हुंडई ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए अपनी नई एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कार, हुंडई आयोनिक 3 को पेश किया है। हालांकि अभी इसके भारत में लॉन्च होने की संभावना कम है, लेकिन इस कार के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन भारत में बिकने वाली हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक से काफी मिलते-जुलते हैं। हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक भारत में कंपनी की सबसे सस्ती और लोकप्रिय इलेक्ट्रिक एसयूवी में से एक है। ऐसे में यह जानना बेहद दिलचस्प है कि अगर इन दोनों कारों का मुकाबला हो, तो कौन किस पर भारी पड़ेगा। आइए विस्तार से समझते हैं कि हुंडई आयोनिक 3 और हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक के बीच मुख्य अंतर क्या हैं।
हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक और आयोनिक 3 के आकार में अंतर
डिजाइन और डायमेंशन के मामले में दोनों कारों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिलता है। हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक की लंबाई 4,340 mm और ऊंचाई 1,655 mm है, जो इसे हुंडई आयोनिक 3 से काफी बड़ा और ऊंचा बनाती है। हुंडई आयोनिक 3 की लंबाई 4,155 mm से 4,170 mm के बीच है। हालांकि, हुंडई आयोनिक 3 का व्हीलबेस 2,680 mm है, जो हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक के 2,610 mm व्हीलबेस से 70 mm ज्यादा है। ज्यादा व्हीलबेस होने के कारण हुंडई आयोनिक 3 के अंदर केबिन में बेहतर जगह मिलने की उम्मीद है। बूट स्पेस के मामले में हुंडई आयोनिक 3 में 441 लीटर की जगह है, जबकि हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक में 433 लीटर का स्पेस मिलता है।
पावरट्रेन और बैटरी पैक की तुलना

दोनों ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों में दो बैटरी पैक के विकल्प दिए गए हैं और दोनों ही फ्रंट-व्हील-ड्राइव (FWD) सेटअप के साथ आती हैं। हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक में 42 kWh और 51.4 kWh के बैटरी विकल्प मिलते हैं, वहीं हुंडई आयोनिक 3 में 42.2 kWh और 61 kWh के बड़े बैटरी पैक दिए गए हैं। पावर की बात करें तो हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक का बड़ा बैटरी वर्जन 171 hp की ताकत और 255 Nm का टॉर्क पैदा करता है। इसके मुकाबले हुंडई आयोनिक 3 का टॉप मॉडल 147 hp की पावर और 250 Nm का टॉर्क देता है। रफ्तार के मामले में हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक आगे है, क्योंकि यह मात्र 7.9 सेकंड में 0-100 kmph की स्पीड पकड़ लेती है, जबकि हुंडई आयोनिक 3 को इतनी ही रफ्तार पाने में 9.0 से 9.6 सेकंड का समय लगता है।
रेंज और ड्राइविंग क्षमता का मुकाबला
रेंज के आंकड़ों को सीधे तौर पर तुलना करना थोड़ा कठिन है क्योंकि हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक की रेंज ARAI मानकों पर आधारित है, जबकि हुंडई आयोनिक 3 की रेंज WLTP साइकिल पर आधारित है। हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक की अधिकतम रेंज 510 km (ARAI) है। हुंडई आयोनिक 3 की प्रोजेक्टेड रेंज 496 km (WLTP) है। अगर हम WLTP को भारतीय मानकों (ARAI) के अनुसार बदलें, तो हुंडई आयोनिक 3 का 61 kWh वाला मॉडल लगभग 600 km की रेंज दे सकता है। इसका मतलब है कि लंबी दूरी तय करने के मामले में हुंडई आयोनिक 3 ज्यादा बेहतर साबित हो सकती है।
डिजाइन और लुक्स, कौन है ज्यादा आकर्षक?
भारतीय बाजार में अब ग्राहक ऐसी इलेक्ट्रिक कारें पसंद कर रहे हैं जिनका लुक पारंपरिक पेट्रोल कारों से अलग और भविष्यवादी हो। हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक का डिजाइन काफी हद तक रेगुलर क्रेटा जैसा ही है, जो ग्राहकों को ज्यादा आकर्षित नहीं कर पा रहा है। मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, हुंडई ने भारत में केवल 476 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचीं। इसके विपरीत, महिंद्रा एक्सईवी 9ई और बीई 6 जैसी आधुनिक दिखने वाली कारों की बिक्री काफी ज्यादा रही। हुंडई आयोनिक 3 का डिजाइन बहुत ही बोल्ड और आधुनिक है, जो भारतीय सड़कों पर लोगों का ध्यान खींचने में सक्षम है।
क्या हुंडई को आयोनिक 3 भारत में लॉन्च करनी चाहिए?
हुंडई आयोनिक 3 की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 31 लाख रुपये (टैक्स के बिना) के आसपास हो सकती है। भारत में हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक की कीमत 18.02 लाख से 23.67 लाख रुपये के बीच है। यदि हुंडई इस कार का उत्पादन भारत में ही शुरू करती है, तो इसकी कीमत को प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है। जिस तरह से भारतीय ग्राहक बोल्ड डिजाइन वाली इलेक्ट्रिक कारों जैसे एमजी विंडर ईवी और हुंडई आयोनिक 5 को पसंद कर रहे हैं, उसे देखते हुए हुंडई आयोनिक 3 भारत के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। पेपर पर इसके स्पेसिफिकेशन काफी मजबूत नजर आते हैं और यह इलेक्ट्रिक मार्केट में हुंडई की स्थिति को और बेहतर बना सकती है।









