नई आई ग्रीन एसएम इलेक्ट्रिक टैक्सी ने मचाया तहलका, मात्र ₹8 में उठाएं आलीशान सफर का मज़ा

Green SM Taxi Service
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भारतीय टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर बाजार में इस समय सस्टेनेबल मोबिलिटी यानी पर्यावरण के अनुकूल सफर को लेकर एक बहुत बड़ी क्रांति चल रही है। दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते राइड-हेलिंग बाजार में अब प्रदूषण मुक्त सफर को बढ़ावा देने के लिए एक और बड़ा नाम शामिल हो चुका है। वियतनाम की दिग्गज कंपनी ग्रीन एसएम ने भारतीय बाजार में कदम रखते हुए दिल्ली-एनसीआर में अपनी ऑल-इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा को आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। इस सेवा को शुरू हुए अब पूरे 10 दिन का समय बीत चुका है, और सड़कों पर ग्रीन एसएम की इन नीले रंग की गाड़ियों की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है। वियतनाम के सबसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों में से एक, विनग्रुप के सहयोग से चलने वाली यह कंपनी भारतीय ग्राहकों को बिना किसी समझौते के एक प्रीमियम और प्रदूषण मुक्त यात्रा का अनुभव करा रही है। भारत में जहां शहरों के भीतर प्रदूषण एक बहुत गंभीर समस्या है और सरकार भी लगातार शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों को बढ़ावा दे रही है, ऐसे समय में ग्रीन एसएम जैसी बड़ी सर्विस का आना पूरे देश के ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है।

वियतनाम से निकलकर भारतीय सड़कों तक कैसे पहुंची यह इलेक्ट्रिक क्रांति

इस नई सर्विस की शुरुआत की कहानी बेहद दिलचस्प है। ग्रीन एसएम को मार्च 2023 में विनग्रुप के चेयरमैन और अरबपति व्यवसायी फाम न्हात वुओंग द्वारा स्थापित किया गया था। वियतनाम में बेहद कम समय के भीतर अपनी एकतरफा पहचान बनाने के बाद ग्रीन एसएम ने वैश्विक स्तर पर अपने पैर पसारने शुरू किए। लाओस, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे देशों में अपनी धाक जमाने के बाद अब भारत ग्रीन एसएम का पांचवां सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। सड़कों पर पिछले 10 दिन से दौड़ रही यह गाड़ियां भारत के सबसे व्यस्त और प्रदूषण से प्रभावित राजधानी क्षेत्र को ध्यान में रखकर उतारी गई हैं।

शुरुआती चरण के तहत दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा जैसे प्रमुख शहरों में लगभग 1,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों के साथ इस काम को शुरू किया गया है। आने वाले समय में ग्रीन एसएम का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 10,000 वाहनों तक ले जाने का है। सबसे मजेदार बात यह है कि बाजार में पहले से मौजूद अन्य कैब एग्रीगेटर्स की तरह यह कंपनी किसी तीसरे पक्ष की गाड़ियों पर निर्भर नहीं है। ग्रीन एसएम खुद ही इन सभी इलेक्ट्रिक टैक्सियों की मालिक है और इन्हें खुद ही मेंटेन करती है, जिससे राइड की क्वालिटी और यात्रियों की सुरक्षा पर पूरा कंट्रोल बना रहता है।

कैसी है यह नई इलेक्ट्रिक टैक्सी और क्या हैं इसकी खूबियां

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इस पूरी सर्विस के मुख्य आधार के रूप में जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह विनफास्ट लिमो ग्रीन है। यह गाड़ी असल में वीएफ एमपीवी 7 मॉडल पर आधारित एक बेहद आलीशान सात सीटों वाली मल्टी-पर्पज व्हीकल है। इस गाड़ी को भारतीय सड़कों की कठोर हकीकतों और ग्रीन एसएम टैक्सियों की भारी रनिंग को ध्यान में रखकर बेहद मजबूत तरीके से डिजाइन किया गया है। पारिवारिक यात्राओं, एयरपोर्ट ड्रॉप और ग्रुप ट्रैवल के लिहाज से यह कार बेहद व्यावहारिक साबित हो रही है।

आइए बिना किसी उलझन के ग्रीन एसएम की इस नई नवेली इलेक्ट्रिक टैक्सी के सभी मुख्य तकनीकी आंकड़ों, बैटरी क्षमता और रेंज की पूरी जानकारी नीचे दी गई बेहद साफ टेबल के माध्यम से समझते हैं।

गाड़ी के मुख्य फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्सआधिकारिक आंकड़े और पूरी जानकारी
गाड़ी का मॉडल नेमविनफास्ट लिमो ग्रीन (VF MPV 7 आधारित)
बैठने की क्षमता (सीटिंग कैपेसिटी)7 सीटर (2+3+2 कॉन्फ़िगरेशन)
बैटरी पैक की क्षमता और प्रकार60.13 kWh लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP)
इलेक्ट्रिक मोटर की अधिकतम पावरलगभग 201 hp (150 kW)
अधिकतम टॉर्क आउटपुट280 Nm
सिंगल चार्ज में दावा की गई रेंज450 km तक (NEDC साइकिल)
ड्राइवट्रेन का प्रकारफ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD)
गाड़ी की कुल लंबाईलगभग 4740 mm
गाड़ी का व्हीलबेस2840 mm
डीसी फास्ट चार्जिंग सपोर्ट80 kW तक की क्षमता
सुरक्षा फीचर्सइन-बिल्ट कैमरे, इमरजेंसी बटन और एआई मॉनिटरिंग

केबिन के अंदर मिलने वाला लग्जरी अहसास और सफर का नया आनंद

जब आप ग्रीन एसएम की इस गाड़ी के अंदर बैठते हैं, तो आपको किसी साधारण सीएनजी या पेट्रोल कैब की तुलना में बहुत ज्यादा शांत और प्रीमियम माहौल देखने को मिलता है। इलेक्ट्रिक होने की वजह से केबिन के अंदर इंजन की कोई आवाज या वाइब्रेशन बिल्कुल महसूस नहीं होती। गाड़ी के पिछले हिस्से में बैठे यात्रियों के आराम के लिए रियर एसी वेंट्स, मोबाइल चार्जिंग के लिए यूएसबी पोर्ट्स और बेहद आरामदायक कुशन वाली सीटें दी गई हैं।

सुरक्षा के मोर्चे पर भी ग्रीन एसएम की इस टैक्सी के भीतर काफी कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक वाहन में आंतरिक और बाहरी हिस्से पर नजर रखने के लिए विशेष कैमरे लगाए गए हैं, जो किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में सुरक्षा टीम को तुरंत सचेत कर देते हैं। इसके अलावा, यात्रियों के लिए एक आसानी से सुलभ इमरजेंसी बटन भी दिया गया है। एआई-असिस्टेड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए ड्राइवर के व्यवहार और गाड़ी की लाइव लोकेशन पर हर सेकंड नजर रखी जाती है, जिससे रात के समय भी ग्रीन एसएम में सफर करने में महिलाएं और परिवार पूरी तरह से सुरक्षित महसूस कर सकते हैं।

जेब पर नहीं पड़ेगा भारी बोझ और बिना सर्ज प्राइसिंग के मिलेगा पारदर्शी किराया

आज के समय में कैब बुक करते समय आम जनता की सबसे बड़ी शिकायत यही होती है कि बारिश के मौसम में या फिर ऑफिस के व्यस्त समय के दौरान अचानक से किराया दोगुना या तिगुना हो जाता है, जिसे ऑटोमोटिव भाषा में सर्ज प्राइसिंग कहा जाता है। लेकिन ग्रीन एसएम ने ग्राहकों को इस बड़ी मानसिक परेशानी से हमेशा के लिए मुक्ति दिला दी है। कंपनी ने अपनी कीमतों को बेहद पारदर्शी और स्थिर रखा है।

शुरुआती खबरों और पिछले 10 दिन के फीडबैक के अनुसार, ग्रीन एसएम का किराया लगभग ₹8 प्रति km से शुरू होता है, जो कि इसके द्वारा दिए जाने वाले प्रीमियम और आरामदायक अनुभव को देखते हुए बेहद किफायती माना जा रहा है। ग्राहक इसकी बुकिंग कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए, जो कि आईओएस और एंड्रॉइड दोनों पर उपलब्ध है, बड़ी आसानी से कर सकते हैं। इसके अलावा मुख्य व्यावसायिक केंद्रों और सेवा उपलब्ध वाले क्षेत्रों में सीधे गाड़ी को हाथ देकर भी रोका जा सकता है।

ड्राइवरों के लिए निश्चित कमाई और रोजगार का एक नया और बेहतर अवसर

किसी भी टैक्सी सर्विस की असली रीढ़ उसके ड्राइवर पार्टनर्स होते हैं। बाजार में चल रही अन्य कंपनियों में ड्राइवरों को खुद की गाड़ी खरीदने के लिए बैंक से भारी लोन लेना पड़ता है, और उसके बाद हर महीने उसकी भारी ईएमआई चुकानी पड़ती है। इसके ऊपर से सीएनजी और पेट्रोल की बढ़ती कीमतें उनकी दैनिक कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा खा जाती हैं।

ग्रीन एसएम ने इस पूरे मॉडल को बदल कर रख दिया है। चूंकि सभी गाड़ियां खुद कंपनी की हैं, इसलिए ड्राइवरों पर गाड़ी के मेंटेनेंस या लोन चुकाने का कोई मानसिक तनाव नहीं होता। शुरुआती तौर पर ग्रीन एसएम के ड्राइवरों को प्रति महीने ₹35,000 से लेकर ₹50,000 तक की न्यूनतम गारंटीड कमाई का भरोसा दिया जा रहा है, जो उनके काम के प्रदर्शन और मिलने वाले इंसेंटिव के आधार पर और भी बढ़ सकती है। इसके साथ ही ड्राइवरों को इलेक्ट्रिक वाहनों को संभालने, सुरक्षित ड्राइविंग करने और ग्राहकों के साथ अच्छा व्यवहार करने के लिए विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

भारतीय कमर्शियल ईवी बाजार की मौजूदा स्थिति और भविष्य की राह

भारत का राइड-हेलिंग बाजार दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है, लेकिन अभी तक व्यावसायिक क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी बहुत कम रही है। इसके पीछे मुख्य कारण शुरुआती ऊंची कीमत और शहरों में चार्जिंग स्टेशनों की कमी होना है। हालांकि, पिछले कुछ समय में देश के भीतर चार्जिंग बुनियादी ढांचे में काफी तेजी से सुधार हुआ है, खासकर दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े महानगरों में जहां पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछ चुका है।

ग्रीन एसएम की इस बड़ी गाड़ी में 80 kW तक की डीसी फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है, जिसका मतलब है कि दिनभर के लंबे सफर के दौरान या दोपहर के भोजन के समय इस गाड़ी को बहुत ही कम समय के भीतर दोबारा काम पर निकलने लायक चार्ज किया जा सकता है। यह तकनीक गाड़ी के बंद रहने वाले समय को कम करती है जिससे कंपनी और ड्राइवर दोनों को ही अधिक मुनाफा कमाने का मौका मिलता है।

क्या यह सर्विस भारत के पारंपरिक कैब मार्केट की पूरी तस्वीर बदल पाएगी

इस पूरे विश्लेषण के बाद यह साफ तौर पर कहा जा सकता है कि भारतीय सड़कों पर पिछले 10 दिन से चल रहा ग्रीन एसएम का यह नया प्रयोग भविष्य के यातायात की एक बहुत ही सुंदर और साफ तस्वीर दिखाता है। हर रोज दफ्तर आने-जाने वाले लोगों के लिए, जो हर दिन कैब कैंसिल होने की समस्या, गंदे केबिन और मनमाने किराए से परेशान हो चुके थे, उनके लिए ग्रीन एसएम एक बेहद सुखद और ताज़ा हवा के झोंके जैसी है।

आने वाले महीनों में कंपनी का प्लान दिल्ली-एनसीआर से बाहर निकलकर देश के अन्य बड़े तकनीकी केंद्रों और महानगरों जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई में भी अपने पैर पसारने का है। जैसे-जैसे ग्रीन एसएम और ज्यादा शहरों में फैलेगी, वैसे-वैसे भारतीय सड़कों पर प्रदूषण के स्तर में एक बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर के इलाके में रहते हैं और रोज़मर्रा के सफर के लिए एक शांत, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल गाड़ी की तलाश में हैं, तो आपको ग्रीन एसएम की इस नई ऐप-बेस्ड इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस को एक बार जरूर आजमाना चाहिए।

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