भारत में हाइब्रिड तकनीक की मांग पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से बढ़ी है। मारुति सुजुकी और टोयोटा की सफलता को देखते हुए अब अन्य दिग्गज कार निर्माता कंपनियां भी अपने सबसे लोकप्रिय मॉडल्स में हाइब्रिड इंजन शामिल करने की तैयारी कर रही हैं। साल 2027 तक भारत की तीन सबसे पसंदीदा एसयूवी गाड़ियां हाइब्रिड अवतार में नजर आएंगी। यह बदलाव न केवल ईंधन की बचत करेगा बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर साबित होगा।
रेनॉल्ट डस्टर हाइब्रिड की वापसी
तीसरी पीढ़ी की रेनॉल्ट डस्टर ने पहले ही बाजार में हलचल मचा दी है और अब कंपनी ने इस साल की चौथी तिमाही तक इसका हाइब्रिड वर्जन लाने की पुष्टि कर दी है। इस एसयूवी में 1.8 लीटर का डायरेक्ट इंजेक्शन पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है जिसे एक इलेक्ट्रिक मोटर के साथ जोड़ा जाएगा। यह सेटअप कुल 156 hp की पावर और 172 Nm का टॉर्क पैदा करेगा। रेनॉल्ट का दावा है कि शहर में इसे 80 प्रतिशत समय केवल इलेक्ट्रिक मोड पर चलाया जा सकेगा जिससे पेट्रोल की खपत में 40 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
किया सेल्टोस का नया हाइब्रिड अवतार

किया मोटर्स ने अपने 2026 के सीईओ इन्वेस्टर डे के दौरान यह स्पष्ट कर दिया है कि वे 2027 और 2029 के बीच अपने तीन प्रमुख मॉडल्स सेल्टोस, कैरेंस और सोनेट में हाइब्रिड विकल्प पेश करेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार किया सेल्टोस हाइब्रिड भारत में साल 2027 की शुरुआत में दस्तक दे सकती है। कंपनी भारत के लिए विशेष रूप से 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन और स्थानीय रूप से निर्मित इलेक्ट्रिक मोटर का उपयोग कर सकती है जिससे इसकी कीमत को किफायती रखने में मदद मिलेगी।
हुंडई क्रेटा हाइब्रिड का इंतजार
भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली मिड साइज एसयूवी हुंडई क्रेटा भी अब हाइब्रिड तकनीक से लैस होने वाली है। अगली पीढ़ी की हुंडई क्रेटा साल 2027 में लॉन्च होने की उम्मीद है और यह भारत में हुंडई का पहला हाइब्रिड मॉडल हो सकता है। जानकारों का मानना है कि क्रेटा में वही हाइब्रिड पावरट्रेन इस्तेमाल किया जाएगा जो किया सेल्टोस हाइब्रिड में देखने को मिलेगा। इससे ग्राहकों को बेहतरीन माइलेज और स्मूथ ड्राइविंग का अनुभव मिलेगा।
हाइब्रिड एसयूवी के मुख्य फायदे
इन नई हाइब्रिड गाड़ियों के आने से ग्राहकों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलने वाले हैं:
- शहर के भारी ट्रैफिक में 80 प्रतिशत तक इलेक्ट्रिक मोड पर चलने की क्षमता।
- ईंधन की खपत और पेट्रोल के खर्च में 40 प्रतिशत तक की बड़ी बचत।
- एक बार फुल टैंक करवाने पर 1,000 Km तक की लंबी दूरी तय करने की सुविधा।
- स्थानीय स्तर पर निर्माण होने के कारण रखरखाव और मरम्मत का खर्च कम होना।
- हाइब्रिड तकनीक के कारण इंजन का शोर कम होगा और सफर अधिक आरामदायक बनेगा।
नई आने वाली हाइब्रिड एसयूवी का तुलनात्मक विवरण
नीचे दी गई तालिका इन तीनों एसयूवी की संभावित खूबियों को दर्शाती है:
| एसयूवी का नाम | संभावित लॉन्च समय | इंजन क्षमता | मुख्य खासियत |
| रेनॉल्ट डस्टर हाइब्रिड | 2026 की चौथी तिमाही | 1.8 लीटर पेट्रोल | 1,000 Km की कुल रेंज |
| किया सेल्टोस हाइब्रिड | 2027 की शुरुआत | 1.5 लीटर पेट्रोल | स्थानीय रूप से निर्मित मोटर |
| हुंडई क्रेटा हाइब्रिड | साल 2027 | 1.5 लीटर पेट्रोल | हुंडई की पहली हाइब्रिड कार |
ऑटोमोबाइल बाजार में हाइब्रिड का भविष्य
हाइब्रिड तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसके लिए इलेक्ट्रिक कारों की तरह चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। यह तकनीक उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो लंबी दूरी की यात्रा करते हैं और बार-बार पेट्रोल पंप जाने से बचना चाहते हैं। मारुति और टोयोटा के बाद अब रेनॉल्ट, किया और हुंडई का इस क्षेत्र में उतरना यह साबित करता है कि आने वाला समय हाइब्रिड वाहनों का ही है।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
- क्या हाइब्रिड कारों को बाहर से चार्ज करने की जरूरत होती है?
- नहीं, हाइब्रिड कारें चलते समय खुद ही अपनी बैटरी चार्ज कर लेती हैं, इन्हें इलेक्ट्रिक कारों की तरह प्लग लगाने की जरूरत नहीं होती।
- रेनॉल्ट डस्टर हाइब्रिड का माइलेज कितना होगा?
- कंपनी के अनुसार यह शहर में 80 प्रतिशत इलेक्ट्रिक मोड पर चलेगी जिससे ईंधन खर्च में 40 प्रतिशत की कमी आएगी और यह 1,000 Km की रेंज दे सकती है।
- किया सेल्टोस हाइब्रिड भारत में कब लॉन्च होगी?
- किया सेल्टोस हाइब्रिड के साल 2027 की पहली तिमाही तक भारतीय बाजार में आने की पूरी संभावना है।
- क्या हाइब्रिड एसयूवी सामान्य कारों से महंगी होंगी?
- हाइब्रिड कारों की शुरुआती कीमत सामान्य पेट्रोल कारों से थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन ईंधन की बचत के कारण लंबे समय में यह सस्ती पड़ती हैं।
- हुंडई क्रेटा हाइब्रिड में कौन सा इंजन मिलेगा?
- उम्मीद है कि इसमें 1.5 लीटर का पेट्रोल हाइब्रिड इंजन मिलेगा जो किया सेल्टोस हाइब्रिड जैसा ही होगा।










