दक्षिण भारत में अल्ट्रावॉयलेट का विस्तार तेज, चेन्नई में लॉन्च हुआ प्रीमियम 3S एक्सपीरियंस सेंटर

Ultraviolette Chennai Experience Centre
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बेंगलुरु की मशहूर इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी अल्ट्रावॉयलेट ऑटोमोटिव ने दक्षिण भारत के मार्केट में अपनी पकड़ को और मजबूत कर लिया है। तेज रफ्तार और धांसू लुक वाली इलेक्ट्रिक बाइक्स बनाने के लिए जानी जाने वाली इस कंपनी ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में अपना एक नया और बेहद आधुनिक एक्सपीरियंस सेंटर शुरू किया है, जिसे कंपनी ‘यूवी स्पेस स्टेशन’ कहती है। मिड-जून 2026 में शुरू हुआ यह शानदार सेंटर चेन्नई के चेतपेट इलाके में हैरिंगटन रोड पर स्थित है। कंपनी ने इसके लिए जेएमबी मोटर्स के साथ पार्टनरशिप की है। यह चेन्नई में कंपनी का दूसरा और पूरे तमिलनाडु में पांचवां आउटलेट है, जिसके बाद अब पूरे भारत में अल्ट्रावॉयलेट के कुल सेंटर्स की संख्या बढ़कर 42 के करीब पहुंच चुकी है।

इस नए स्पेस स्टेशन का मकसद चेन्नई के उन युवाओं और बाइक लवर्स को एक अनोखा और प्रीमियम अनुभव देना है, जो पेट्रोल छोड़कर हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं। यहां ग्राहकों को सिर्फ गाड़ियां बेची नहीं जाएंगी, बल्कि उन्हें सेल्स, सर्विस और स्पेयर पार्ट्स (3S) का एक कम्पलीट और वर्ल्ड-क्लास एक्सपीरियंस मिलेगा। चेन्नई का ऑटोमोटिव कल्चर हमेशा से बहुत मजबूत रहा है और यहां के लोग नई टेक्नोलॉजी को बहुत तेजी से अपनाते हैं, इसलिए अल्ट्रावॉयलेट के लिए यह शहर बेहद रणनीतिक और महत्वपूर्ण है।

एयरस्पेस से प्रेरित इंजीनियरिंग और ग्लोबल मार्केट का सपना

अल्ट्रावॉयलेट ऑटोमोटिव की शुरुआत साल 2016 में प्रीतम मूर्ति, नारायण सुब्रमण्यम और नीरज राजमोहन ने मिलकर की थी। इन तीनों का सपना भारत में ही ऐसी वर्ल्ड-क्लास और हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बनाना था, जो न सिर्फ भारतीय सड़कों पर धूम मचाएं बल्कि ग्लोबल मार्केट्स में भी विदेशी ब्रैंड्स को कड़ी टक्कर दे सकें। बेंगलुरु में हेडक्वार्टर वाली इस कंपनी को शुरुआत से ही देश-विदेश के बड़े निवेशकों का साथ मिला है, जिसमें टीवीएस मोटर कंपनी, जोहो (Zoho), क्वालकॉम वेंचर्स और हाल ही में टीडीके वेंचर्स की ओर से मिला 21 मिलियन डॉलर का बड़ा फंड शामिल है। इस निवेश की मदद से कंपनी ने अपनी रिसर्च, नई बैटरी टेक्नोलॉजी और अपने रिटेल नेटवर्क को बहुत तेजी से फैलाया है।

कंपनी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी बाइक्स का डिज़ाइन और इंजीनियरिंग फाइटर जेट यानी हवाई जहाजों से प्रेरित होती है। साल 2026 तक आते-आते अल्ट्रावॉयलेट एक छोटे स्टार्टअप से बदलकर भारतीय ईवी बाजार की एक बड़ी ताकत बन चुका है। कंपनी का लक्ष्य भारत के करीब 100 शहरों में अपने यूवी स्पेस स्टेशन खोलने का है। इसके साथ ही कंपनी यूरोप और अन्य विदेशी बाजारों में भी अपनी गाड़ियों को एक्सपोर्ट करने की तैयारी कर चुकी है, जिससे आने वाले सालों में कंपनी की कुल कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा ग्लोबल सेल्स से आने की उम्मीद है।

हैरिंगटन रोड वाले नए स्पेस स्टेशन में क्या है खास

चेतपेट के हैरिंगटन रोड पर खुला यह नया यूवी स्पेस स्टेशन पूरी तरह से एक 3S फैसिलिटी है। इसका मतलब है कि गाड़ी खरीदने से लेकर उसकी सर्विसिंग कराने और ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स पाने के लिए ग्राहकों को कहीं और भटकने की जरूरत नहीं होगी। इस सेंटर के अंदर बहुत ही आकर्षक इंटरैक्टिव डिस्प्ले ज़ोन बनाए गए हैं जहां लोग गाड़ियों के अंदर इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी और बैटरी पैक को करीब से देख सकते हैं। इसके साथ ही यहां आने वाले ग्राहकों के लिए टेस्ट राइड की बेहतरीन व्यवस्था की गई है ताकि वे खुद इस सुपरबाइक की रफ्तार को महसूस कर सकें।

इस सेंटर की एक और बड़ी यूएसपी यहां लगाया गया सुपरनोवा (SuperNova) डीसी फास्ट-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है, जहां ग्राहक अपनी बाइक्स को बहुत ही कम समय में चार्ज कर सकते हैं। चेन्नई के सैदापेट में माउंट रोड पर स्थित पहले सेंटर के बाद यह नया आउटलेट चेन्नई के दूसरे हिस्से के ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। अब शहर के किसी भी कोने में रहने वाले अल्ट्रावॉयलेट ग्राहकों को बेहतरीन और समय पर आफ्टर-सेल्स सर्विस मिल सकेगी।

रफ्तार के शौकीनों के लिए अल्ट्रावॉयलेट का दमदार लाइनअप

Ultraviolette Chennai 3S Experience Centre
Ultraviolette Chennai 3S Experience Centre

अल्ट्रावॉयलेट के पोर्टफोलियो में इस समय सबसे मुख्य आकर्षण उनकी फ्लैगशिप F77 मोटरसाइकिल प्लेटफॉर्म है। यह बाइक अपने स्पोर्टी लुक, आक्रामक डिजाइन और पलक झपकते ही हवा से बात करने वाली रफ्तार के लिए जानी जाती है। ग्राहकों की सुविधा के लिए हमने नीचे दी गई तालिका में अल्ट्रावॉयलेट F77 मैक 2 (F77 Mach 2) के दोनों वेरिएंट्स के मुख्य फीचर्स और कीमतों की तुलना की है।

वेरिएंट और मॉडलबैटरी पैक क्षमताक्लेम की गई रेंज (IDC)अधिकतम रफ्तारपीक पावर और टॉर्कएक्स-शोरूम कीमत की शुरुआत
मैक 2 ओरिजिनल 7.1 kWh211 km तक155 km/h27–35 kW / 90 Nmलगभग ₹3.09 लाख से
मैक 2 रीकॉन 10.3 kWh323 km तक155 km/h30–39 kW / 100 Nmलगभग ₹4.24 लाख तक

कृपया ध्यान दें कि ऊपर दी गई कीमतें केवल शुरुआती एक्स-शोरूम के आधार पर हैं। आपके शहर, चुने गए रंग और एक्सेसरीज के हिसाब से ऑन-रोड कीमतों में बदलाव हो सकता है। असल दुनिया में मिलने वाली रेंज आपके राइडिंग मोड और सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगी।

इस F77 सीरीज़ की सबसे बड़ी खूबी इसका पिकअप है जो सिर्फ 3 सेकंड से भी कम समय में 0 से 60 kmph की रफ्तार पकड़ लेती है। इसमें राइडर्स को अलग-अलग रास्तों के लिए कई राइडिंग मोड्स मिलते हैं। सुरक्षा के लिए इसमें डुअल-चैनल एबीएस और कई परतों वाली सुरक्षा से लैस एडवांस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) दिया गया है। कंपनी इस बाइक की बैटरी पर 5 साल या 100,000 km तक की वारंटी दे रही है, जो इस सेगमेंट में सबसे बेहतरीन है। F77 के अलावा कंपनी के पास X47 क्रॉसओवर सीरीज़ भी है, जो एडवेंचर के शौकीनों के लिए है। इस सीरीज़ के एक नए बेस वेरिएंट को लगभग ₹2.49 लाख की कीमत पर लॉन्च किया गया है। इसके साथ ही कंपनी ने टेसरेक्ट (Tesseract) नाम से एक प्रीमियम मैक्सी-स्कूटर भी पेश किया है जो एक बार चार्ज होने पर 261 km तक की रेंज देता है।

भविष्य की एडवांस टेक्नोलॉजी और कनेक्टेड फीचर्स

अल्ट्रावॉयलेट अपनी बाइक्स में खुद का तैयार किया हुआ SRB-10 बैटरी प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करती है, जिसे सुरक्षा, अधिक कार्यक्षमता और लंबी उम्र के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इस बाइक के अंदर वायलेट एआई (Violette AI) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सपोर्ट मिलता है। यह सिस्टम राइडर को रीयल-टाइम डायग्नोस्टिक्स, सिक्योरिटी अलर्ट और गाड़ी की सेहत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी सीधे उनके मोबाइल ऐप पर देता रहता है। इसके ऐप इकोसिस्टम के जरिए आप घर बैठे ही बाइक की बैटरी का स्टेटस देख सकते हैं, नजदीकी चार्जिंग पॉइंट खोज सकते हैं और अपनी पसंद के हिसाब से सेटिंग्स को कस्टमाइज़ कर सकते हैं।

इस प्रीमियम इलेक्ट्रिक बाइक को ज्यादा से ज्यादा लोगों की पहुंच में लाने के लिए कंपनी ने साल 2026 में बैटरी-अप-ए-सर्विस (BaaS) का विकल्प भी देना शुरू किया है। इस लचीले ओनरशिप मॉडल की वजह से ग्राहकों को शुरुआत में बाइक खरीदते समय पूरी रकम नहीं देनी पड़ती, जिससे बाइक की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है और मंथली प्लान के जरिए बाइक चलाना बेहद किफायती हो जाता है।

भारतीय प्रीमियम इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट का मौजूदा हाल

भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी, पेट्रोल के बढ़ते दाम और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों को तरजीह दे रहे हैं। हालांकि, अभी तक ज्यादातर बाजार कम कीमत वाले और कम स्पीड वाले स्कूटर्स तक ही सीमित था, लेकिन अल्ट्रावॉयलेट जैसी कंपनियों ने इस सोच को बदल दिया है। अब प्रीमियम और स्पोर्टी बाइक्स के शौकीन लोग भी इलेक्ट्रिक की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। तमिलनाडु अपने मजबूत इंडस्ट्रियल बेस और इंजीनियरिंग टैलेंट के कारण हमेशा से ईवी मैन्युफैक्चरिंग और एडॉप्शन में आगे रहा है।

बेशक इस सेगमेंट में अभी भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और पारंपरिक पेट्रोल बाइक्स बनाने वाले बड़े ब्रैंड्स से मुकाबला जैसी चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन अल्ट्रावॉयलेट की यह रणनीति बहुत साफ है। कंपनी बड़े-बड़े फैंसी शोरूम खोलने के बजाय इस तरह के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ खोल रही है जहां लोग खुद आकर नई टेक्नोलॉजी को समझ सकें। जब लोग देखते हैं कि इस बाइक को चलाने का खर्च पेट्रोल बाइक के मुकाबले बहुत कम है और इसमें मेंटेनेंस के नाम पर कोई बड़ा खर्च नहीं है, तो उनका भरोसा इस ब्रैंड पर और ज्यादा मजबूत हो जाता है।

तमिलनाडु के युवाओं और ऑटो मार्केट के लिए एक बड़ा कदम

चेन्नई में इस नए यूवी स्पेस स्टेशन के खुलने से न सिर्फ बाइक लवर्स को अपनी पसंदीदा सुपरबाइक को करीब से देखने का मौका मिलेगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के कई नए अवसर भी पैदा होंगे। इस सेंटर के संचालन के लिए सेल्स एक्जीक्यूटिव्स, हाई-टेक मशीनों को संभालने वाले टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ और ट्रेन्ड सर्विस एक्सपर्ट्स की जरूरत होगी, जिससे स्थानीय युवाओं को नौकरियां मिलेंगी।

अल्ट्रावॉयलेट की यह फाइटर जेट से प्रेरित बाइक्स चेन्नई के ऑटोमोटिव इकोसिस्टम को एक नई और आधुनिक दिशा देने का काम करेंगी। जो ग्राहक अभी तक इस बात को लेकर असमंजस में थे कि क्या एक इलेक्ट्रिक बाइक पेट्रोल बाइक जितनी रफ्तार और रोमांच दे सकती है, उनके लिए यह सेंटर एक परफेक्ट जगह है। यहां आकर वे खुद टेस्ट राइड ले सकते हैं और इस नई क्रांति का हिस्सा बन सकते हैं।

आगे का रास्ता और सफलता की नई उड़ान

चेन्नई में इस नए सेंटर की शुरुआत के साथ अल्ट्रावॉयलेट ने साल 2026 और उसके बाद के लिए अपने बड़े लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। कंपनी का इरादा देश के कोने-कोने तक अपनी पहुंच बनाने के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में भारत का नाम रोशन करने का है। इसके लिए कंपनी लगातार अपने प्रोडक्शन प्लांट की क्षमता को बढ़ा रही है ताकि ग्राहकों को बुकिंग के बाद ज्यादा लंबा इंतजार न करना पड़े।

आने वाले समय में कंपनी कुछ और नए और अनोखे मॉडल्स जैसे ‘शॉकवेव’ को भी बाजार में उतारने की योजना बना रही है। अल्ट्रावॉयलेट का यह सफर इस बात का प्रतीक है कि भारतीय कंपनियां अब सिर्फ दुनिया की नकल नहीं कर रही हैं, बल्कि खुद अपनी बेहतरीन टेक्नोलॉजी के दम पर पूरी दुनिया को एक नई राह दिखा रही हैं। अगर आप भी चेन्नई में रहते हैं और बिना प्रदूषण फैलाए रफ्तार का असली रोमांच महसूस करना चाहते हैं, तो हैरिंगटन रोड स्थित इस नए यूवी स्पेस स्टेशन पर जाना आपके लिए एक बेहद शानदार और यादगार अनुभव साबित हो सकता है।

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