टीवीएस आईक्यूब के सभी वेरिएंट्स की कीमत और स्पेसिफिकेशन्स की तुलना

TVS iQube Scooter
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अगर आप भी इस पॉपुलर इलेक्ट्रिक स्कूटर को खरीदने का मन बना रहे हैं, तो नीचे दी गई टेबल की मदद से इसके सभी वेरिएंट्स की रेंज, स्पीड और कीमतों को आसानी से समझ सकते हैं:

वेरिएंट का नामबैटरी कैपेसिटीदावा की गई रेंज (IDC)टॉप स्पीडचार्जिंग समय (0-80%)संभावित एक्स-शोरूम कीमत
आईक्यूब (Base)2.2kWh94 km75 kmph2 घंटे 45 मिनट₹94,434 से शुरुआत
आईक्यूब (Standard)3.1kWh123 km82 kmph4 घंटे 03 मिनट₹1,00,000 के आसपास
आईक्यूब (Standard)3.5kWh145 km78 kmph4 घंटे 40 मिनट₹1,08,993 के आसपास
आईक्यूब एस (S Variant)4.7kWh175 km82 kmph4 घंटे 00 मिनट₹1,17,642 के आसपास
आईक्यूब एसटी (Top Variant)5.3kWh212 km82 kmph4 घंटे 18 मिनट₹1,58,834 तक

रफ्तार, परफॉर्मेंस और कमाल की प्रैक्टिकलिटी का मेल

परफॉर्मेंस के मामले में टीवीएस आईक्यूब किसी भी पेट्रोल स्कूटर से पीछे नहीं है। इसकी हब-माउंटेड मोटर 4.4kW की पीक पावर और पूरे 140Nm का भारी टॉर्क जनरेट करती है। इतनी ताकत की वजह से यह स्कूटर महज 4.2 सेकंड में ही शून्य से 40 kmph की रफ्तार पकड़ लेता है। चाहे खड़ी चढ़ाई हो या फ्लाईओवर, इस पर दो लोगों के बैठने के बाद भी इसकी परफॉर्मेंस में जरा सी भी कमी महसूस नहीं होती। इसमें ग्राहकों को इको और पावर जैसे दो अलग-अलग राइडिंग मोड मिलते हैं। अगर आप शहर के ट्रैफिक में आराम से चलना चाहते हैं और ज्यादा रेंज चाहते हैं तो इको मोड सबसे बेस्ट है, वहीं खाली सड़क पर तेज रफ्तार का मजा लेने के लिए पावर मोड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रैक्टिकलिटी यानी रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भी कंपनी ने इसमें काफी सोच-समझकर जगह दी है। इसके बेस वेरिएंट में 30 litre का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है, जबकि इसके एस और एसटी वेरिएंट्स में पूरे 32 litre का बड़ा बूट स्पेस दिया गया है। इस बड़े स्पेस के अंदर आप अपने दो हाफ-फेस हेलमेट या ऑफिस का बड़ा बैग बेहद आसानी से रख सकते हैं। केबिन और फुटबोर्ड को काफी चौड़ा बनाया गया है जिससे पैरों को रखने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और आप आगे की तरफ कुछ अतिरिक्त सामान या ग्रोसरी बैग भी आराम से कैरी कर सकते हैं। इसके बूट के अंदर एक यूएसबी चार्जिंग पोर्ट भी दिया गया है ताकि आप सफर के दौरान अपने स्मार्टफोन को सुरक्षित तरीके से चार्ज कर सकें।

हाई-टेक फीचर्स और एडवांस्ड कनेक्टिविटी से लैस केबिन

टीवीएस आईक्यूब को आज के जमाने का एक स्मार्ट स्कूटर माना जाता है। इसके अलग-अलग वेरिएंट्स में शानदार डिस्प्ले स्क्रीन दी गई है। इसके टॉप वेरिएंट यानी आईक्यूब एसटी में 17.78 cm की बड़ी टीएफटी टचस्क्रीन डिस्प्ले मिलती है जिसे आप अपनी उंगलियों से या फिर हैंडल पर दिए गए 5-वे जॉयस्टिक कंट्रोलर की मदद से ऑपरेट कर सकते हैं। यह डिस्प्ले स्मार्टएक्सोनेक्ट (SmartXonnect) टेक्नोलॉजी के जरिए आपके स्मार्टफोन से ब्लूटूथ और क्लाउड के माध्यम से जुड़ जाती है। इसके बाद आपको स्क्रीन पर ही टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, इनकमिंग कॉल और मैसेज अलर्ट, जियो-फेंसिंग, एंटी-थेफ्ट अलर्ट और लाइव व्हीकल ट्रैकिंग जैसी 118 से भी ज्यादा एडवांस्ड कनेक्टेड सुविधाएं मिलने लगती हैं।

इसके अलावा इसमें एलेक्सा और वॉयस असिस्टेंस का सपोर्ट भी मिलता है जिससे आप केवल बोलकर भी कई फीचर्स को कंट्रोल कर सकते हैं। पार्किंग को आसान बनाने के लिए कंपनी ने इसमें क्यू-पार्क असिस्ट (Q-Park Assist) यानी रिवर्स असिस्ट फीचर दिया है। तंग जगहों या ढलान पर पार्किंग से स्कूटर को बाहर निकालते समय आपको कोई शारीरिक मशक्कत नहीं करनी पड़ती, बस एक बटन दबाते ही स्कूटर बेहद आराम से पीछे की तरफ मूव करने लगता है। इसके टॉप-एंड वेरिएंट में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) भी दिया गया है जो हर समय टायरों की हवा पर नजर रखता है और कम हवा होने पर आपको तुरंत अलर्ट कर देता है।

आरामदायक सफर और सेफ्टी के कड़े इंतजाम

इस स्कूटर की राइड क्वालिटी और कम्फर्ट को इसके सेगमेंट में सबसे बेहतरीन माना जाता है। इसकी सीट काफी चौड़ी और लंबी है जिस पर दो वयस्क लोग बेहद आराम से बैठ सकते हैं। सीट की ऊंचाई 770 mm है जो कम हाइट वाले राइडर्स के लिए भी बहुत सुविधाजनक है। इसके सस्पेंशन सेटअप की बात करें तो फ्रंट में टेलिस्कोपिक फोर्क्स और रियर में एडजस्टेबल हाइड्रोलिक ट्विन ट्यूब शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं। यह सॉफ्ट सस्पेंशन सेटअप सड़कों के छोटे-मोटे गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों के झटकों को अपने अंदर ही सोख लेता है और आपको एक बेहद स्मूथ राइड का अहसास कराता है। गाड़ी का कुल वजन वेरिएंट के हिसाब से 110 किलोग्राम से लेकर 132 किलोग्राम के बीच है और इसकी बैटरी को फ्लोरबोर्ड के नीचे प्लेस किया गया है जिसकी वजह से इसका सेंटर ऑफ ग्रेविटी काफी नीचे रहता है और मोड़ों पर गाड़ी का बैलेंस कमाल का बना रहता है।

सुरक्षा के लिए इसके फ्रंट व्हील में 220 mm का डिस्क ब्रेक और रियर में 130 mm का ड्रम ब्रेक दिया गया है। साथ में सिंक्रोनाइज्ड ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी (SBT) मिलती है जो एक ब्रेक दबाने पर दोनों पहियों पर बराबर ब्रेकिंग फोर्स लगाती है जिससे गाड़ी बिना फिसले बहुत कम दूरी में रुक जाती है। इसमें रीजनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम भी दिया गया है, यानी जब भी आप ढलान पर चलते हुए या ब्रेक लगाते हुए एक्सीलेटर को छोड़ते हैं तो मोटर उल्टी घूमकर बैटरी को थोड़ा-बहुत चार्ज करने लगती है जिससे आपको कुछ अतिरिक्त रेंज मिल जाती है।

हर महीने 40,000 से ज्यादा बिक्री के साथ सेगमेंट में मजबूत लीडरशिप

भारतीय बाजार में पेट्रोल के बढ़ते दामों की वजह से लोग अब तेजी से इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। इस सेगमेंट में हर साल करीब 20 लाख यूनिट्स की कुल बिक्री होने की उम्मीद है और टीवीएस इस रेस में सबसे आगे दौड़ रहा है। अप्रैल 2025 से टीवीएस लगातार देश के टू-व्हीलर इलेक्ट्रिक सेगमेंट का नेतृत्व कर रहा है और कंपनी हर महीने औसतन 40,000 से ज्यादा आईक्यूब स्कूटर्स की बिक्री कर रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस रफ्तार से इसकी डिमांड बनी हुई है, उसे देखते हुए यह कंपनी इस कैलेंडर ईयर में पहली बार 5 लाख सालाना बिक्री के आंकड़े को भी बहुत आसानी से पार कर जाएगी।

बाजार में इसका सीधा मुकाबला एथर रिज्टा, बजाज चेतक, ओला एस1 प्रो और एम्पियर मैग्नस नियो जैसी स्थापित गाड़ियों से होता है। लेकिन टीवीएस का मजबूत भरोसा, बेहतरीन रीसेल वैल्यू, पूरे भारत में फैला सर्विस नेटवर्क और सबसे बढ़कर इसका एक शांत और नो-बकवास पारंपरिक फैमिली स्कूटर वाला लुक इसे अपने सभी प्रतिद्वंद्वी स्कूटर्स से काफी आगे और सबसे अलग खड़ा करता है। 10 लाख यूनिट्स के प्रोडक्शन का यह बड़ा आंकड़ा इस बात पर पक्की मुहर लगाता है कि भारतीय ग्राहकों ने टीवीएस की इस इलेक्ट्रिक क्रांति को पूरे दिल से स्वीकार कर लिया है।

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